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Shimla News: सदन में कांग्रेस-भाजपा की हलवे से शुरू हुई लड़ाई दो माह बाद पनीर के पकौड़े पर थमी
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खास
फरवरी में हुए सदन में हलवा खाने को लेकर हुआ था घमासान, इसके बाद भाजपा पार्षदों ने त्याग दिया था सदन का चाय-पानी
दो महीने बाद बुधवार को सदन में परोसे चाय-पकौड़े
मेयर ने मनाया तो मान गए पार्षद, मिलकर चखा स्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन में हलवा खाने से शुरू हुई कांग्रेस और भाजपा पार्षदों की लड़ाई दो महीने बाद पनीर पकौड़े के स्वाद से थम गई। बुधवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने मनमुटाव दूर करते हुए एकसाथ बैठकर चाय के साथ पनीर पकौड़े खाए।
नगर निगम सदन में दो महीने से भाजपा के पार्षद चाय-पान का बहिष्कार कर रहे थे। दरअसल फरवरी में नगर निगम का बजट पेश करने के लिए बुलाए सदन में हलवा खाने को लेकर खूब सियासत गरमाई थी। बजट पढ़ने से पहले महापौर सुरेंद्र चौहान की ओर से सदन में सभी पार्षदों, अधिकारियों को हलवा परोसा गया था। सभी पार्षदों ने इसे खाया। हालांकि, बजट पेश करने से पहले ही भाजपा पार्षदों ने मेयर के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। इस पर महापौर ने कहा था कि भाजपा पार्षदों ने बजट पढ़ा तक नहीं। पार्षद सिर्फ हलवा खाकर चले गए। महापौर का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसके बाद नाराज भाजपा पार्षदों ने सदन में चाय पानी से लेकर खाने पीने की चीजों का बहिष्कार कर दिया था।
मेयर के कहने पर दूर किए गिले-शिकवे
नगर निगम सदन में बुधवार को फिर से सभी पार्षदों को बैठक के बाद चाय पकौड़े परोसे गए। भाजपा पार्षद इसे छोड़कर बाहर निकलने ही वाले थे कि कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने महापौर से इन्हें रोकने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सदन में यह अच्छा नहीं लगता कि कुछ पार्षद खाने का बहिष्कार करें। यदि ऐसा ही रहा तो वह भी नहीं खाएंगे। कुछ अन्य कांग्रेस पार्षदों ने भी मेयर से अनुरोध किया। मेयर सुरेंद्र चौहान ने भाजपा पार्षदों से कहा कि गिले शिकवे दूर करने चाहिए। पुरानी लड़ाई बढ़ानी सही नहीं है। सभी जनता के मुद्दों को उठाने के लिए सदन में आए हैं। भाजपा पार्षदों ने पहले अपनी नाराजगी दिखाई, फिर मनमुटाव दूर करते हुए सदन में बैठ गए। इसके बाद सभी ने मिलकर चाय के साथ पनीर पकौड़े का स्वाद लिया।
सरकार को भेजा नक्शे की फीस का प्रस्ताव
सदन में भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा समेत अन्य पार्षदों ने नक्शों की फीस नगर निगम को देने का मामला उठाया। सभी पार्षद सीएम के पास चलकर इस मुद्दे को उठाने के लिए तैयार है। यदि निगम को पैसा नहीं आएगा तो जनता के काम कैसे होंगे। यह पैसा सरकार के खाते में नहीं जाना चाहिए। महापौर ने कहा कि यह मामला सीएम के समक्ष उठाया है। पार्किंग समेत अन्य मामले भी सरकार के पास उठाए हैं। सदन ने दोबारा प्रस्ताव पारित किया कि नक्शे की फीस निगम को ही देने का मामला फिर से सरकार को भेजा जाए।
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फरवरी में हुए सदन में हलवा खाने को लेकर हुआ था घमासान, इसके बाद भाजपा पार्षदों ने त्याग दिया था सदन का चाय-पानी
दो महीने बाद बुधवार को सदन में परोसे चाय-पकौड़े
मेयर ने मनाया तो मान गए पार्षद, मिलकर चखा स्वाद
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन में हलवा खाने से शुरू हुई कांग्रेस और भाजपा पार्षदों की लड़ाई दो महीने बाद पनीर पकौड़े के स्वाद से थम गई। बुधवार को हुई नगर निगम की मासिक बैठक में कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने मनमुटाव दूर करते हुए एकसाथ बैठकर चाय के साथ पनीर पकौड़े खाए।
नगर निगम सदन में दो महीने से भाजपा के पार्षद चाय-पान का बहिष्कार कर रहे थे। दरअसल फरवरी में नगर निगम का बजट पेश करने के लिए बुलाए सदन में हलवा खाने को लेकर खूब सियासत गरमाई थी। बजट पढ़ने से पहले महापौर सुरेंद्र चौहान की ओर से सदन में सभी पार्षदों, अधिकारियों को हलवा परोसा गया था। सभी पार्षदों ने इसे खाया। हालांकि, बजट पेश करने से पहले ही भाजपा पार्षदों ने मेयर के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए सदन का बहिष्कार कर दिया। इस पर महापौर ने कहा था कि भाजपा पार्षदों ने बजट पढ़ा तक नहीं। पार्षद सिर्फ हलवा खाकर चले गए। महापौर का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था जिसके बाद नाराज भाजपा पार्षदों ने सदन में चाय पानी से लेकर खाने पीने की चीजों का बहिष्कार कर दिया था।
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मेयर के कहने पर दूर किए गिले-शिकवे
नगर निगम सदन में बुधवार को फिर से सभी पार्षदों को बैठक के बाद चाय पकौड़े परोसे गए। भाजपा पार्षद इसे छोड़कर बाहर निकलने ही वाले थे कि कांग्रेस पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने महापौर से इन्हें रोकने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सदन में यह अच्छा नहीं लगता कि कुछ पार्षद खाने का बहिष्कार करें। यदि ऐसा ही रहा तो वह भी नहीं खाएंगे। कुछ अन्य कांग्रेस पार्षदों ने भी मेयर से अनुरोध किया। मेयर सुरेंद्र चौहान ने भाजपा पार्षदों से कहा कि गिले शिकवे दूर करने चाहिए। पुरानी लड़ाई बढ़ानी सही नहीं है। सभी जनता के मुद्दों को उठाने के लिए सदन में आए हैं। भाजपा पार्षदों ने पहले अपनी नाराजगी दिखाई, फिर मनमुटाव दूर करते हुए सदन में बैठ गए। इसके बाद सभी ने मिलकर चाय के साथ पनीर पकौड़े का स्वाद लिया।
सरकार को भेजा नक्शे की फीस का प्रस्ताव
सदन में भाजपा पार्षद सरोज ठाकुर, कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा समेत अन्य पार्षदों ने नक्शों की फीस नगर निगम को देने का मामला उठाया। सभी पार्षद सीएम के पास चलकर इस मुद्दे को उठाने के लिए तैयार है। यदि निगम को पैसा नहीं आएगा तो जनता के काम कैसे होंगे। यह पैसा सरकार के खाते में नहीं जाना चाहिए। महापौर ने कहा कि यह मामला सीएम के समक्ष उठाया है। पार्किंग समेत अन्य मामले भी सरकार के पास उठाए हैं। सदन ने दोबारा प्रस्ताव पारित किया कि नक्शे की फीस निगम को ही देने का मामला फिर से सरकार को भेजा जाए।
