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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Internship period for MBBS graduates from abroad to be one year; CM Sukhu issues directives.

Himachal: विदेश से एमबीबीएस करने वाले स्नातकों की इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष, सीएम सुक्खू ने दिए निर्देश

Sat, 25 Jul 2026 03:01 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Sat, 25 Jul 2026 03:01 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने शनिवार को विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित विद्यार्थियों की चिंताओं का समाधान निष्पक्ष, व्यावहारिक और छात्र हितैषी दृष्टिकोण के साथ करेगी। 

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Internship period for MBBS graduates from abroad to be one year; CM Sukhu issues directives.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ बैठक की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पात्र विदेशी चिकित्सा महाविद्यालयों से एमबीबीएस कर चुके और कोविड-19 महामारी में उत्पन्न अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से अध्ययन करने वाले स्नातकों को एक वर्ष की इंटर्नशिप की अनुमति प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को विद्यार्थियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित विद्यार्थियों की चिंताओं का समाधान निष्पक्ष, व्यावहारिक और छात्र हितैषी दृष्टिकोण के साथ करेगी। प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों के कारण प्रभावित योग्य विद्यार्थियों को किसी प्रकार की हानि न उठानी पड़े।

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 सुक्खू ने कहा कि विदेश से चिकित्सा स्नातक करने वाले विद्यार्थियों की इंटर्नशिप अवधि को लेकर अनिश्चितता उत्पन्न हो गई थी, क्योंकि एक ही शैक्षणिक बैच के विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग अवधि निर्धारित की गई थी। कुछ विद्यार्थियों को एक वर्ष की इंटर्नशिप करने की अनुमति दी गई, जबकि समान परिस्थितियों में कोविड-19 के दौरान पढ़ाई करने वाले अन्य छात्रों को दो वर्ष की इंटर्नशिप करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने महामारी के दौरान ऑनलाइन माध्यम से पढ़ने वाले विदेशी चिकित्सा स्नातकों के लिए प्रतिपूरक प्रशिक्षण अवधि की उपयुक्तता का आकलन करने का अधिकार राज्य सरकारों को सौंपा है। एनएमसी के प्रावधानों तथा विद्यार्थियों द्वारा झेली गई वास्तविक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने पात्र अभ्यर्थियों के लिए इंटर्नशिप अवधि एक वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

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मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर आवश्यक आदेश जल्द जारी किए जाएं, ताकि प्रभावित छात्र अविलंब अपनी इंटर्नशिप शुरू या पूरी कर सकें। इस निर्णय से प्रभावित चिकित्सा स्नातकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अनावश्यक बाधाओं के बिना अपने चिकित्सा करियर को आगे बढ़ा सकेंगे। इससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बनी रहेगी। बैठक में प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी भी उपस्थित थे। 

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