HP Panchayat Election: राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा, पंचायतीराज संस्थाओं का रोस्टर जल्द जारी करे विभाग
आयोग की तरफ से मतदाता सूचियों का प्रकाशन और छपाई का काम पूरा कर लिया गया है। अब मतदाता सूचियां बीडीओ और पंचायतों में उपलब्ध करवाई जा रही है।
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पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियों में जुटे राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज विभाग को आरक्षण रोस्टर जल्द जारी करने को कहा है। आयोग के मुताबिक, रोस्टर जारी नहीं होने के कारण चुनाव का प्रोसेस आगे नहीं बढ़ पा रहा है। आयोग की तरफ से मतदाता सूचियों का प्रकाशन और छपाई का काम पूरा कर लिया गया है। अब मतदाता सूचियां बीडीओ और पंचायतों में उपलब्ध करवाई जा रही है। इस बीच, नए वोटर भी अपने नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। पंचायतों में 2 और शहरी निकायों में वोट बनाने के लिए लोग 50 रुपये लगेंगे। बता दें, हिमाचल हाईकोर्ट ने पंचायतों और शहरी निकायों के चुनाव को 30 अप्रैल से पहले करवाने को कहा है। वहीं, राज्य सरकार प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। राज्य सरकार की याचिका पर शीर्ष अदालत 13 फरवरी को सुनवाई करेगी।
हिमाचल प्रदेश में 31 पंचायतों को छोड़कर अन्य सभी की मतदाता सूचियों की छपाई तकरीबन पूरी हो गई है। इन पंचायतों में अभी पुनर्गठन और पुनर्सीमांकन किया गया है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इसे पब्लिक डोमेन में नहीं लाया गया है। इससे भी चुनाव प्रक्रिया रुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग की मानें तो जब तक सुप्रीम कोर्ट से पंचायत चुनाव को लेकर स्टे नहीं मिलता है तब तक हाईकोर्ट का ऑर्डर स्टैंड है और आयोग को हाईकोर्ट के आदेशानुसार ही चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि चुनाव के लिए तैयारियां पूरी हैं। बस आरक्षण रोस्टर का इंतजार है।
प्रशासकों की अध्यक्षता में जनरल हाउस की तैयारी
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब पंचायतों में विकास कराने का जिम्मा प्रशासकों के कंधों पर है। मार्च में विकास कार्यों की शेल्फें तैयार की जानी है। इससे पहले जनरल हाउस अनिवार्य है। बताया जा रहा है कि प्रशासकों की अध्यक्षता में जनरल हाउस बुलाने की तैयारी है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि तैयारियां पूरी है रोस्टर का इंतजतार है।