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केंद्र सरकार का बजट रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित : शेखावत
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दीपकमल में प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्री ने दिए सवालों के जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल चक्कर में आयोजित प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में भाग लिया। उन्होंने लोगों के साथ बजट 2026-27 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि इस वर्ष का बजट का रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर सबसे अधिक केंद्रित है। प्रधानमंत्री अधिक से अधिक लोगों को आय के अवसर मिलने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्राउंड लेवल पर आर्थिक गतिविधि को गति देने वाला रोडमैप है। आम तौर पर लोग बजट को केवल आयकर छूट तक सीमित समझते हैं जबकि वास्तविक बजट का प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। 12.5 लाख तक आय पर कर राहत से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
जीएसटी दरों में तार्किक कटौती और उपभोक्ता वस्तुओं पर राहत से घरेलू मेन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जब आम नागरिक के हाथ में अधिक आय बचती है, तो उसका खर्च बढ़ता है। इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यापार पर पड़ता है। हिमाचल जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, बशर्ते राज्य स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों को आगे बढ़ाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए सुधारात्मक कदमों और संरचनात्मक आर्थिक नीतियों का समेकित प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट दिखाई देगा। बजट 2026 समावेशी विकास, रोजगार विस्तार और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने वाला बजट है।
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शिमला। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय दीपकमल चक्कर में आयोजित प्रबुद्ध जन संगोष्ठी में भाग लिया। उन्होंने लोगों के साथ बजट 2026-27 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि इस वर्ष का बजट का रोजगार सृजन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर सबसे अधिक केंद्रित है। प्रधानमंत्री अधिक से अधिक लोगों को आय के अवसर मिलने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिससे लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्राउंड लेवल पर आर्थिक गतिविधि को गति देने वाला रोडमैप है। आम तौर पर लोग बजट को केवल आयकर छूट तक सीमित समझते हैं जबकि वास्तविक बजट का प्रभाव पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। 12.5 लाख तक आय पर कर राहत से मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी, उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
जीएसटी दरों में तार्किक कटौती और उपभोक्ता वस्तुओं पर राहत से घरेलू मेन्यूफेक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जब आम नागरिक के हाथ में अधिक आय बचती है, तो उसका खर्च बढ़ता है। इसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पर्यटन, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यापार पर पड़ता है। हिमाचल जैसे पर्यटन प्रधान राज्य के लिए यह बजट विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा, बशर्ते राज्य स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से पर्यटन और संबंधित क्षेत्रों को आगे बढ़ाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से शुरू किए गए सुधारात्मक कदमों और संरचनात्मक आर्थिक नीतियों का समेकित प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट दिखाई देगा। बजट 2026 समावेशी विकास, रोजगार विस्तार और आर्थिक स्थिरता को मजबूत करने वाला बजट है।
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