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Shimla News: खस्ताहाल सड़क से शोघी में उद्योगों की रफ्तार पर ब्रेक
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ग्राउंड रिपोर्ट
औद्योगिक क्षेत्र शोघी-खवारा चौकी की मुख्य सड़क बदहाल, हिचकोले खाते गुजरते हैं वाहन
ढाई साल से नहीं की गई है सड़कों की टारिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला के एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र खवारा चौकी (शोघी) को राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-चंडीगढ़ से जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है।
यह सड़क न केवल यहां चल रहे उद्योगों के लिए बल्कि यहां स्थित ऑटो रिपेयर और सर्विस सेंटरों में गाड़ियों की खरीद तथा मरम्मत करवाने आने वाले आम लोगों के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। ढाई से तीन किलोमीटर लंबी इस औद्योगिक क्षेत्र की सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। ढाई साल से इसकी टारिंग (लुक-बजरी) नहीं हुई है। सड़क का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही ऐसा है, जहां टारिंग नजर आती है। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह से उद्योग विभाग की है। यहां औद्योगिक इकाइयां चलाने वाले उद्यमी लगातार जिला उद्योग विभाग से सड़क की मरम्मत और टारिंग की मांग उठा रहे हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। इसके एवज में विभाग की ओर से हमेशा बजट न होने की बात ही सुनने को मिलती है। उद्योगपति संजय सूद ने कहा कि सड़क मरम्मत की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से औद्योगिक क्षेत्र की लिंक सड़क पर पैर रखते ही गड्ढों और उड़ती धूल से वाहनों का स्वागत होता है। 500 मीटर का जो हिस्सा लोक निर्माण विभाग के अधीन है, उसकी टारिंग उखड़ चुकी है। इस क्षेत्र में हुंडई, टाटा, अशोक लीलेंड और किया जैसी कई नामी कंपनियों के सेल्स तथा सर्विस सेंटर हैं। इस खस्ताहाल सड़क पर नई छोटी गाड़ियों को सुरक्षित शोरूम तक पहुंचाना और वहां से बिकने के बाद सुरक्षित नेशनल हाईवे तक लाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। इस औद्योगिक क्षेत्र में कई कारखाने भी हैं जिनके लिए कच्चा माल लाना और तैयार माल बाहर भेजना मुश्किल हो रहा है।
70 से अधिक औद्योगिक इकाइयां
इस क्षेत्र में वर्तमान में करीब 70 उद्योग चल रहे यहां सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं। सार्वजनिक परिवहन (बस आदि) की सुविधा न होने के कारण उन्हें निजी वाहनों से ही आना-जाना पड़ता है। खराब सड़क के कारण रोज हादसों का डर बना रहता है।
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हर समय गिरने का खतरा रहता है
कर्मचारी दिनेश कुमार ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने के लिए मैं अपने निजी वाहन से आता हूं। सड़क पर गड्ढे इतने हैं कि बाइक चलाते समय हर समय गिरने का खतरा बना रहता है।
बारिश में स्थिति होती है बदतर
वाकनाघाट निवासी सौरव ने कहा कि रोज वाकनाघाट से ड्यूटी के लिए बाइक पर आता-जाता हूं। सड़क खराब होने से सफर बेहद मुश्किल होता है और बारिश के दिनों में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। इस सड़क को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है परेशानी
पवाड़ निवासी कमल किशोर ने कहा कि मेरा अपना गांव भी इसी क्षेत्र में है। यहां कोई सरकारी परिवहन सुविधा नहीं है। उद्योग लगने पर स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि सरकार और उद्योग विभाग उन्हें बेहतर सुविधाएं देगा लेकिन यहां तो सड़क तक ठीक नहीं है। स्थानीय ग्रामीण भी इससे बेहद परेशान हैं।
विभाग को भेजा है बजट का प्रस्ताव
इंडस्ट्रियल एरिया खवारा चौकी (शोघी) की सड़क के रखरखाव और टारिंग के लिए उच्च अधिकारियों को बजट का प्रस्ताव भेजा है। बजट स्वीकृत होते ही सड़क की मरम्मत और टारिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। दो साल पहले ही सड़क की टारिंग की गई थी लेकिन भारी वाहनों (ट्रकों) की नियमित आवाजाही के कारण टारिंग जल्दी उखड़ गई।
