Himachal: रघुवीर बाली बोले- उदयपुर की तर्ज पर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विकसित होगा नगरोटा बगवां
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की निदेशक मंडल की बैठक में एडीबी के सहयोग से प्रदेश की पर्यटन राजधानी कांगड़ा के नगरोटा बगवां में अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेलनेस एंड वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने का मंजूरी दी गई है।
विस्तार
जयपुर, उदयपुर और गोवा की तर्ज पर हिमाचल को देश का पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन बनाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की निदेशक मंडल की बैठक में एडीबी के सहयोग से प्रदेश की पर्यटन राजधानी कांगड़ा के नगरोटा बगवां में अंतरराष्ट्रीय स्तर का वेलनेस एंड वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने का मंजूरी दी गई है। नगरोटा बगवां में 180 करोड़ की लगात से होटल और बैंक्वेट हॉल बनाया जाएगा। इसके अलावा आकर्षक म्यूजिकल फाउंटेन लगाना भी प्रस्तावित है। शुक्रवार को शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुवीर सिंह बाली ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यहां पर्यटकों को प्रकृति की गोद में शारीरिक और मानसिक कायाकल्प की विश्वस्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।
स्पा, पारंपरिक थेरेपी, योग एवं ध्यान केंद्र और आयुर्वेद, यूनानी चिकित्सा पद्धतियां उपलब्ध करवाई जाएंगी। स्थानीय जड़ी-बूटियों के माध्यम से हर्बल उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी। डेस्टिनेशन वेडिंग के शौकीनों के लिए इनडोर बैंक्वेट हॉल और हिमालय की वादियों के दृश्य वाले आउटडोर लॉन विकसित किए जाएंगे। इवेंट प्लानर्स की टीम तैनात रहेगी जो सजावट से लेकर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के खानपान तक का पूरा प्रबंधन संभालेगी। मनोरंजन के लिए लाइव म्यूजिक, डीजे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की व्यवस्था रहेगी। आलीशान कॉटेज और लक्जरी सुइट्स भी उपलब्ध रहेंगे। बड़े व्यापारिक आयोजनों के लिए आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन के लिए एडवेंचर स्पोर्ट्स सेंटर व इनडोर एक्टिविटी जोन भी बनाए जाएंगे। परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाई-एंड म्यूजिकल फाउंटेन भी लगाया जाएगा।
पर्यटन निगम की सेवाओं पर नजर रखेगी फ्लाइंग स्क्वायड, कॉल सेंटर भी शुरू होगा
बीओडी ने निगम की इकाइयों की नियमित और औचक जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की फ्लाइंग स्क्वायड बनाने का फैसला लिया है। यह टीम कमरों के बिल कटे या नहीं इसकी जांच करेगी। चीफ रिजर्वेशन ऑफिसर को होटलों की बुकिंग संबंधी शिकायतों को हल करने का जिम्मा सौंपा गया है। 24 घंटे सातों दिन चलने वाले कॉल सेंटर से पर्यटन निगम के होटलों को लेकर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
निगम की मर्जी के खिलाफ ओएंडएम पर दिए जा रहे होटल
रघुवीर सिंह बाली ने कहा कि पर्यटन विकास निगम की मर्जी के खिलाफ प्रदेश सरकार ने आठ होटलों का ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस आधार पर आवंटन करने का फैसला लिया है। कैबिनेट के फैसले से निगम को भी सूचित किया गया है। हम सरकार के फैसले को चुनौती नहीं दे सकते, लेकिन हमने सरकार से होटलों के जीर्णोद्धार के लिए पैसा मांगा है। निगम को पैसा मिलेगा तो हम अपने स्तर पर होटलों का जीर्णोद्धार कर अपनी कमाई बढ़ा सकेंगे।
एडीबी प्रोजेक्ट स्वीकृत करने के लिए केंद्र का आभार
बाली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए केंद्र सरकार प्रदेश का भरपूर सहयोग कर रही है। एडीबी प्रोजेक्ट स्वीकृत करने के लिए बाली ने केंद्र सरकार का आभार जताया। कहा कि प्रदेश की 70 करोड़ की आबादी है जबकि सालाना 5 करोड़ सैलानी हिमाचल आते हैं। केंद्र सरकार ने जितना हिमाचल को दिया है उसके लिए धन्यवाद लेकिन हम इससे अधिक के हकदार हैं।
करोड़ों से होगा होटलों का जीर्णोद्धार
होटल हॉलिडे होम का 45 करोड़, होटल हमीर 20 करोड़, होटल ज्वालाजी 35 करोड़, टूरिज्म परिसर नादौन 15 करोड़, पर्यटन परिसर देहरा का 15 करोड़ से जीर्णोद्धार होगा। जीर्णोद्धार के दौरान होटल बंद होने से निगम की आय घट जाएगी। इसलिए बीओडी ने प्रदेश सरकार से 250 करोड़ के एडीबी प्रोजेक्ट में ही कर्मचारियों के वेतन को जोड़ने का आग्रह किया है।
अनिल कपिल को लगाया विशेष आमंत्रित सदस्य
पर्यटन विकास निगम के निदेशक मंडल में मुख्यमंत्री के सलाहकार (अधोसरंचना) अनिल कपिल को विशेष आमंत्रित सदस्य लगाने का भी फैसला लिया गया है।