HP State Archives: अब एक क्लिक पर मिलेगा हिमाचल का 219 साल पुराना इतिहास, 17 लाख पन्नों का डिजिटलीकरण पूरा
प्रदेश सरकार जल्द ही हिमाचल राज्य अभिलेखागार की अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव्स पोर्टल शुरू करने जा रही है जिसके माध्यम से वर्ष 1807 से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेख, दुर्लभ पुस्तकें, गजेटियर, सेटलमेंट रिपोर्ट्स, पांडुलिपियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश का 219 साल पुराना इतिहास व सांस्कृतिक विरासत अब डिजिटल रूप में दुनिया के सामने होगी। प्रदेश सरकार जल्द ही हिमाचल राज्य अभिलेखागार की अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव्स पोर्टल शुरू करने जा रही है जिसके माध्यम से वर्ष 1807 से जुड़े ऐतिहासिक अभिलेख, दुर्लभ पुस्तकें, गजेटियर, सेटलमेंट रिपोर्ट्स, पांडुलिपियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध होंगे। इससे शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, शिक्षाविदों के साथ-साथ आम नागरिक भी प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
राज्य अभिलेखागार की स्थापना 19 अप्रैल 1986 को हुई थी
ऐतिहासिक दस्तावेजों के दीर्घकालिक संरक्षण के उद्देश्य से विभाग ने केंद्र सरकार की केंद्रीय वित्तीय सहायता योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकार की भागीदारी में पहले चरण में लगभग 17 लाख पृष्ठों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण पूरा कर लिया है। डिजिटीकृत अभिलेख पूरी तरह सर्चेबल बनाए गए हैं जिससे आवश्यक दस्तावेजों को आसानी से खोजा जा सकेगा। हिमाचल राज्य अभिलेखागार की स्थापना 19 अप्रैल 1986 को प्रदेश की लिखित व दस्तावेजी धरोहर के संरक्षण के उद्देश्य से की गई थी। वर्तमान में यहां 30 हजार से अधिक ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं जिनका उपयोग देश-विदेश के शोधकर्ता वर्षों से अध्ययन और शोध कार्यों में करते आ रहे हैं। डिजिटल आर्काइव्स पोर्टल शुरू होने के बाद प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर तक सुरक्षित, सरल और व्यापक ऑनलाइन पहुंच सुनिश्चित होगी। इससे शोध, अध्ययन, दस्तावेजीकरण और ज्ञान के प्रसार को नई गति मिलेगी। साथ ही प्रदेश की अमूल्य ऐतिहासिक विरासत का दीर्घकालिक डिजिटल संरक्षण भी सुनिश्चित हो सकेगा।
आईटी विभाग करेगा पोर्टल का संचालन
डिजिटल आर्काइव्स पोर्टल का विकास डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग के सहयोग से किया जाएगा। विभागों के बीच हुए पत्राचार और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने डिजिटीकृत अभिलेखों को डीएमएस पोर्टल पर होस्ट करने की सहमति दे दी है। यही विभाग पोर्टल के होस्टिंग, संचालन, अनुरक्षण और भविष्य में आवश्यक उन्नयन की जिम्मेदारी भी निभाएगा।
बजट घोषणा के बाद मिली परियोजना को मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के अनुरूप इस महत्वाकांक्षी परियोजना को राज्य सरकार से आवश्यक स्वीकृति भी मिल चुकी है। इसके बाद विभाग की ओर से तैयार किया गया सर्चेबल डिजिटीकृत अभिलेखीय डाटा आईटी विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। -मोहन ठाकुर, सहायक निदेशक, हिमाचल राज्य अभिलेखागार