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Shimla News: जिले के थानों-चौकियों में स्टाफ का टोटा, 300 पद खाली
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यातायात व्यवस्था सुचारु करने में भी आ रहीं दिक्कतें, रात्रि गश्त भी हो रही प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के थाने-चौकियों में स्टाफ की भारी कमी चल रही है। इस वजह से आपराधिक मामलों की जांच प्रभावित हो रही है। वहीं नियमित रात्रि गश्त से लेकर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। पिछले दिनों हेड कांस्टेबल से एएसआई और एएसआई से सब इंस्पेक्टर के पदों पर होने वाली पदोन्नति के बाद तबादलों से यह समस्या और बढ़ गई है। इस वजह से पुलिस थानों और चौकियों में तैनात जांच अधिकारियों और अन्य स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ गया है। एक ही जांच अधिकारी को एकसाथ कई मामलों की जांच करनी पड़ रही है।
जिला शिमला में स्वीकृत पदों की संख्या 1650 के करीब है। इनमें से वर्तमान में 300 के करीब पद खाली चल रहे हैं। जिले में इतनी बड़ी संख्या में पदों के खाली होने से इसका असर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी पड़ रहा है। जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां होने के कारण थाने और चौकियों की सीमाएं काफी लंबी हैं। दुर्गम क्षेत्रों में कई बार घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पुलिस कर्मियों को कई किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ता है। ऐसे में स्टाफ की कमी के कारण पुलिस के लिए आपराधिक मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए घटनास्थल पर पहुंचने के साथ ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। स्टाफ की कमी के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नियमित गश्त करने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि हाल ही में ज्वाइन किया है और खाली पदों को भरने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
इनसेट
शहर में आधे ट्रैफिक प्वाइंट्स पर कर्मियों की तैनाती, पीक ऑवर्स में लग रहा जाम
राजधानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना बड़ी चुनौती है। हालत यह है कि सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में आए दिन ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई है। यह समस्या तब बढ़ जाती है, जब हजारों की संख्या में सैलानी उमड़ते हैं। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बावजूद शहर में चिह्नित किए गए करीब 72 ट्रैफिक प्वाइंट्स में से आधे में ही ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती हो पा रही है। इस वजह से आधे ट्रैफिक प्वाइंट्स खाली चल रहे हैं। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सभी ट्रैफिक प्वाइंट्स पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती करने की सख्त जरूरत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले के थाने-चौकियों में स्टाफ की भारी कमी चल रही है। इस वजह से आपराधिक मामलों की जांच प्रभावित हो रही है। वहीं नियमित रात्रि गश्त से लेकर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने में भी दिक्कतें पेश आ रही हैं। पिछले दिनों हेड कांस्टेबल से एएसआई और एएसआई से सब इंस्पेक्टर के पदों पर होने वाली पदोन्नति के बाद तबादलों से यह समस्या और बढ़ गई है। इस वजह से पुलिस थानों और चौकियों में तैनात जांच अधिकारियों और अन्य स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ गया है। एक ही जांच अधिकारी को एकसाथ कई मामलों की जांच करनी पड़ रही है।
जिला शिमला में स्वीकृत पदों की संख्या 1650 के करीब है। इनमें से वर्तमान में 300 के करीब पद खाली चल रहे हैं। जिले में इतनी बड़ी संख्या में पदों के खाली होने से इसका असर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी पड़ रहा है। जिले की कठिन भौगोलिक परिस्थितियां होने के कारण थाने और चौकियों की सीमाएं काफी लंबी हैं। दुर्गम क्षेत्रों में कई बार घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पुलिस कर्मियों को कई किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ता है। ऐसे में स्टाफ की कमी के कारण पुलिस के लिए आपराधिक मामलों पर त्वरित कार्रवाई के लिए घटनास्थल पर पहुंचने के साथ ही कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। स्टाफ की कमी के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और नियमित गश्त करने के लिए भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। एसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि हाल ही में ज्वाइन किया है और खाली पदों को भरने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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शहर में आधे ट्रैफिक प्वाइंट्स पर कर्मियों की तैनाती, पीक ऑवर्स में लग रहा जाम
राजधानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना बड़ी चुनौती है। हालत यह है कि सुबह और शाम के समय पीक ऑवर्स में आए दिन ट्रैफिक जाम लगना आम बात हो गई है। यह समस्या तब बढ़ जाती है, जब हजारों की संख्या में सैलानी उमड़ते हैं। ऐसे में लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके बावजूद शहर में चिह्नित किए गए करीब 72 ट्रैफिक प्वाइंट्स में से आधे में ही ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती हो पा रही है। इस वजह से आधे ट्रैफिक प्वाइंट्स खाली चल रहे हैं। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए सभी ट्रैफिक प्वाइंट्स पर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती करने की सख्त जरूरत है।