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Himachal News : हिमाचल में पुरस्कार विजेता शिक्षकों को अब सेवा विस्तार नहीं, मिलेगा दो लाख तक नकद सम्मान
Thu, 30 Jul 2026 12:29 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:29 PM IST
सार
हिमाचल सरकार ने शिक्षा विभाग से जुड़े तीन अहम फैसले लिए हैं। अब राष्ट्रीय और राज्य शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को सेवा विस्तार के बजाय क्रमशः दो लाख और एक लाख रुपये का नकद सम्मान मिलेगा। सरकारी स्कूलों में नर्सरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन अंडा या फल दिया जाएगा। वहीं पात्र विद्यार्थियों को वर्दी खरीदने के लिए 600 रुपये की डीबीटी सहायता भी मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित करने की नीति में बड़ा बदलाव किया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना के अनुसार अब पुरस्कार विजेता शिक्षकों को सेवा विस्तार देने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके स्थान पर उन्हें एकमुश्त नकद पुरस्कार दिया जाएगा। नई अधिसूचना के तहत राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को दो लाख रुपये तथा राज्य शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों को एक लाख रुपये का एकमुश्त नकद सम्मान दिया जाएगा। यह राशि पुरस्कार मिलने के बाद एक बार प्रदान की जाएगी।
शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि 6 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दो वर्ष तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रावधान किया गया था। अब इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। हालांकि जिन शिक्षकों को पहले ही पुरानी अधिसूचना के तहत सेवा विस्तार स्वीकृत हो चुका है, वे स्वीकृत अवधि तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 तक राष्ट्रीय या राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षकों पर सेवा विस्तार संबंधी पुरानी अधिसूचना लागू रहेगी। लेकिन यदि ऐसे शिक्षक सेवा विस्तार का लाभ नहीं लेते हैं तो वे संशोधित नकद पुरस्कार के पात्र होंगे। शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि नकद प्रोत्साहन से उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान भी होगा और नई पीढ़ी के शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा भी मिलेगी।
सरकारी स्कूलों में अब सप्ताह में दो दिन मिलेंगे अंडे या फल
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो बार उबला अंडा या फल उपलब्ध कराया जाएगा।
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सरकार ने 20 जुलाई 2024 की पूर्व अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला अंडा या फल (केला अथवा सेब) पूरक पोषण आहार (टॉप-अप) के रूप में दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन, प्राथमिकता के आधार पर बुधवार और शुक्रवार, मिड-डे मील के साथ यह अतिरिक्त पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी। सरकार का मानना है कि बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, स्वास्थ्य सुधार और विद्यालयों में नामांकन तथा उपस्थिति बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के तहत पहले से संचालित व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना और उससे संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया में केवल इसी सीमा तक संशोधन किया गया है। योजना की अन्य सभी शर्तें और प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे।
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शिक्षा सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि 6 फरवरी 2025 को जारी अधिसूचना में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को दो वर्ष तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को एक वर्ष का सेवा विस्तार देने का प्रावधान किया गया था। अब इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है। हालांकि जिन शिक्षकों को पहले ही पुरानी अधिसूचना के तहत सेवा विस्तार स्वीकृत हो चुका है, वे स्वीकृत अवधि तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वर्ष 2025 तक राष्ट्रीय या राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षकों पर सेवा विस्तार संबंधी पुरानी अधिसूचना लागू रहेगी। लेकिन यदि ऐसे शिक्षक सेवा विस्तार का लाभ नहीं लेते हैं तो वे संशोधित नकद पुरस्कार के पात्र होंगे। शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले के बाद लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि नकद प्रोत्साहन से उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान भी होगा और नई पीढ़ी के शिक्षकों को बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरणा भी मिलेगी।
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सरकारी स्कूलों में अब सप्ताह में दो दिन मिलेंगे अंडे या फल
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ सप्ताह में दो बार उबला अंडा या फल उपलब्ध कराया जाएगा।
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सरकार ने 20 जुलाई 2024 की पूर्व अधिसूचना में आंशिक संशोधन करते हुए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों अथवा उनके अभिभावकों की पसंद के अनुसार उबला अंडा या फल (केला अथवा सेब) पूरक पोषण आहार (टॉप-अप) के रूप में दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन, प्राथमिकता के आधार पर बुधवार और शुक्रवार, मिड-डे मील के साथ यह अतिरिक्त पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में लागू होगी। सरकार का मानना है कि बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, स्वास्थ्य सुधार और विद्यालयों में नामांकन तथा उपस्थिति बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना के तहत पहले से संचालित व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना और उससे संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया में केवल इसी सीमा तक संशोधन किया गया है। योजना की अन्य सभी शर्तें और प्रावधान पहले की तरह प्रभावी रहेंगे।
पहली से आठवीं तक के पात्र विद्यार्थियों को वर्दी के लिए मिलेंगे 600 रुपये
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक सत्र में वर्दी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2026-27 के तहत संचालित फ्री यूनिफॉर्म योजना के लिए सभी जिलों से पात्र विद्यार्थियों का विवरण मांगा है। योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के पात्र विद्यार्थियों को 600 रुपये प्रति छात्र की दर से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने जिलों के लाभार्थी विद्यार्थियों का संपूर्ण ब्यौरा निर्धारित प्रारूप में तैयार कर 3 अगस्त 2026 तक भेजना सुनिश्चित करें। इसके साथ संबंधित कार्यालयों के बैंक खातों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि समय पर धनराशि जारी की जा सके। फ्री यूनिफॉर्म योजना के तहत सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्राओं को यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) तथा बीपीएल वर्ग के उन छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा, जो पहली से आठवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह सहायता शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुरूप प्रदान की जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को वर्दी खरीदने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस बार भी योजना की राशि सीधे विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में दो अलग-अलग पत्र जारी किए हैं। एक पत्र पीएम श्री स्कूलों के लिए और दूसरा प्रदेश के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए जारी किया गया है। दोनों श्रेणियों के विद्यालयों से अलग-अलग प्रस्ताव और लाभार्थी विवरण मांगे गए हैं। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले सभी विद्यालयों से पात्र विद्यार्थियों की जानकारी एकत्रित कर शीघ्र निदेशालय को भेजें, ताकि योजना के लिए आवश्यक बजट आवंटन और धनराशि वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक सत्र में वर्दी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी। शिक्षा निदेशालय ने वर्ष 2026-27 के तहत संचालित फ्री यूनिफॉर्म योजना के लिए सभी जिलों से पात्र विद्यार्थियों का विवरण मांगा है। योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के पात्र विद्यार्थियों को 600 रुपये प्रति छात्र की दर से सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
निदेशालय ने प्रदेश के सभी उपनिदेशकों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे अपने-अपने जिलों के लाभार्थी विद्यार्थियों का संपूर्ण ब्यौरा निर्धारित प्रारूप में तैयार कर 3 अगस्त 2026 तक भेजना सुनिश्चित करें। इसके साथ संबंधित कार्यालयों के बैंक खातों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि समय पर धनराशि जारी की जा सके। फ्री यूनिफॉर्म योजना के तहत सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत सभी छात्राओं को यह सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) तथा बीपीएल वर्ग के उन छात्रों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा, जो पहली से आठवीं कक्षा में अध्ययनरत हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह सहायता शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुरूप प्रदान की जाएगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को वर्दी खरीदने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस बार भी योजना की राशि सीधे विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में दो अलग-अलग पत्र जारी किए हैं। एक पत्र पीएम श्री स्कूलों के लिए और दूसरा प्रदेश के अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए जारी किया गया है। दोनों श्रेणियों के विद्यालयों से अलग-अलग प्रस्ताव और लाभार्थी विवरण मांगे गए हैं। जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले सभी विद्यालयों से पात्र विद्यार्थियों की जानकारी एकत्रित कर शीघ्र निदेशालय को भेजें, ताकि योजना के लिए आवश्यक बजट आवंटन और धनराशि वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।