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Himachal Weather: हिमाचल में बारिश से राहत नहीं, 17-18 अगस्त को इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
Sun, 16 Aug 2026 09:47 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 16 Aug 2026 09:47 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 17 और 18 अगस्त को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कांगड़ा, बिलासपुर, चंबा, मंडी, हमीरपुर और सिरमौर के कुछ हिस्सों में ज्यादा असर की संभावना है। भारी बारिश के बीच भूस्खलन, फ्लैश फ्लड, जलभराव और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचलम मौसम अपडेट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में मानसून अभी थमने के मूड में नहीं है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने अगले कई दिनों के लिए भी बारिश की संभावना जताई है। 15 अगस्त को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। कांगड़ा के गुलेर में सबसे अधिक 13 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। कांगड़ा एयरो और हमीरपुर के नादौन में 10-10 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
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17-18 अगस्त को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को हिमाचल में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सप्ताह के बाकी दिनों में भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 17 और 18 अगस्त को हिमाचल में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसी दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। सप्ताह के बाकी दिनों में भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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जिला स्तर पर भी कई क्षेत्रों के लिए बारिश का संकेत दिया गया है। बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी में 17-18 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। हमीरपुर और सिरमौर में भी 17 अगस्त को भारी तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
बारिश के साथ बढ़ेगा भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
लगातार बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा खिसकने की आशंका जताई है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ सकता है। नदियों, नालों और अन्य जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की समस्या भी पैदा हो सकती है। बारिश के दौरान कम दृश्यता और फिसलन के कारण वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है। ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है और खेती-बागवानी को भी स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका है।
लगातार बारिश का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा खिसकने की आशंका जताई है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ सकता है। नदियों, नालों और अन्य जल निकायों में जलस्तर और बहाव बढ़ने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर फिसलन की समस्या भी पैदा हो सकती है। बारिश के दौरान कम दृश्यता और फिसलन के कारण वाहन चालकों के लिए भी परेशानी बढ़ सकती है। ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है और खेती-बागवानी को भी स्थानीय स्तर पर नुकसान की आशंका है।
पहाड़ी जिलों में तेज हवाओं और बिजली का भी खतरा
मौसम विभाग ने 15 से 21 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में भी इस दौरान आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास अनावश्यक रूप से रुकने से बचना जरूरी होगा। खासकर बारिश और गरज-चमक के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने 15 से 21 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में भी इस दौरान आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास अनावश्यक रूप से रुकने से बचना जरूरी होगा। खासकर बारिश और गरज-चमक के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने से लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अभी पूरी तरह नहीं बदलेगा तापमान
बारिश के बावजूद अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान भी सामान्य रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद दो से तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। बीते 24 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान करीब 12 से 16 डिग्री, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 14 से 23 डिग्री और निचले पहाड़ी व मैदानी इलाकों में 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
बारिश के बावजूद अगले चार से पांच दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान भी सामान्य रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद दो से तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। बीते 24 घंटों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान करीब 12 से 16 डिग्री, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 14 से 23 डिग्री और निचले पहाड़ी व मैदानी इलाकों में 22 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
बारिश में सफर करने से पहले ये बातें जरूर रखें ध्यान
मौसम विभाग ने भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। जलभराव वाले इलाकों में भी अनावश्यक आवाजाही न करने और नदियों, धाराओं व नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यानी आने वाले दिनों में हिमाचल घूमने, लंबी यात्रा करने या पहाड़ी इलाकों में आवाजाही करने वालों को मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर 17 और 18 अगस्त को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह जरूर देखना बेहतर रहेगा।
मौसम विभाग ने भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। जलभराव वाले इलाकों में भी अनावश्यक आवाजाही न करने और नदियों, धाराओं व नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने को कहा गया है। वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। यानी आने वाले दिनों में हिमाचल घूमने, लंबी यात्रा करने या पहाड़ी इलाकों में आवाजाही करने वालों को मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर 17 और 18 अगस्त को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट और प्रशासन की सलाह जरूर देखना बेहतर रहेगा।