फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

यहां 601 मतदाताओं ने किया चुनाव का बहिष्कार, तो इस बूथ पर नहीं पड़ा एक भी वोट

Fri, 10 Nov 2017 12:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा/धर्मपुर (मंडी)
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा/धर्मपुर (मंडी) Updated Fri, 10 Nov 2017 12:54 PM IST
विज्ञापन
himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

हिमाचल विधानसभा चुनाव में जहां हर उम्र के लोगों में मतदान के लिए भारी उत्साह दिखा, वहीं कई क्षेत्रों में नेताओं के झूठे वादों से उखड़े मतदाताओं ने चुनाव का ब‌हिष्कार किया। 

विज्ञापन



ग्राम पंचायत मंगला के तहत टपूण पोलिंग बूथ के ज्यादातर मतदाताओं ने मतदान का बहिष्कार किया। पोलिंग बूथ में 671 वोटों में से मात्र 70 मतदाताओं ने ही मतदान दिया। जबकि 601 मतदाताओं ने वोट डालने से इंकार कर दिया। 
विज्ञापन



लोगों में आज भी मूलभूत मांगे पूरी न होने पर गुस्सा भरा पड़ा है। लोगों का कहना है कि हर बार उन्हें वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। मगर अब तक क्षेत्र के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों की मुख्य समस्याएं सड़क, बिजली और पानी की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



मतदाताओं का कहना है कि 2012 और अब के विस चुनावों में उतरे प्रत्याशी यहां लोगों से वोट की अपील करने तक नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि मंगला से टपूण के लिए दस किलोमीटर सड़क बननी थी। मगर पिछले दस सालों में महज दो किलोमीटर कच्ची सड़क बनी है। 


इसके अलावा धार से बाड़ी वाया बरोंटा के लिए भी सड़क का निर्माण होना था। मगर सर्वे के सिवा आज दिन तक कुछ नहीं हो पाया है। इसी बात को लेकर मतदाताओं ने विस चुनावों का बहिष्कार किया है। 


पोलिंग ऑफिसर संजय कुमार ने बताया कि टपूण पोलिंग बूथ में 70 मतदाताओं ने ही मतदान किया है। जबकि 601 मतदाताओं ने चुनावों का बहिष्कार किया है। इसमें 671 मतदाता मतदान करने वाले थे।

मूलभूत सुविधाएं न मिलने पर चुनावों का बहिष्कार

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

मूलभूत सुविधाएं न मिलने के कारण नेताओं से उखड़े संधोल के चतरौण और घनाला बूथ के वोटरों ने चुनावों का बहिष्कार किया है। वीरवार को लोकतंत्र के सबसे बड़े मतदान रूपी पर्व में वोट डालने की बजाय मतदाता दिहाड़ी लगाने और खेतों में व्यस्त दिखे।

चतरौण में 539 मतदाताओं में से एक ने भी वोट नहीं डाला। जबकि घनाला में 391 में से 23 मत पड़े हैं। बेहतर सड़क, यातायात के लिए पिछले करीब 20 सालों से इन क्षेत्रों के लोग संघर्ष कर रहे हैं।

लेकिन न तो नेताओं और न ही प्रशासन ने इनकी सुनी और अब लोगों ने मतदान के अधिकार से ही किनारा कर लिया। लोगों का कहना है कि प्रशासन के माध्यम से कई बार सरकार को समस्याओं को लेकर अवगत करवाया,

लेकिन जब कोई कार्य नहीं हुआ तो लोगों ने बहिष्कार करने का निर्णय लिया। जिन गांव के लोगों ने वोट नहीं डाले हैं उनमें चतरौण, मसोत, कन्द्रोह, बांह और सेड के लोग शामिल हैं।

आज तक कच्ची सड़क
बहिष्कार समिति के अध्यक्ष अध्यक्ष मान सिंह समेत लोगों में कलीराम, वीर सिंह, शंभू राम, संत राम, टेक चंद, कौल सिंह ने कहा कि कोठवां नेरी वाया चतरौण सड़क 20 वर्ष पहले बनाई गई है जो आज दिन तक पक्की नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि हल्की सी भी बरसात होने पर यह सड़क बंद हो जाती है जिससे बच्चों, बुजुर्गों और खासकर गर्भवती महिलाओं को बड़ी मुश्किल से मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है। इसके लिए पालकी का सहारा लेना पड़ता है।

यह समस्याएं भी गिनाईं

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

पिछले 3 दशकों से डेढ़ दर्जन पंचायतों के केंद्र संधोल विकास के क्षेत्र में उपेक्षित रहा है। अस्पताल में स्टाफ नहीं है। क्षेत्र की सभी सड़कें कच्ची हैं, सबसे पुरानी तहसील के पटवार सर्किल को काटकर इसे महज पटवारखाना बना दिया है। नये बस रूट तो दूर पुराने बस रूटों जिसमें करीब एक दर्जन बस रूटों पर चलने वाली बसों को बंद कर दिया है।

