हिमाचल: कॉलेजों, विवि में एआई-ड्रोन के अब साथ स्पोर्ट्स साइंस की पढ़ाई, उच्च शिक्षा परिषद की बैठक में फैसला
प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जल्द ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सिक्योरिटी, डाटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग और स्पोर्ट्स साइंस जैसे आधुनिक कोर्सों का विस्तार देखने को मिलेगा।
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हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जल्द ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सिक्योरिटी, डाटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग और स्पोर्ट्स साइंस जैसे आधुनिक कोर्सों का विस्तार देखने को मिलेगा। सोमवार को राज्य सचिवालय में उच्च शिक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की नौकरियों, नई तकनीकों और बदलती वैश्विक चुनौतियों के लिए तैयार करना होना चाहिए।
रोजगारपरक और कौशल आधारित विषय शुरू करने के निर्देश
उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षण संस्थानों को पाठ्यक्रमों को लगातार अपडेट करने और अधिक से अधिक रोजगारपरक और कौशल आधारित विषय शुरू करने के निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि वर्तमान की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान में चल रही योजनाओं की समीक्षा करते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए। शिक्षण संस्थानों को खेल प्रतिभाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्पोर्ट्स साइंस, फिटनेस, पोषण और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए। बैठक में उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. सरबजोत सिंह बहल, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह सहित परिषद के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नए युग की पढ़ाई पर फोकस
बैठक में साइबर सिक्योरिटी, डाटा साइंस, रोबोटिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, जीआईएस, ड्रोन तकनीक, डिजिटल मार्केटिंग और उद्यमिता जैसे उभरते क्षेत्रों में नए पाठ्यक्रम शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इन विषयों को उद्योगों की मांग और भविष्य के रोजगार बाजार को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को रोजगार बाजार में बदलाव का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि संभावित चुनौतियों का पहले से आकलन कर युवाओं को तैयार करना चाहिए।
हिमालयी विषयों पर बढ़ेगा शोध
रोहित ठाकुर ने हिमाचल और हिमालयी क्षेत्रों से जुड़े विषयों पर अनुसंधान को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, आपदा प्रबंधन, कृषि, बागवानी और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में शोध गतिविधियों को मजबूत करने के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे, अनुदान और उद्योगों के साथ साझेदारी पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और इंटर्नशिप को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा।
विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस
शिक्षा मंत्री ने कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में काउंसलिंग, कॅरिअर मार्गदर्शन और विद्यार्थी सहायता प्रणालियों को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक सहायता ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सहयोग और व्यक्तित्व विकास के अवसर भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि वे प्रतिस्पर्धी दुनिया में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।