HP Assembly Budget Session: विधायक निधि रोके जाने पर सदन में आमने-सामने हुए सुक्खू और जयराम
जयराम ने प्रश्नकाल के बाद व्यवस्था के प्रश्न के तहत मामला उठाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि को जारी किया जाना चाहिए। इसे बजट घोषणा के अनुरूप दिया जाए।
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बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद सदन में विधायक क्षेत्र विकास निधि को रोके जाने पर पर सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर आमने-सामने हुए। जयराम ने प्रश्नकाल के बाद व्यवस्था के प्रश्न के तहत मामला उठाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि को जारी किया जाना चाहिए। इसे बजट घोषणा के अनुरूप दिया जाए। इसे काटा न जाए। जयराम ठाकुर ने सदन में मामला उठाया कि विधायक क्षेत्र विधायक निधि की केवल दो ही किस्तें ही उन्हें मिली हैं। उन्हें चिट्ठी भेज दी गई है। उन्हें पैसा नहीं मिला है। प्रदेश आर्थिक संकट में है और वह इसके लिए कहां मना कर रहे हैं। पर बजट में घोषित निधि को मत काटा जाए और न ही ऐच्छिक निधि को काटा जाए। सत्ता पक्ष के विधायकोंं को यह निधि मिल रही होगी। पर विपक्ष के विधायकों को नहीं मिल रही है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक निधि के बारे में सरकार का विचार मुख्यमंत्री बताएंगे। सीएम सुक्खू ने कहा कि विधायक निधि को कितना जारी किया जाना है। इस पर जयराम के साथ बैठकर बात करेंगे। इस पर विचार होगा। इसे काटे जाने के बारे में पुनर्विचार करेंगे। पर्चियां न बांटें। इसे जरूरत के हिसाब से जारी किया जाएगा।
शून्यकाल में रणधीर ने भी उठाया यह मामला
नयना देवी के भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने भी शून्यकाल में इस मामले को उठाया। उस समय मुख्यमंत्री सदन से बाहर थे। रणधीर ने कहा कि विधायक क्षेत्र विकास निधि का प्रावधान बजट में था। जुलाई की किस्त की भी कुछ राशि जारी हुई है, कुछ नहीं। इसके बाद अक्तूबर और दिसंबर में नहीं आई। इसे राजस्व घाटा अनुदान के इंपैक्ट के साथ जोड़ना सही नहीं है। सभी विधायकों के मन में पीड़ा है। सत्ता पक्ष के विधायक भी कहते हैं कि इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया जाए। दो किस्तों को तुरंत जारी किया जाए। इस पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। मुख्यमंत्री इस बारे में जवाब देंगे।
हिमाचल में 600 सरकारी भवन खाली : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में 600 सरकारी भवन खाली पड़े हैं। इसका आंकड़ा इससे भी अधिक है। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास रहेगा कि इसी सत्र में यह जानकारी एकत्र कर सदन में दी जाए। सत्ती ने कहा कि जिला मुख्यालयों से यह रिकाॅर्ड जल्द आना चाहिए। यह सरकार के पक्ष का सवाल है। एक तरफ भवन खाली पड़े हुए हैं, दूसरी तरफ कई कार्यालय निजी भवनों में चल रही है और सरकार हर महीने इसका लाखों में किराया दे रही है
कंगेला नाले में बजट की कमी से नहीं बन सका ब्रिज : विक्रमादित्य
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र में कंगेला नाले में स्टील ब्रिज बजट की कमी के कारण नहीं बन सकता है। सड़क सुचारु है। नए वित्त वर्ष में बजट का प्रावधान किया जाएगा। अन्य मद से भी धनराशि का इंतजाम किया जाएगा। ब्रिज बनाने के लिए दो करोड़ रुपये की आवश्यकता है। इससे पहले विधायक हंसराज ने कहा कि स्टील ब्रिज न होने से स्थानीय बाशिंदों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जवाब में विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का विकास करना सरकार की प्राथमिकता में है। भरमौर और चुराह के लिए केंद्र सरकार से भी बजट प्राप्त हुआ है। हमने समय से इन क्षेत्रों में सड़क निर्माण को डीपीआर भेजी थी।
उप मुख्यमंत्री ने लाखों के खर्च का हवाला देकर सवाल वापस लेने का किया आग्रह, बिक्रम का इन्कार
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बिक्रम सिंह की ओर से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी जुटाने में लाखों रुपये के खर्च का हवाला देकर सवाल वापस लेने का आग्रह किया। जवाब में विधायक बिक्रम ने कहा कि चाहे जितना मर्जी समय लग जाए, सवाल को वापस नहीं लेंगे। मुकेश ने सहकारी सभाओं के पंजीकरण और इनमें हुईं अनियमितताओं की जांच से जुड़े प्रश्न के उत्तर में कहा कि सदस्य ने जो प्रश्न पूछा है, उसका उत्तर तैयार करने में लाखों रुपये का खर्च आएगा। जवाब आने में कागजों का भंडार लग जाएगा। सहकारी सभाओं में इतनी ज्यादा अनियमितताएं हुई हैं, जिससे इसका जवाब तैयार करने में काफी खर्च आएगा। उन्होंने भाजपा विधायक से आग्रह किया कि इस प्रश्न को वापस कर लें। उन्हें यदि किसी संबंधित मामले की जानकारी चाहिए तो उन्हें मुहैया करवा देंगे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा जानकारी छिपाने की नहीं है। जवाब विस्तृत है, इसे तैयार करने में समय लग रहा है। इसलिए वह सदस्य से आग्रह कर रहे थे।
नेवा पोर्टल को छोड़, ई-विधान प्रणाली अपनाएंगे : कुलदीप
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि नेवा पोर्टल की परेशानियों से केंद्र सरकार को अवगत कराया है। इससे काफी सदस्यों को परेशानी आ रही है। इस परेशानी को देखते हुए हिमाचल विधानसभा अपनी ई विधान प्रणाली फिर से शुरू कर रही है। मंगलवार को प्रश्नकाल शुरू होने से पहले नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर मांगा था, लेकिन अध्यक्ष ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर नहीं दिया। नेता विपक्ष सदन में नेवा पोर्टल न चलने की लेकर अपनी बात रखना चाहते थे। अध्यक्ष ने बताया कि नेता विपक्ष ने सोमवार को यह मामला उठाया था। पड़ताल करने के बाद भारत सरकार की आईटी एजेंसी के निदेशक ने बताया कि पोर्टल पर काम सही तरीके से हो रहा है। प्रश्न भी अपलोड हो रहे हैं। ऐसे में सभी विधायक अपने प्रश्न व नोटिस पोर्टल के माध्यम से दे सकते हैं, अगर कोई परेशानी आ रही है तो विधानसभा सचिवालय को लिखित में भी प्रश्न दिए जा सकते हैं। अध्यक्ष ने कहा कि नेवा पोर्टल से हमारा ई विधान पोर्टल बहुत बेहतर है।