{"_id":"6a7e6b99ea54a6653909b485","slug":"world-s-highest-double-lane-tunnel-being-built-500-meters-from-a-glacier-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहल: ग्लेशियर से 500 मीटर दूर बन रही विश्व की सबसे ऊंची डबल लेन टनल, आसान होगी शिंकुला टनल से कारगिल-लेह पहुंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहल: ग्लेशियर से 500 मीटर दूर बन रही विश्व की सबसे ऊंची डबल लेन टनल, आसान होगी शिंकुला टनल से कारगिल-लेह पहुंच
Fri, 14 Aug 2026 06:43 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अशोक राणा, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, केलांग (लाहौल-स्पीति)
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 14 Aug 2026 06:43 AM IST
सार
सामरिक महत्व की 4.1 किलोमीटर लंबी यह टनल दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बन रही डबल ट्रैफिक टनल है।
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समुद्रतल से 15,400 फीट की ऊंचाई पर लाहौल-स्पीति जिले के शिंकुला दर्रा से होकर बन रही डबल लेन टनल ग्लेशियर से महज 500 मीटर की दूरी पर है। बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य को कंपनी के इंजीनियर और कर्मचारी अंजाम दे रहे हैं। ऑक्सीजन की कमी के कारण काम शिफ्टों में किया जा रहा है। सामरिक महत्व की 4.1 किलोमीटर लंबी यह टनल दुनिया में सबसे अधिक ऊंचाई पर बन रही डबल ट्रैफिक टनल है।
विज्ञापन
बारालाचा होकर मनाली-लेह की दूरी 427 किलोमीटर है। शिंकुला दर्रा होकर मनाली-लेह की दूरी करीब 440 किलोमीटर है। टनल बनने से करीब 100 किलोमीटर दूरी कम होकर 330 किलोमीटर रह जाएगी। सुरंग के बनने से भारतीय सेना को अग्रिम मोर्चों पर पहुंचना आसान हो जाएगा। साथ ही शिंकुला टनल और ग्लेशियर पर्यटकों के लिए एक नया डेस्टिनेशन बनकर उभरेंगे।
विज्ञापन
मनाली-लेह का वैकल्पिक मार्ग होगा
शिंकुला टनल बनने के बाद लेह-लद्दाख और कारगिल के इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी। मनाली-लेह मार्ग पर रोहतांग के अलावा बारालाचा, नाकिला, लाचुंगला और तंगलंगला को पार करना पड़ता है।
विज्ञापन
- शिंकुला में टनल बनने से कारगिल पहुंचने के लिए मार्ग बदल जाएगा। इसमें सालभर आवाजाही हो सकेगी। साथ ही यह मार्ग वैकल्पिक बन जाएगा।