फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   new method of fraud using deepfakes: cybercriminals are eyeing your hard-earned money—find out the full story

Himachal: डीपफेक से ठगी का नया तरीका, आपकी गाढ़ी कमाई पर साइबर अपराधियों की नजर, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

Fri, 14 Aug 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 14 Aug 2026 06:00 AM IST
सार

अपराधी मशहूर हस्तियों और विशेषज्ञों के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर ऐसे नकली वीडियो तैयार करते हैं, जो असली लगते हैं। इन वीडियो के जरिये लोगों को शेयर बाजार या क्रिप्टोकरेंसी में बड़े मुनाफे का लालच दिया जाता है।

विज्ञापन
new method of fraud using deepfakes: cybercriminals are eyeing your hard-earned money—find out the full story
साइबर अपराध। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से बनाए गए डीपफेक वीडियो साइबर ठगी का नया तरीका बन गए हैं। अपराधी मशहूर हस्तियों और विशेषज्ञों के चेहरे और आवाज का इस्तेमाल कर ऐसे नकली वीडियो तैयार करते हैं, जो असली लगते हैं। इन वीडियो के जरिये लोगों को शेयर बाजार या क्रिप्टोकरेंसी में बड़े मुनाफे का लालच दिया जाता है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बढ़ती शिकायतों के बाद इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। किसी चर्चित व्यक्ति का वीडियो में दिखाई देना मात्र निवेश संबंधी सुझाव को वास्तविक साबित नहीं करता। 
विज्ञापन

 वीडियो में किए गए दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना महत्वपूर्ण
 डीपफेक वीडियो में चेहरे और आवाज के तालमेल में बारीक अंतर दिखाई दे सकता है। पलकों का असामान्य रूप से झपकना, होंठों की हरकत में मामूली अंतर या चेहरे की गतिविधियों का अप्राकृतिक लगना इसके संकेत हो सकते हैं। हालांकि, एआई तकनीक लगातार बेहतर हो रही है, इसलिए केवल इन संकेतों के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए।  वीडियो में किए गए दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट, वेबसाइट या विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर जाकर जानकारी की जांच करें। संबंधित कंपनी और वित्तीय सलाहकार की विश्वसनीयता की पुष्टि करना भी जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

साइबर ठग अक्सर देते है ये लालच
साइबर ठग अक्सर सीमित समय में निवेश करने या सामान्य से अधिक लाभ का लालच देते हैं। वे लोगों को संदिग्ध लिंक, मोबाइल एप या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये निवेश करने के लिए कहते हैं। ऐसे मामलों में जल्दबाजी में पैसा लगाना नुकसानदायक हो सकता है। किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के वीडियो में निवेश का समर्थन दिखाई देने मात्र से उसकी सत्यता साबित नहीं होती। सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर सीधे पैसा ट्रांसफर न करें। बैंक खाता, ओटीपी, कार्ड की जानकारी या पासवर्ड जैसी वित्तीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

विज्ञापन

तुरंत 1930 पर शिकायत करें
किसी भी निवेश से पहले संबंधित संस्था और वित्तीय सलाहकार की वैधता की जांच करें। निवेश से जुड़े दावों को आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। यदि आप साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। जल्दी शिकायत करने से लेनदेन रोकने या रकम फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि एआई खतरा नहीं, बल्कि बिना सत्यापन के फर्जी कंटेंट पर भरोसा करना खतरा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed