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Himachal Pre Monsoon Damage Report 2026: प्री-मानसून सीजन में 29.84 करोड़ रुपये का नुकसान, 128 लोगों की मौत
Wed, 01 Jul 2026 11:16 AM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:16 AM IST
सार
Himachal Pre Monsoon Damage Report 2026: हिमाचल प्रदेश में 1 मार्च से 30 जून 2026 के बीच प्री-मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से 29.84 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस अवधि में 128 लोगों और 398 पशुओं की मौत दर्ज की गई, जबकि 667 लोग घायल हुए। शिमला जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। अलग आंकड़ों में सड़क हादसों में 270 लोगों की मौत भी दर्ज की गई।
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हिमाचल मानसून 2026
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की 1 जुलाई 2026 तक की संचयी रिपोर्ट के अनुसार, 1 मार्च से 30 जून 2026 के बीच प्रदेश में आपदाओं से करीब 2,984.27 लाख रुपये (29.84 करोड़ रुपये) का नुकसान दर्ज किया गया है। इसी अवधि में 128 लोगों की मौत हुई है, जबकि 667 लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट देखें
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रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक आपदाओं में 398 पशुओं की मौत हुई है। निजी संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस दौरान 1,592 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 354 गोशालाएं, 21 दुकानें, 8 श्रमिक शेड, 22 घराट एवं श्मशान घाट और 47 फसलों से जुड़े नुकसान दर्ज किए गए हैं।
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आर्थिक नुकसान के मामले में शिमला जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 732.83 लाख रुपये की क्षति दर्ज की गई। इसके बाद कुल्लू में 426 लाख रुपये, सोलन में 464 लाख रुपये, चंबा में 285.32 लाख रुपये और मंडी में 263.29 लाख रुपये का नुकसान दर्ज हुआ।
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रिपोर्ट के अनुसार, प्री-मानसून अवधि में विभिन्न कारणों से हुई 128 मौतों में सबसे अधिक 75 लोगों की मौत पेड़ या खड़ी चट्टान से गिरने की घटनाओं में हुई। इसके अलावा 30 लोगों की मौत आग, 11 अन्य कारणों, 5 करंट लगने, 4 सांप के काटने, 2 बिजली गिरने और 1 डूबने की घटना में हुई।
अलग से दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में सड़क दुर्घटनाओं में 270 लोगों की मौत भी हुई है।
44 सड़कें बंद, 254 ट्रांसफार्मर ठप; मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन और सार्वजनिक सुविधाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 1 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 254 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित हुए हैं। हालांकि किसी भी पेयजल योजना के बाधित होने की सूचना नहीं है।
बारिश से सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां कुल 28 सड़कें बंद हैं, जबकि 198 डीटीआर बाधित हुए हैं। सड़क बंद होने की घटनाएं थलोट, गोहर और सराज उपमंडलों में सामने आई हैं। कुल्लू जिले में 12 सड़कें बंद हुई हैं। इनमें बंजार, कुल्लू, मनाली और निरमंड उपमंडल शामिल हैं। जिले में 11 डीटीआर भी प्रभावित हुए हैं। लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं। रिपोर्ट के अनुसार फूरा से जाहलमा नाला तक वैकल्पिक मार्ग बंद है। जिले में एक डीटीआर भी आंतरिक खराबी के कारण प्रभावित हुआ है।
ऊना जिले में दो सड़कें बंद हैं। इनमें पंजाब सीमा के पास अजौली-सनोली सड़क और भदेरकली से जैलो दी बड़ लिंक रोड शामिल हैं। इन मार्गों पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में सड़कों या बिजली आपूर्ति से जुड़ी कोई बड़ी बाधा दर्ज नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन और सार्वजनिक सुविधाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की 1 जुलाई 2026 की शाम 6 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल 44 सड़कें बंद हैं, जबकि 254 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) प्रभावित हुए हैं। हालांकि किसी भी पेयजल योजना के बाधित होने की सूचना नहीं है।
बारिश से सबसे अधिक असर मंडी जिले में देखने को मिला है। यहां कुल 28 सड़कें बंद हैं, जबकि 198 डीटीआर बाधित हुए हैं। सड़क बंद होने की घटनाएं थलोट, गोहर और सराज उपमंडलों में सामने आई हैं। कुल्लू जिले में 12 सड़कें बंद हुई हैं। इनमें बंजार, कुल्लू, मनाली और निरमंड उपमंडल शामिल हैं। जिले में 11 डीटीआर भी प्रभावित हुए हैं। लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद हैं। रिपोर्ट के अनुसार फूरा से जाहलमा नाला तक वैकल्पिक मार्ग बंद है। जिले में एक डीटीआर भी आंतरिक खराबी के कारण प्रभावित हुआ है।
ऊना जिले में दो सड़कें बंद हैं। इनमें पंजाब सीमा के पास अजौली-सनोली सड़क और भदेरकली से जैलो दी बड़ लिंक रोड शामिल हैं। इन मार्गों पर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में सड़कों या बिजली आपूर्ति से जुड़ी कोई बड़ी बाधा दर्ज नहीं की गई है।