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Shimla News: पार्किंग महंगी, आवंटन प्रक्रिया बदली पांच साल के लिए हो सकेगी बुकिंग
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शहर में बनी नगर निगम की व्यावसायिक पार्किंग की दरें 30 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को सदन में दी गई मंजूरी
छोटी पार्किंग की पहले एक साल के लिए होती थी बुकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बाजारों के आसपास बनी नगर निगम की व्यावसायिक पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना अब महंगा पड़ेगा। नगर निगम सदन ने इन पार्किंग की दरें 30 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यही नहीं सदन ने रिहायशी इलाकों के बीच बनी छोटी पार्किंग के आवंटन की प्रक्रिया में भी बदलाव कर दिया है।
नगर निगम सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए निगम प्रशासन ने कहा कि शहर में घरेलू पार्किंग की दरें पहले बढ़ाई जा चुकी हैं। व्यावसायिक पार्किंग की दरें आठ साल से नहीं बढ़ी हैं। इन्हें अब बढ़ाना जरूरी है। इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बाजारों के आसपास पीपीपी मोड पर बनी बाकी पार्किंग की दरें पहले ही ज्यादा हैं। पार्किंग दरों में एकरूपता लाने के लिए निगम को भी अपनी व्यावसायिक पार्किंग दरों को बढ़ाना होगा। वहीं, रिहायशी इलाकों के बीच बनी घरेलू पार्किंग की आवंटन प्रक्रिया भी बदल दी है। लोग अब एकमुश्त शुल्क देकर पांच साल तक इनकी सुविधा ले सकेंगे। अभी तक सिर्फ एक साल के लिए ही लोग पार्किंग बुक करवा सकते थे। सदन में कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने इसका प्रस्ताव पेश किया था। कहा कि लोगों को हर साल नगर निगम कार्यालय में आकर फिर से पार्किंग के लिए आवेदन करना पड़ता है। यह स्थानीय लोग हैं और ज्यादातर पांच साल के लिए पार्किंग सुविधा चाहते हैं। इससे निगम को भी हर साल आवेदन प्रक्रिया का झंझट नहीं रहेगा। दूसरा लोगों को भी सुविधा मिलेगी। सदन ने सबकी सहमति के बाद इसे पारित कर दिया।
एकसाथ शुल्क देकर मिलेगी सुविधा
अब लोग एकसाथ पांच साल का शुल्क चुकाकर अपने घर के पास बनी पार्किंग में गाड़ी के लिए जगह बुक करवा सकेंगे। शहर के रिहायशी इलाकों में 80 से ज्यादा पार्किंग बनी हैं। इनमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटन होता है। हालांकि इससे उन लोगों को नुकसान भी होगा जिन्हें पार्किंग नहीं मिल रही। साल खत्म होने के भी दूसरे लोग इन पार्किंग में गाड़ी खड़ी नहीं कर पाएंगे। भट्ठाकुफर पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने ढली की पुरानी टनल वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने का प्रस्ताव लगाया। सदन ने इसे मंजूरी दी। यह टनल अब नशेड़ियों का अड्डा बन गई है। इसका सर्वेक्षण कर इसे खोला जाए।
सदन ने यह फैसले भी लिए
भरयाल में लगेगा सोलर प्लांट, 93.85 लाख से तैयार होगी साइट
कानूनी वारिसों के नाम होंगी दुकानें, स्टॉल और अन्य संपत्तियां
शहर में लावारिस कुत्तों की होगी नसबंदी, निजी फर्म को दिया जाएगा काम
पार्किंग संचालन के लिए टेंडर आमंत्रण को सदन की मंजूरी
कार के लिए व्यावसायिक पार्किंग की नई दरें
समय पुरानी दरें नई दरें
0-2 15 रुपये 25 रुपये
0-4 30 रुपये 50 रुपये
0-6 50 रुपये 75 रुपये
0-12 100 रुपये 150 रुपये
