सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   HP Revenue Minister Jagat Singh Negi said that officials should resolve land division cases within six months

Himachal News: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले- तकसीम के मामलों का छह माह के भीतर निपटारा करें अधिकारी

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 21 Jan 2026 09:22 PM IST
विज्ञापन
सार

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में मंत्रिमंडलीय उप समिति की तीसरी बैठक में हिमाचल भू सुधार अधिनियम 1954 की धारा-123 के तहत नायब तहसीलदार और तहसीलदार छह माह के भीतर तकसीम के मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए। पढ़ें पूरी खबर...

HP Revenue Minister Jagat Singh Negi said that officials should resolve land division cases within six months
मंत्रिमंडलीय उप-समिति की तीसरी बैठक की अध्यक्षता करते राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

राजस्व मंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से संशोधन के बाद हिमाचल भू सुधार अधिनियम 1954 की धारा-123 के तहत नायब तहसीलदार और तहसीलदार छह माह के भीतर तकसीम के मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए। इसी तरह निशानदेही के मामलों के लिए दो माह का समय और दुरुस्ती के मामलों के लिए तीन माह का समय निर्धारित किया गया है।

Trending Videos

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिला में सभी विभागों के साथ बैठक आयोजित कर 31 मार्च तक भूमि का आंकड़ा एकत्रित करें। इसके लिए गूगल स्प्रेडशीट सभी जिला उपायुक्तों के साथ साझा की जाएगी, जिसमें वह अपने-अपने जिला की उपयोग में नहीं लाई गई भूमि और खाली पड़ी भूमि का ब्योरा देंगे। राजस्व एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बुधवार को शिमला में मंत्रिमंडलीय उप समिति की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जिला के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस बैठक में अवगत करवाया गया कि राजस्व विभाग की ओर से विभिन्न विभागों को हस्तातंरित और उपयोग में लाई गई भूमि में अंतर पाया गया है। राजस्व विभाग की ओर से वर्ष 2016 से कृषि विभाग को 399-14 बीघा, पशुपालन विभाग को 3029 बीघा, सहकारिता विभाग को 01-73-15 हेक्टेयर, शिक्षा विभाग को 1135-18 बीघा, मत्स्य पालन विभाग को 140 बीघा, स्वास्थ्य विभाग को 257-23 बीघा, गृह विभाग को 364-15 बीघा, न्यायपालिका को 319-17-18 बीघा, बागवानी विभाग को 68-15 बीघा और आवासीय विभाग को 3294 बीघा भूमि का हस्तांतरण किया गया है।

उद्योग विभाग को 20601-14 बीघा, बहुउद्देेशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को 3841 बीघा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 252-18 बीघा, तकनीकी शिक्षा विभाग को 122-01 बीघा, पर्यटन को 718-16 बीघा, परिवहन विभाग को 89-17 बीघा और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को 123-05 बीघा भूमि हस्तातंरित की जा चुकी है।

इस बैठक में अवगत करवाया गया कि संबंधित विभाग को भूमि हस्तातंरित होने के बाद दो वर्ष तक इस्तेमाल न किए जाने की स्थिति में भूमि राजस्व विभाग को वापस की जाती है। इस अवसर पर राजस्व लोक अदालतों के मामलों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सचिव डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस आशीष सिंहमार, पशुपालन विभाग के सचिव रितेश चौहान, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed