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Himachal News: एक फॉरवर्ड पड़ सकता है भारी! फेक न्यूज और अफवाहों को लेकर हिमाचल पुलिस की दो टूक चेतावनी
Mon, 10 Aug 2026 09:28 AM IST
Ankesh Dogra
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 10 Aug 2026 09:28 AM IST
सार
हिमाचल पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी खबर और भ्रामक सूचना प्रसारित करने को लेकर लोगों को सतर्क किया है। पुलिस ने अपील की है कि सरकारी आदेश, मौसम चेतावनी, पुलिस कार्रवाई, आपदा और भर्ती से जुड़ी जानकारी बिना पुष्टि आगे न भेजें। पुरानी तस्वीर, एडिटेड वीडियो और फर्जी स्क्रीनशॉट से भी सावधान रहने को कहा गया है। डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल पुलिस की चेतावनी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
सोशल मीडिया के दौर में किसी खबर, तस्वीर या वीडियो को एक क्लिक में हजारों लोगों तक पहुंचाना आसान हो गया है। इसी तेजी के बीच फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार की चुनौती भी बढ़ी है। हिमाचल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। गलत या भ्रामक सूचना कई बार लोगों में भय, तनाव और अफरा-तफरी की स्थिति पैदा कर सकती है।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले यह जरूर देखें कि सूचना किस वेबसाइट, संस्था या व्यक्ति की ओर से जारी की गई है। सरकारी आदेश, मौसम चेतावनी, पुलिस कार्रवाई, आपदा, भर्ती और अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़ी जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित सोशल मीडिया अकाउंट से करनी चाहिए।
पुलिस के मुताबिक किसी सूचना को केवल इसलिए सही नहीं मान लेना चाहिए क्योंकि उसे कोई परिचित व्यक्ति भेज रहा है या वह बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। महत्वपूर्ण जानकारी को एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से मिलाना जरूरी है।
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पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी खबर को साझा करने से पहले यह जरूर देखें कि सूचना किस वेबसाइट, संस्था या व्यक्ति की ओर से जारी की गई है। सरकारी आदेश, मौसम चेतावनी, पुलिस कार्रवाई, आपदा, भर्ती और अन्य संवेदनशील मामलों से जुड़ी जानकारी की पुष्टि संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित सोशल मीडिया अकाउंट से करनी चाहिए।
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पुलिस के मुताबिक किसी सूचना को केवल इसलिए सही नहीं मान लेना चाहिए क्योंकि उसे कोई परिचित व्यक्ति भेज रहा है या वह बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। महत्वपूर्ण जानकारी को एक से अधिक विश्वसनीय स्रोतों से मिलाना जरूरी है।
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तस्वीर और वीडियो पर भी रखें सावधानी
फर्जी सूचना केवल लिखी हुई खबर के रूप में ही नहीं फैलती। पुरानी तस्वीर को किसी नई घटना से जोड़कर या संपादित वीडियो को वास्तविक घटना बताकर भी लोगों को गुमराह किया जा सकता है। इसी तरह स्क्रीनशॉट के जरिए भी गलत सूचना प्रसारित की जा सकती है। इसलिए किसी तस्वीर, वीडियो या स्क्रीनशॉट को आगे बढ़ाने से पहले उसके स्रोत और संदर्भ की जांच करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जानबूझकर झूठी सूचना या अफवाह फैलाने की हर स्थिति स्वतः अपराध नहीं बनती। हालांकि, यदि किसी सूचना का प्रसार कानून में निर्धारित परिस्थितियों को पूरा करता है और उससे सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा या लोगों में भय जैसी स्थिति पैदा होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
डीजीपी ने की जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील
डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी संदेश को सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ाना चाहिए क्योंकि उसे किसी परिचित ने भेजा है या बड़ी संख्या में लोग साझा कर रहे हैं। संदिग्ध सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी तथ्य-जांच करनी चाहिए और केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करनी चाहिए।
फर्जी सूचना केवल लिखी हुई खबर के रूप में ही नहीं फैलती। पुरानी तस्वीर को किसी नई घटना से जोड़कर या संपादित वीडियो को वास्तविक घटना बताकर भी लोगों को गुमराह किया जा सकता है। इसी तरह स्क्रीनशॉट के जरिए भी गलत सूचना प्रसारित की जा सकती है। इसलिए किसी तस्वीर, वीडियो या स्क्रीनशॉट को आगे बढ़ाने से पहले उसके स्रोत और संदर्भ की जांच करने की सलाह दी गई है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जानबूझकर झूठी सूचना या अफवाह फैलाने की हर स्थिति स्वतः अपराध नहीं बनती। हालांकि, यदि किसी सूचना का प्रसार कानून में निर्धारित परिस्थितियों को पूरा करता है और उससे सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा या लोगों में भय जैसी स्थिति पैदा होती है, तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
डीजीपी ने की जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील
डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी संदेश को सिर्फ इसलिए आगे नहीं बढ़ाना चाहिए क्योंकि उसे किसी परिचित ने भेजा है या बड़ी संख्या में लोग साझा कर रहे हैं। संदिग्ध सामग्री को आगे प्रसारित करने के बजाय उसकी तथ्य-जांच करनी चाहिए और केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करनी चाहिए।