HPU Shimla: नकल पर एचपीयू की सख्ती, सात विद्यार्थियों के परीक्षाएं रद्द, बैठक में लिया फैसला
प्रदेश विश्वविद्यालय ने परीक्षा में नकल के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सात विद्यार्थियों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने परीक्षा में नकल के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए सात विद्यार्थियों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। परीक्षा अनुशासन समिति की 13 मार्च को आयोजित बैठक में अलग-अलग मामलों की जांच के बाद ये निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। कार्रवाई के तहत राजकीय डिग्री कॉलेज ज्वालामुखी के एमएससी गणित प्रथम सेमेस्टर के एक मामले में छात्र को दोषी पाया गया। इसके चलते उसकी संबंधित परीक्षा निरस्त की गई। एसवीजीसी घुमारवीं के तीन मामलों में एमकॉम तृतीय सेमेस्टर, बीसीए प्रथम सेमेस्टर और बीसीए पंचम सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षाएं रद्द की गई हैं। इसी तरह राजकीय महाविद्यालय ऊना के दो मामलों में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर और बीएएलएलबी तृतीय सेमेस्टर के छात्रों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा राजकीय महाविद्यालय अंब के एमए हिंदी तृतीय सेमेस्टर के एक मामले में भी छात्र को दोषी मानते हुए उसकी परीक्षा निरस्त कर दी गई है।
ये सभी मामले अक्तूबर और नवंबर 2025 में आयोजित परीक्षाओं से जुड़े हैं। इनमें अनुचित साधनों के उपयोग की शिकायतें सामने आई थीं। परीक्षा अनुशासन समिति ने प्रत्येक मामले में परीक्षा केंद्रों से प्राप्त रिपोर्ट, पर्यवेक्षकों के बयान और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत समीक्षा की। इसके बाद दोष सिद्ध होने पर संबंधित छात्रों की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालय नकल के मामलों को लेकर लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़े जाने वाले छात्रों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। -श्याम लाल कौशल, परीक्षा नियंत्रक
एचपीयू में बीएड प्रवेश के लिए अब आवेदन 22 तक
प्रदेश विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑनलाइन प्रवेश, पंजीकरण और काउंसलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च कर दी है। इससे उन अभ्यर्थियों को विशेष लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित समय सीमा में आवेदन नहीं कर पाए थे। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार यह विस्तार शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए लागू होगा। इसकी शुरुआत जनवरी 2026 से मानी जा रही है। पहले अंतिम तिथि फरवरी के अंत तक निर्धारित थी, लेकिन छात्रों की मांग और तकनीकी कारणों को देखते हुए इसे आगे बढ़ाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने के इच्छुक सभी पात्र अभ्यर्थी अब 22 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया का अंतिम चरण 23 मार्च को होने वाली फिजिकल काउंसलिंग के रूप में होगा। इस काउंसलिंग में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जहां दस्तावेजों की जांच और सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। दूरस्थ शिक्षा से संचालित बीएड पाठ्यक्रम उन छात्रों के लिए खास अवसर माना जाता है, जो नियमित कक्षाओं में शामिल नहीं हो पाते। इस कोर्स के जरिए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अभ्यर्थी शिक्षक बनने की दिशा में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र के निदेशक प्रदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश से संबंधित अन्य सभी नियम और शर्तें पूर्व की तरह ही लागू रहेंगी। सूचना पुस्तिका में दिए गए दिशा-निर्देशों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।