-संजय कंवर,जीएम जिला उद्योग विभाग (शिमला)
औद्योगिक क्षेत्र शोघी-खवारा चौकी की मुख्य सड़क बदहाल, हिचकोले खाते गुजरते हैं वाहन
ढाई साल से नहीं की गई है सड़कों की टारिंग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला शिमला के एकमात्र औद्योगिक क्षेत्र खवारा चौकी (शोघी) को राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-चंडीगढ़ से जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है।
यह सड़क न केवल यहां चल रहे उद्योगों के लिए बल्कि यहां स्थित ऑटो रिपेयर और सर्विस सेंटरों में गाड़ियों की खरीद तथा मरम्मत करवाने आने वाले आम लोगों के लिए भी सिरदर्द बनी हुई है। ढाई से तीन किलोमीटर लंबी इस औद्योगिक क्षेत्र की सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं। ढाई साल से इसकी टारिंग (लुक-बजरी) नहीं हुई है। सड़क का केवल एक छोटा सा हिस्सा ही ऐसा है, जहां टारिंग नजर आती है। सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी तरह से उद्योग विभाग की है। यहां औद्योगिक इकाइयां चलाने वाले उद्यमी लगातार जिला उद्योग विभाग से सड़क की मरम्मत और टारिंग की मांग उठा रहे हैं, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। इसके एवज में विभाग की ओर से हमेशा बजट न होने की बात ही सुनने को मिलती है। उद्योगपति संजय सूद ने कहा कि सड़क मरम्मत की मांग उठाई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग से औद्योगिक क्षेत्र की लिंक सड़क पर पैर रखते ही गड्ढों और उड़ती धूल से वाहनों का स्वागत होता है। 500 मीटर का जो हिस्सा लोक निर्माण विभाग के अधीन है, उसकी टारिंग उखड़ चुकी है। इस क्षेत्र में हुंडई, टाटा, अशोक लीलेंड और किया जैसी कई नामी कंपनियों के सेल्स तथा सर्विस सेंटर हैं। इस खस्ताहाल सड़क पर नई छोटी गाड़ियों को सुरक्षित शोरूम तक पहुंचाना और वहां से बिकने के बाद सुरक्षित नेशनल हाईवे तक लाना अपने आप में बड़ी चुनौती है। इस औद्योगिक क्षेत्र में कई कारखाने भी हैं जिनके लिए कच्चा माल लाना और तैयार माल बाहर भेजना मुश्किल हो रहा है।
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70 से अधिक औद्योगिक इकाइयां
इस क्षेत्र में वर्तमान में करीब 70 उद्योग चल रहे यहां सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं। सार्वजनिक परिवहन (बस आदि) की सुविधा न होने के कारण उन्हें निजी वाहनों से ही आना-जाना पड़ता है। खराब सड़क के कारण रोज हादसों का डर बना रहता है।
हर समय गिरने का खतरा रहता है
कर्मचारी दिनेश कुमार ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में काम करने के लिए मैं अपने निजी वाहन से आता हूं। सड़क पर गड्ढे इतने हैं कि बाइक चलाते समय हर समय गिरने का खतरा बना रहता है।
बारिश में स्थिति होती है बदतर
वाकनाघाट निवासी सौरव ने कहा कि रोज वाकनाघाट से ड्यूटी के लिए बाइक पर आता-जाता हूं। सड़क खराब होने से सफर बेहद मुश्किल होता है और बारिश के दिनों में तो हालात और भी ज्यादा खराब हो जाते हैं। इस सड़क को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों को झेलनी पड़ रही है परेशानी
पवाड़ निवासी कमल किशोर ने कहा कि मेरा अपना गांव भी इसी क्षेत्र में है। यहां कोई सरकारी परिवहन सुविधा नहीं है। उद्योग लगने पर स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि सरकार और उद्योग विभाग उन्हें बेहतर सुविधाएं देगा लेकिन यहां तो सड़क तक ठीक नहीं है। स्थानीय ग्रामीण भी इससे बेहद परेशान हैं।
विभाग को भेजा है बजट का प्रस्ताव
इंडस्ट्रियल एरिया खवारा चौकी (शोघी) की सड़क के रखरखाव और टारिंग के लिए उच्च अधिकारियों को बजट का प्रस्ताव भेजा है। बजट स्वीकृत होते ही सड़क की मरम्मत और टारिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। दो साल पहले ही सड़क की टारिंग की गई थी लेकिन भारी वाहनों (ट्रकों) की नियमित आवाजाही के कारण टारिंग जल्दी उखड़ गई।
-संजय कंवर,जीएम जिला उद्योग विभाग (शिमला)