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Shimla News: फीस वृद्धि, हॉस्टल शुल्क का एसएफआई ने जताया विरोध
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अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जताई नाराजगी
186 नियुक्तियों पर जताई आपत्तियों की करवाएं जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नियुक्तियों, फीस वृद्धि, छात्रावास (हॉस्टल) शुल्क और नए कक्षा समय को लेकर एसएफआई ने प्रशासन के समक्ष विरोध जताया। संगठन ने कुलपति, डीएसडब्ल्यू, कुलसचिव, वित्त अधिकारी समेत अधिकारियों के साथ बैठक कर मांगें रखीं। प्रशासन ने फीस संबंधी मुद्दे पर वित्त समिति की बैठक में चर्चा का आश्वासन दिया।
एसएफआई कैंपस सचिव मुकेश राणा ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को समितियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन चार दिन में मांगों पर ठोस निर्णय लें। ऐसा नहीं होने पर 17 अगस्त को विश्वविद्यालय के सभी प्रवेशद्वार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। कुलपति के विश्वविद्यालय पहुंचने का भी विरोध किया जाएगा। एसएफआई इकाई अध्यक्ष आशीष चौहान और सचिव मुकेश राणा ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की 186 नियुक्तियों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की आपत्तियों के बावजूद जांच नहीं करवाई है।
संगठन ने दावा किया कि आरटीआई के जरिये 13 हजार पन्नों के दस्तावेज जुटाए थे। एसएफआई ने नियुक्तियों की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने तक नया फीस ढांचा लागू नहीं होना चाहिए। लगातार फीस बढ़ोतरी से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लड़कों के छात्रावास शुल्क में करीब 80 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी विरोध किया गया। एसएफआई ने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक के नए कक्षा समय पर भी आपत्ति जताई। संगठन के अनुसार पूरे दिन कक्षाओं में रहने से छात्रों को पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा।
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186 नियुक्तियों पर जताई आपत्तियों की करवाएं जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नियुक्तियों, फीस वृद्धि, छात्रावास (हॉस्टल) शुल्क और नए कक्षा समय को लेकर एसएफआई ने प्रशासन के समक्ष विरोध जताया। संगठन ने कुलपति, डीएसडब्ल्यू, कुलसचिव, वित्त अधिकारी समेत अधिकारियों के साथ बैठक कर मांगें रखीं। प्रशासन ने फीस संबंधी मुद्दे पर वित्त समिति की बैठक में चर्चा का आश्वासन दिया।
एसएफआई कैंपस सचिव मुकेश राणा ने कहा कि छात्रों के मुद्दों को समितियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रशासन चार दिन में मांगों पर ठोस निर्णय लें। ऐसा नहीं होने पर 17 अगस्त को विश्वविद्यालय के सभी प्रवेशद्वार बंद कर आंदोलन किया जाएगा। कुलपति के विश्वविद्यालय पहुंचने का भी विरोध किया जाएगा। एसएफआई इकाई अध्यक्ष आशीष चौहान और सचिव मुकेश राणा ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। एसएफआई ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की 186 नियुक्तियों पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की आपत्तियों के बावजूद जांच नहीं करवाई है।
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संगठन ने दावा किया कि आरटीआई के जरिये 13 हजार पन्नों के दस्तावेज जुटाए थे। एसएफआई ने नियुक्तियों की निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि जांच पूरी होने तक नया फीस ढांचा लागू नहीं होना चाहिए। लगातार फीस बढ़ोतरी से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। लड़कों के छात्रावास शुल्क में करीब 80 प्रतिशत बढ़ोतरी का भी विरोध किया गया। एसएफआई ने सुबह 10 से शाम पांच बजे तक के नए कक्षा समय पर भी आपत्ति जताई। संगठन के अनुसार पूरे दिन कक्षाओं में रहने से छात्रों को पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा।
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