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Shimla News: मकर संक्रांति के पावन स्नान के लिए सजने लगा तत्तापानी, मेला मैदान तैयार, लगे झूले
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बरसात में सतलुज से डूब गया था मेला मैदान, अब किया समतल, स्नान के लिए भी तैयार हो रही व्यवस्था
मेले के लिए दुकानें लगाने की कवायद भी शुरू, 14 जनवरी को उमड़ेगा आस्था का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
सुन्नी (शिमला)। ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि तत्तापानी मकर संक्रांति पर होने वाले पावन स्नान के लिए तैयार है। मकर संक्रांति पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ता है। इसके लिए जिला प्रशासन और मेला कमेटी ने तैयारियां शुरू दी हैं। मेला मैदान को समतल कर दिया गया है।
मकर संक्रांति पर स्नान के लिए उमड़ने वाले जन सैलाब को सुविधा देने के लिए स्नान स्थल को भी दुरुस्त किया जा रहा है। मेला मैदान में दुकानें लगाने की कवायद शुरू हो गई है। मैदान में झूले लगने शुरू हो गए हैं। मेला मैदान में इस बार पिछले साल से ज्यादा झूले लगाए जा रहे हैं। रविवार को भी मेला मैदान में झूले और दुकानों को लगाने का काम जारी रहा। तत्तापानी में एक महीने तक मेला चलता है जिसमें देश-विदेश के लोग पहुंचते हैं। बीते साल भारी बारिश के कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इससे मेला मैदान डूब गया था। जलस्तर घटने के बाद जिला प्रशासन ने मैदान को समतल कर दिया है। ज्यादा रेत होने के कारण इस बार मेला मैदान काफी बड़ा बना है। मेले के लिए यहां अभी से रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। मैदान में कई दुकानें भी सज चुकी हैं और श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन तेज हो गया है। हाल ही में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने भी सुन्नी का दौरा कर मकर संक्रांति से पहले तत्तापानी मेला स्थल को तैयार करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों पर अब सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
तुला दान का विशेष महत्व
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में आने वाले श्रद्धालु विशेष रूप से तुला दान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुला दान करने से शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मेले के आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मेले का आनंद ले सकें।
मेले में खूब बिकते हैं खेतीबाड़ी के औजार
तत्तापानी मेले के दौरान खेतीबाड़ी से जुड़े औजार और उपकरणों की भी खूब बिक्री होती है। स्थानीय लोग जो इस काम से जुड़े हैं, वे मेले में दुकानें लगाकर औजारों की बिक्री करते हैं। प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी इनकी खरीदारी करते हैं।
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मेले के लिए दुकानें लगाने की कवायद भी शुरू, 14 जनवरी को उमड़ेगा आस्था का सैलाब
संवाद न्यूज एजेंसी
सुन्नी (शिमला)। ऋषि जमदग्नि की तपोभूमि तत्तापानी मकर संक्रांति पर होने वाले पावन स्नान के लिए तैयार है। मकर संक्रांति पर यहां आस्था का सैलाब उमड़ता है। इसके लिए जिला प्रशासन और मेला कमेटी ने तैयारियां शुरू दी हैं। मेला मैदान को समतल कर दिया गया है।
मकर संक्रांति पर स्नान के लिए उमड़ने वाले जन सैलाब को सुविधा देने के लिए स्नान स्थल को भी दुरुस्त किया जा रहा है। मेला मैदान में दुकानें लगाने की कवायद शुरू हो गई है। मैदान में झूले लगने शुरू हो गए हैं। मेला मैदान में इस बार पिछले साल से ज्यादा झूले लगाए जा रहे हैं। रविवार को भी मेला मैदान में झूले और दुकानों को लगाने का काम जारी रहा। तत्तापानी में एक महीने तक मेला चलता है जिसमें देश-विदेश के लोग पहुंचते हैं। बीते साल भारी बारिश के कारण सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इससे मेला मैदान डूब गया था। जलस्तर घटने के बाद जिला प्रशासन ने मैदान को समतल कर दिया है। ज्यादा रेत होने के कारण इस बार मेला मैदान काफी बड़ा बना है। मेले के लिए यहां अभी से रौनक बढ़नी शुरू हो गई है। मैदान में कई दुकानें भी सज चुकी हैं और श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन तेज हो गया है। हाल ही में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने भी सुन्नी का दौरा कर मकर संक्रांति से पहले तत्तापानी मेला स्थल को तैयार करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों पर अब सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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तुला दान का विशेष महत्व
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर तत्तापानी में आने वाले श्रद्धालु विशेष रूप से तुला दान करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तुला दान करने से शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मेले के आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि सभी लोग शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मेले का आनंद ले सकें।
मेले में खूब बिकते हैं खेतीबाड़ी के औजार
तत्तापानी मेले के दौरान खेतीबाड़ी से जुड़े औजार और उपकरणों की भी खूब बिक्री होती है। स्थानीय लोग जो इस काम से जुड़े हैं, वे मेले में दुकानें लगाकर औजारों की बिक्री करते हैं। प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से आने वाले लोग भी इनकी खरीदारी करते हैं।