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Shimla News: बरसात में आई फ्लू का खतरा बढ़ा, रोजाना आ रहे 10 मरीज
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डीडीयू अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना चिकित्सीय सलाह के आई ड्रॉप न डालने की दी सलाह, तेजी से फैल रहा फ्लू
मरीजों को ठीक होने में लग रहे 7 से 10 दिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बरसात के बीच आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) का खतरा बढ़ गया है। दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में रोजाना करीब 10 पीड़ित मरीज आ रहे हैं।
आंखों में जलन के बाद फ्लू शुरू हो रहा है। इसके बाद आंखों में लालपन बढ़ने लगता है। इसे ठीक होने में भी सात से 10 दिन लग रहे हैं। इसे लेकर चिकित्सकों ने अलर्ट जारी किया है। साथ ही बिना चिकित्सीय सलाह के आई ड्रॉप न डालने का आग्रह किया गया है। शुरुआती दिनों में ही तुरंत उपचार करवाने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार आई फ्लू मुख्य रूप से वायरस, बैक्टीरिया, एलर्जी या किसी बाहरी जलन के कारण हो सकता है। यह आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली परत में सूजन पैदा करता है। इससे आंखें लाल हो जाती हैं और पानी बहने लगता है। हालांकि इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसका समय पर उपचार करवाना जरूरी है।
आई फ्लू के लक्षण
आंखों का लाल होना या गुलाबी पड़ना
आंखों में लगातार चुभन, खुजली या किरकिरापन महसूस होना
आंखों से पानी या चिपचिपा पीला/सफेद कीचड़ निकलना
सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपका होना
पलकों पर सूजन और रोशनी में देखने पर परेशानी होना
ऐसे करें बचाव
हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें
व्यक्तिगत वस्तुएं अलग रखें
तौलिया, रुमाल, चश्मा या बिस्तर किसी के साथ साझा न करें
संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें
जरूरत पड़ने पर काले चश्मे का इस्तेमाल करें
अपनी मर्जी से आई ड्रॉप न डालें
कोट
इन दिनों आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। इससे लोगों को बचाव करना जरूरी है। अपनी मर्जी से आई ड्रॉप डालने से बचें। इसी के साथ हाथों की सफाई रखें और तौलिया, रुमाल, चश्मा या बिस्तर किसी के साथ साझा न करें।
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-डॉ. संजीव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, डीडीयू
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मरीजों को ठीक होने में लग रहे 7 से 10 दिन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बरसात के बीच आई फ्लू (कंजंक्टिवाइटिस) का खतरा बढ़ गया है। दीनदयाल उपाध्याय जोनल अस्पताल में रोजाना करीब 10 पीड़ित मरीज आ रहे हैं।
आंखों में जलन के बाद फ्लू शुरू हो रहा है। इसके बाद आंखों में लालपन बढ़ने लगता है। इसे ठीक होने में भी सात से 10 दिन लग रहे हैं। इसे लेकर चिकित्सकों ने अलर्ट जारी किया है। साथ ही बिना चिकित्सीय सलाह के आई ड्रॉप न डालने का आग्रह किया गया है। शुरुआती दिनों में ही तुरंत उपचार करवाने की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार आई फ्लू मुख्य रूप से वायरस, बैक्टीरिया, एलर्जी या किसी बाहरी जलन के कारण हो सकता है। यह आंख के सफेद हिस्से को ढकने वाली परत में सूजन पैदा करता है। इससे आंखें लाल हो जाती हैं और पानी बहने लगता है। हालांकि इस बीमारी से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसका समय पर उपचार करवाना जरूरी है।
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आई फ्लू के लक्षण
आंखों का लाल होना या गुलाबी पड़ना
आंखों में लगातार चुभन, खुजली या किरकिरापन महसूस होना
आंखों से पानी या चिपचिपा पीला/सफेद कीचड़ निकलना
सुबह उठने पर पलकों का आपस में चिपका होना
पलकों पर सूजन और रोशनी में देखने पर परेशानी होना
ऐसे करें बचाव
हाथों की सफाई का विशेष ध्यान रखें
व्यक्तिगत वस्तुएं अलग रखें
तौलिया, रुमाल, चश्मा या बिस्तर किसी के साथ साझा न करें
संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें
जरूरत पड़ने पर काले चश्मे का इस्तेमाल करें
अपनी मर्जी से आई ड्रॉप न डालें
कोट
इन दिनों आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं। इससे लोगों को बचाव करना जरूरी है। अपनी मर्जी से आई ड्रॉप डालने से बचें। इसी के साथ हाथों की सफाई रखें और तौलिया, रुमाल, चश्मा या बिस्तर किसी के साथ साझा न करें।
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-डॉ. संजीव, नेत्र रोग विशेषज्ञ, डीडीयू