प्रशासन की कोशिश रही नाकाम
बहिष्कार का नोटिस पहले ही ग्रामीणों ने प्रशासन को दे दिया था। एसडीएम धर्मपुर मुकेश रेस्पवाल एवं एडीसी अश्वनी चौधरी ने लोगों से संपर्क करके मतदान की अपील की लेकिन, वह नहीं मानें। वीरवार को मतदान के दिन लोग अपने अपने निजी कार्यों तथा दिहाड़ी में व्यस्त रहे। उधर, उपायुक्त मंडी मदन चौहान ने कहा कि ग्रामीणों से अपील की गई थी, लेकिन मत का प्रयोग नहीं किया।

चतरौण बूथ का विवाद पुलिस तक पहुंचा, बीएलओ बेहोश

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

चतरौण बूथ में मतदान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। बीएलओ का आरोप है कि कोई भी वोटर न आने पर उससे जबरन मतदान करवाया गया। जिससे वह बेहोश हो गईं। सूचना के बाद 108 के माध्यम से उसे अस्पताल लाया गया।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर कुछ देर के लिए मतदान केंद्र में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। उधर, जांच अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि शिकायत मिली है। आब्जर्वर पर जबरन वोट करवाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले में जांच कर रही है।

चुराह में सौ वोटरों का नाम सूची से गायब

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

विधानसभा क्षेत्र चुराह में सौ के करीब मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने से महरूम रह गए। इसकी वजह यह रही कि इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब थे।

यह मतदाता ग्राम पंचायत करेरी, कल्हेल, चरोड़ी, बैरागढ़, देवीकोठी, झज्जाकोठी सनवाल, खुशनगरी, चांजू और देहरा से संबंध रखते हैं। मतदाता सूची में नाम न होने पर निराशा मतदाताओं ने बताया कि वे सुबह मतदान के लिए निकले थे।

मगर वहां विभिन्न दलों के लगे के कार्यकर्त्ताओं ने जब मतदाता सूची में नाम तलाशा। लेकिन उनका नाम नहीं मिल पाया। मतदाताओं में राजकुमार, उत्तम दास, परमेश कुमार, रमेश कुमार, धर्मुुुराम, गिंदो सिंह, प्यार सिंह, भगत राम, जयराम, योगराज ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले हुए पंचायत चुनावों में मतदान किया था।

पंचायत चुनावों के दौरान उनका नाम सूची में था। मगर वे इस बात से हैरान है कि दो सालों में ही उनका नाम मतदाता सूची से कैसे गायब हो गया। कुल मिलाकर विधानसभा चुनावों में मतदान न करने से वे निराश है।

आधा दर्जन नवविवाहिता भी नहीं कर पाई मतदान 

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election
वहीं, क्षेत्र में करीब आधा दर्जन नवविवाहित महिलाएं भी मत न बनने के चलते मतदान नहीं कर पाई है। नव विवाहित महिलाओं में रेखा देवी, भारती देवी, संतोष कुमारी, सपना कुमारी और रीना देवी ने बताया कि उनकी शादी बीते डेढ़ सालों में हुई है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद उनका नया वोट बनना था। मगर ऐसा नहीं हो पाया। प्रशासन के तैनात किए गए बूथ लेवल अधिकारी उनके घर नहीं पहुंचे। 

इक्का-दुक्का शिकायतें मिली है : एसडीएम तीसा 
एसडीएम तीसा हेमचंद वर्मा ने बताया कि इस बारे कुछ सूचनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से कई बार लोगों से मत बनाने का आग्रह किया गया। मगर लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि आगामी समय में बेहतर प्रयास किए जाएंगे।

मतदान करके लौट रहे बुजुर्ग की गिरकर मौत 

himachal pradesh election voter in chamba and mandi boycotted election

होली क्षेत्र के तहत ग्राम पंचायत गरोला के रहने वाले बुजुर्ग की मतदान करने के बाद घर वापस आते समय गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान गजो राम उम्र 64 निवासी गांव बासंदा के रूप में हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भरमौर अस्पताल ले जाया गया है। जानकारी के अनुसार गजो राम वोट डालने के लिए स्वाई पोलिंग बूथ में गया था। यहां गजो राम ने मताधिकार का प्रयोग किया और वापस घर की राह पकड़ी। घर के समीप पहुंचते ही गजो राम का पांव फिसल गया।

इसके चलते वह खाई में जा गिरा। इसके बाद लोगों ने गजो राम को उठाया। मगर तब तक गजो राम की मौत हो चुकी थी। लोगों ने गजो राम के परिजनों को सूचित किया। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को भरमौर अस्पताल ले जाया गया। एएसपी चंबा वीरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पैर फिसलने से एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed