HP Panchayat Election: वार्डों का पुनर्सीमांकन शुरू, 20 मार्च से शुरू होगी रोस्टर निर्धारण की प्रक्रिया
प्रदेशभर में पंचायत वार्डों के पुनर्सीमांकन (डि-लिमिटेशन) की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई है।
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हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में प्रदेशभर में पंचायत वार्डों के पुनर्सीमांकन (डि-लिमिटेशन) की प्रक्रिया सोमवार से शुरू कर दी गई है। सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी करते हुए तीन दिन के भीतर वार्डों की जनसंख्या और उनकी सीमाएं निर्धारित करने को कहा है। साथ ही इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट भी सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। पंचायतीराज विभाग ने 64 नई पंचायतों को गठित किया है। ऐसे में वार्डों की सीमाएं और जनसंख्या प्रभावित हुई है। ऐसे में पंचायत चुनाव से पहले वार्डों का पुनर्सीमांकन करना आवश्यक हो गया है, जिससे प्रत्येक वार्ड में जनसंख्या के आधार पर संतुलन बनाया जा सके और चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
पुनर्सीमांकन 128 पंचायतों का होगा। इसमें प्रभावित और नई बनी पंचायतें शामिल हैं। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिलों के उपायुक्त अपने-अपने जिलों में पंचायत वार्डों की सीमाएं तय करने के साथ-साथ उनकी जनसंख्या का भी आकलन करेंगे। इसके आधार पर वार्डों की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। प्रशासन को यह कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए कहा गया है।
उधर, पंचायत चुनावों की तैयारी के तहत 20 मार्च से रोस्टर निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
प्रदेश के सभी उपायुक्त अपने-अपने जिलों में जिला परिषद, पंचायत समिति, पंचायतों के प्रधान, और वार्ड सदस्य पदों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी करेंगे। यह रोस्टर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रावधानों के तहत तय किया जाएगा। जो पंचायतें दो साल से आरक्षित हैं, उन्हें ओपन किया जाना है। पंचायतीराज विभाग को 31 मार्च तक सभी जिलों से प्राप्त रोस्टर को संकलित कर राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रदेश में पंचायत चुनाव तय समयसीमा के भीतर कराना अनिवार्य है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासन चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।