Himachal Road Accidents: वर्ष 2025 में हुए 1920 सड़क हादसे, 789 लोगों की गई जान, 3030 हुए घायल
वर्ष 2025 में प्रदेश में लगभग 1920 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 789 लोगों की माैत हुई है व 3030 लोग घायल हुए हैं।
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) हिमाचल प्रदेश की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों व हितधारक विभागों के साथ सड़क सुरक्षा पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रदेश में वर्तमान सड़क सुरक्षा स्थिति व सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। सड़क सुरक्षा पर अवलोकन के दौरान यह पाया गया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं व इनमें मृतकों व घायलों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2025 में प्रदेश में लगभग 1920 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिसमें 789 लोगों की माैत हुई है व 3030 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटनाओं की तुलना में वर्ष 2025 में हुई सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है व सड़क दुर्घटनाओं के दौरान मरने वालों की संख्या में लगभग 9 प्रतिशत व घायलों की संख्या में लगभग 6 प्रतिशत की कमी आई है। बैठक के दौरान जिला उपायुक्तों व पुलिस अधीक्षकों को हर जिले में वर्ष के किस महीने में अधिक सड़क हादसे हो रहे हैं की जानकारी दी गई व निर्देश दिए गए कि इन महीनों में होने वाले हादसों के कारणों की समीक्षा करें व इन हादसों को कम करने के लिए उचित कदम उठाएं।
गाड़ियों के सड़क से नीचे गिरने के 317 मामले
समीक्षा के दौरान वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का भी अवलोकन किया गया जिसमें पाया गया कि वर्ष 2024 में गाड़ियों के सड़क से नीचे गिरने के 317 मामले सामने आए जिनमें 226 लोगों की माैत हुई व 495 लोग घायल हुए हैं। वर्ष 2024 में वर्ष 2023 की तुलना में सड़क से नीचे गिरने के कारण हुए हादसों में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है व इन हादसों में मरने वालों की संख्या में 14.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने-2 जिले में पांच ऐसे स्थानों को चयनित करें जहां पर रन ऑफ रोड के हादसे अधिक हुए हों व इनकी रोकथाम के लिए उचित इंजीनियरिंग विधि से समाधान करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने जिला पुलिस अधीक्षकों व सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-2 जिलों में विशेष अभियान चलाएं जिसमें उन वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो शराब पीकर या मादक पदार्थों का सेवन करके वाहन चला रहे हैं। गलत दिशा में वाहन चलाने वालो या तय गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई हो।
इन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
इसके अतिरिक्त ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए जिनका सामान वाहन से बाहर लटका हो या तय सीमा से अधिक सामान या सवारियां ले जा रहा हो। मुख्य सचिव परिवहन ने इस अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की समीक्षा बैठक 15 फरवरी 2026 को करने के निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने परिवहन विभाग की ओर से चलाई जा रही राहवीर योजना की समीक्षा की। बताया कि सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने वाले नेक व्यक्ति को 25,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी तथा अज्ञात वाहन द्वारा टक्कर मारने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में घायल पीड़ित व्यक्तियों को 50 हजार व दुर्घटना के दौरान यदि इस टक्कर से उसकी माैत हो गई हो तो 2 लाख की राशि दी जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि प्रति माह होने वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति बैठकों के दौरान इन स्कीमों की निरंतर समीक्षा की जाए ताकि सभी लाभार्थियों को इन योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली मुआवजा व इनाम राशि समय पर मिल सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने इन बैठकों के दौरान प्रदेश में शुरू होने वाली कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की भी समीक्षा की। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए सात दिनों तक अस्पताल में निशुल्क उपचार मिलेगा व उपचार के दौरान1.50 लाख रूपयों की सहायता दी जाएगी।
विशेष सड़क सुरक्षा गतिविधियां करवाना सुनिश्चित करें डीसी
अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ने जिला उपायुक्तों को आदेश दिए कि प्रदेश में चल रहे इस सड़क सुरक्षा माह के दौरान अपने-2 जिलों में विशेष सड़क सुरक्षा गतिविधियां करवाना सुनिश्चित करें व माह के दौरान जिला स्तर पर सड़क सुरक्षा जागरूकता फैलाएं व सड़क सुरक्षा बैठकों का आयोजन करें ताकि वर्ष 2026 में सड़क हादसों में कमी लाई जा सकें व बहुमूल्य जिंदगियां बचाई जा सकें। इस बैठक में निदेशक परिवहन नीरज कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक गुरदेव शर्मा व अतिरिक्त आयुक्त सड़क सुरक्षा, एस डी नेगी सहित सडक सुरक्षा प्रकोष्ठ के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।