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Himachal: किन्नौर से कैलाश मानसरोवर यात्रा का मामला फिर केंद्र से उठाएगा हिमाचल, पीएम से मिलेंगे सीएम सुक्खू

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 23 Apr 2026 10:30 AM IST
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सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। जहां वे पीएम से किन्नौर जिले के शिपकी ला से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का मामला उठाएंगे। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal to Once Again Take Up the Issue of the Kailash Mansarovar Yatra from Kinnaur with the Centre
पर्यटन विकास को नई दिशा दे सकता है शिपकी ला रूट, हिमाचल को होगा लाभ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

किन्नौर जिले के शिपकी ला से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करने का मामला हिमाचल प्रदेश फिर से केंद्र सरकार से उठाएगा। इस मामले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। कैलाश मानसरोवर हिंदू, बौद्ध और जैन धर्म के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मई से सितंबर तक यह यात्रा चलती है।

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वर्तमान में यात्रा नेपाल (केरुंग/काठमांडू) मार्ग से 13 से 14 दिन, लिपुलेख दर्रा मार्ग से 22 से 24 दिन और नाथू ला मार्ग से करीब 21 दिन में पूरी होती है। हिमाचल सरकार का दावा है कि शिपकी ला मार्ग खुलने पर यह यात्रा महज 12 दिनों में पूरी हो सकती है, जिससे समय और खर्च दोनों में कमी आएगी। 
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सरकार के अनुसार शिपकी ला की ऊंचाई लिपुलेख की तुलना में कम है, जिससे श्रद्धालुओं को सांस संबंधी दिक्कतें कम होंगी। इस रूट से बेहतर सड़क संपर्क के चलते दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्तर भारत में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश के होटल, होम स्टे संचालकों के अलावा ट्रैवल एजेंट्स को भी इससे लाभ होगा। 

शिपकी ला दर्रा होते हुए यात्रा शुरू करने के लिए बीच में महज तीन किलोमीटर सड़क बनाने की जरूरत पड़ेगी। पहाड़ी क्षेत्र न होने के कारण सड़क बनाना भी कोई बड़ी चुनौती नहीं है।  राजस्व मंत्री नेगी ने कहा कि किन्नौर रूट अन्य मार्गों की तुलना में छोटा और अधिक सुगम हो सकता है। फिलहाल यह मार्ग व्यापार के लिए सीमित है, लेकिन इसे धार्मिक यात्रा के लिए खोलना पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। 

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