0-24 170 रुपये 260 रुपये
मासिक 2000 रुपये 3250 रुपये
दोपहिया के लिए व्यावसायिक पार्किंग की नई दरें
समय पुरानी दरें नई दरें
0-2 5 रुपये 10 रुपये
0-4 10 रुपये 15 रुपये
0-6 20 रुपये 25 रुपये
0-12 40 रुपये 55 रुपये
0-24 80 रुपये 105 रुपये
मासिक 750 रुपये 975 रुपये
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छोटी पार्किंग की पहले एक साल के लिए होती थी बुकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बाजारों के आसपास बनी नगर निगम की व्यावसायिक पार्किंग में गाड़ी खड़ी करना अब महंगा पड़ेगा। नगर निगम सदन ने इन पार्किंग की दरें 30 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यही नहीं सदन ने रिहायशी इलाकों के बीच बनी छोटी पार्किंग के आवंटन की प्रक्रिया में भी बदलाव कर दिया है।
नगर निगम सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए निगम प्रशासन ने कहा कि शहर में घरेलू पार्किंग की दरें पहले बढ़ाई जा चुकी हैं। व्यावसायिक पार्किंग की दरें आठ साल से नहीं बढ़ी हैं। इन्हें अब बढ़ाना जरूरी है। इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। बाजारों के आसपास पीपीपी मोड पर बनी बाकी पार्किंग की दरें पहले ही ज्यादा हैं। पार्किंग दरों में एकरूपता लाने के लिए निगम को भी अपनी व्यावसायिक पार्किंग दरों को बढ़ाना होगा। वहीं, रिहायशी इलाकों के बीच बनी घरेलू पार्किंग की आवंटन प्रक्रिया भी बदल दी है। लोग अब एकमुश्त शुल्क देकर पांच साल तक इनकी सुविधा ले सकेंगे। अभी तक सिर्फ एक साल के लिए ही लोग पार्किंग बुक करवा सकते थे। सदन में कांग्रेस पार्षद सिमी नंदा ने इसका प्रस्ताव पेश किया था। कहा कि लोगों को हर साल नगर निगम कार्यालय में आकर फिर से पार्किंग के लिए आवेदन करना पड़ता है। यह स्थानीय लोग हैं और ज्यादातर पांच साल के लिए पार्किंग सुविधा चाहते हैं। इससे निगम को भी हर साल आवेदन प्रक्रिया का झंझट नहीं रहेगा। दूसरा लोगों को भी सुविधा मिलेगी। सदन ने सबकी सहमति के बाद इसे पारित कर दिया।
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एकसाथ शुल्क देकर मिलेगी सुविधा
अब लोग एकसाथ पांच साल का शुल्क चुकाकर अपने घर के पास बनी पार्किंग में गाड़ी के लिए जगह बुक करवा सकेंगे। शहर के रिहायशी इलाकों में 80 से ज्यादा पार्किंग बनी हैं। इनमें पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटन होता है। हालांकि इससे उन लोगों को नुकसान भी होगा जिन्हें पार्किंग नहीं मिल रही। साल खत्म होने के भी दूसरे लोग इन पार्किंग में गाड़ी खड़ी नहीं कर पाएंगे। भट्ठाकुफर पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने ढली की पुरानी टनल वाहनों की आवाजाही के लिए खोलने का प्रस्ताव लगाया। सदन ने इसे मंजूरी दी। यह टनल अब नशेड़ियों का अड्डा बन गई है। इसका सर्वेक्षण कर इसे खोला जाए।
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समय पुरानी दरें नई दरें
0-2 15 रुपये 25 रुपये
0-4 30 रुपये 50 रुपये
0-6 50 रुपये 75 रुपये
0-12 100 रुपये 150 रुपये
0-24 170 रुपये 260 रुपये
मासिक 2000 रुपये 3250 रुपये
दोपहिया के लिए व्यावसायिक पार्किंग की नई दरें
समय पुरानी दरें नई दरें
0-2 5 रुपये 10 रुपये
0-4 10 रुपये 15 रुपये
0-6 20 रुपये 25 रुपये
0-12 40 रुपये 55 रुपये
0-24 80 रुपये 105 रुपये
मासिक 750 रुपये 975 रुपये
