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Himachal News: किन्नौर के उरनी में टूटा 190 फीट लंबा बेली ब्रिज, ओवरलोड डंपर समेत सतलुज में गिरा पुल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 23 Jun 2026 12:23 PM IST
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सार
किन्नौर के उरनी में सतलुज नदी पर बना 190 फीट लंबा बेली ब्रिज मंगलवार को ओवरलोड डंपर गुजरने के दौरान टूट गया। चालक को हल्की चोटें आई हैं, जबकि पुल नदी में समा गया। एनएचएआई ने ओवरलोड वाहन को हादसे का कारण बताया है। पढ़ें पूरी खबर...
किन्नौर के उरनी में टूटा बेली ब्रिज।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
जनजातीय जिला किन्नौर के भूस्खलन प्रभावित उरनी क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। सतलुज नदी पर बना 190 फीट लंबा बेली ब्रिज अचानक टूटकर नदी में समा गया। इस दुखद घटना के समय पुल पर रेत से लदा एक ओवरलोड डंपर गुजर रहा था, जो पुल के साथ नीचे जा गिरा। गनीमत रही कि इस हादसे में डंपर चालक को हल्की चोटें आईं।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे उरनी ढांक में सतलुज नदी पर बने बेली ब्रिज से एक ओवरलोड डंपर गुजर रहा था। अचानक एक तेज आवाज के साथ पुल भरभराकर टूट गया और डंपर समेत नदी किनारे जा गिरा। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुल का महत्व और वैकल्पिक मार्ग
यह बेली ब्रिज उरनी ढांक में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर लगातार होने वाले भूस्खलन के कारण एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग के रूप में वर्षों पहले बनाया गया था। हालांकि पुल टूटने से स्थानीय लोगों को परेशानी हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात सामान्य बना हुआ है। शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, काजा और सांगला घाटी की ओर वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है।
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प्रारंभिक जांच और अनुमानित नुकसान
एनएचएआई भावानगर के सहायक अभियंता उमेश लारजू ने बताया कि पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी और इसके लिए बाकायदा चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। प्रारंभिक जांच में रेत से लदे ओवरलोड डंपर के कारण पुल टूटने की बात सामने आई है। इस हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे उरनी ढांक में सतलुज नदी पर बने बेली ब्रिज से एक ओवरलोड डंपर गुजर रहा था। अचानक एक तेज आवाज के साथ पुल भरभराकर टूट गया और डंपर समेत नदी किनारे जा गिरा। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाला।
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प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुल का महत्व और वैकल्पिक मार्ग
यह बेली ब्रिज उरनी ढांक में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर लगातार होने वाले भूस्खलन के कारण एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मार्ग के रूप में वर्षों पहले बनाया गया था। हालांकि पुल टूटने से स्थानीय लोगों को परेशानी हो सकती है, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर यातायात सामान्य बना हुआ है। शिमला, रामपुर, रिकांगपिओ, काजा और सांगला घाटी की ओर वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी है।
प्रारंभिक जांच और अनुमानित नुकसान
एनएचएआई भावानगर के सहायक अभियंता उमेश लारजू ने बताया कि पुल पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी और इसके लिए बाकायदा चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए थे। प्रारंभिक जांच में रेत से लदे ओवरलोड डंपर के कारण पुल टूटने की बात सामने आई है। इस हादसे में करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।