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Shimla News: कंप्यूटर चलाना तो दूर, प्रस्ताव तक नहीं बना पा रहे पंचायत सचिव
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 11:41 AM IST
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सार
हिमाचल प्रदेश में कुछ पंचायतों के सचिवों को ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करना तो दूर, इन्हें कंप्यूटर तक चलाना नहीं आ रहा।
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : AI
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विस्तार
कई साल की नौकरी के बावजूद जिले की कुछ पंचायतों के सचिव जनता से जुड़े कामों के प्रस्ताव तक तैयार नहीं कर पा रहे। ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करना तो दूर, इन्हें कंप्यूटर तक चलाना नहीं आ रहा। इससे अब पंचायतों के काम अटक रहे हैं।
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जिला प्रशासन के पास भी ऐसे सचिवों को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। सचिवों की इस कार्यशैली के चलते ग्रामीण इलाकों में काम बाधित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है। इसके लिए जल्द ही सभी पंचायत सचिवों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाने की तैयारी है। इन्हें शिमला बुलाकर कंप्यूटर चलाने से लेकर प्रस्ताव बनाने तक के कार्यों की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिला शिमला में 412 पंचायतें हैं। कई पंचायतों में हाल ही के वर्षों में नए सचिवों की तैनाती हुई है।
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प्रशासन के अनुसार हाल ही के वर्षों में जो सचिव भर्ती हुए हैं, उन्हें कंप्यूटर चलाना आता है। इनके पास आईटी के प्रमाण पत्र भी हैं। यह प्रस्ताव भी बना रहे हैं। हालांकि, इनसे पूर्व भर्ती हुए कई सचिव ऐसे हैं जो प्रस्ताव नहीं बना पा रहे हैं। इन्हें कंप्यूटर चलाने, जनता से जुड़े रिकॉर्ड आनलाइन करने जैसे कामों में परेशानी आ रही है। इनमें से कई अब एक दो साल में रिटायर भी होने वाले हैं। इसीलिए सभी को ट्रेनिंग देने का फैसला लिया है। ऐसा नहीं है कि सभी सचिवों को काम नहीं आता, लेकिन कुछेक ऐसे हैं जिनके कारण पंचायतों के काम लटक रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में अहम भूमिका निभाते हैं पंचायत सचिव
ग्रामीण इलाकों में पंचायतों के माध्यम से ही सभी विकास कार्य करवाए जाते हैं। ग्रामसभा में उठने वाले मामलों से लेकर नए प्रस्ताव बनाने तक के काम सचिव करते हैं। पंचायत प्रधानों की ओर से बताए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव सचिव तैयार करते हैं। रिपोर्ट बनाने आदि के काम भी इनके पास हैं। इसलिए इन्हें पंचायती रात संस्थाओं के कामों का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। हाल ही के वर्षों में पंचायतों में आनलाइन काम भी बढ़ा है। प्रशिक्षण से सचिवों के कामों में तेजी आएगी।
ग्रामीण इलाकों में पंचायतों के माध्यम से ही सभी विकास कार्य करवाए जाते हैं। ग्रामसभा में उठने वाले मामलों से लेकर नए प्रस्ताव बनाने तक के काम सचिव करते हैं। पंचायत प्रधानों की ओर से बताए जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव सचिव तैयार करते हैं। रिपोर्ट बनाने आदि के काम भी इनके पास हैं। इसलिए इन्हें पंचायती रात संस्थाओं के कामों का प्रशिक्षण देने की तैयारी है। हाल ही के वर्षों में पंचायतों में आनलाइन काम भी बढ़ा है। प्रशिक्षण से सचिवों के कामों में तेजी आएगी।
जल्द दिया जाएगा प्रशिक्षण
ग्रामीण इलाकों में जनता के कामों में तेजी आए, इसके लिए पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं की ओर से करवाए जाने वाले हर काम के लिए सचिवों को तैयार किया जाएगा। जल्द इसका शेड्यूल जारी किया जाएगा। -सचिन शर्मा, एडीसी शिमला
ग्रामीण इलाकों में जनता के कामों में तेजी आए, इसके लिए पंचायत सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंचायती राज संस्थाओं की ओर से करवाए जाने वाले हर काम के लिए सचिवों को तैयार किया जाएगा। जल्द इसका शेड्यूल जारी किया जाएगा। -सचिन शर्मा, एडीसी शिमला