Dharamshala: शीतकालीन प्रवास के बाद तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा 13 को पहुंचेंगे धर्मशाला
दलाई लामा की धर्मशाला वापसी को लेकर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन और बौद्ध अनुयायियों में खासा उत्साह है। हर साल की तरह वह 10 दिसंबर को शीतकालीन प्रवास के लिए दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के मुंडगोड स्थित अपने मठ गए थे।
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तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो 13 फरवरी को धर्मशाला लौटेंगे। वह दक्षिण भारत की अपनी यात्रा पूरी करके दिल्ली पहुंचे चुके हैं। वहां कुछ समय विश्राम करने के बाद 13 फरवरी को गगल एयरपोर्ट पर उतरेेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से वह अपने पारंपरिक निवास मैक्लोडगंज के लिए रवाना होंगे। दलाई लामा की धर्मशाला वापसी को लेकर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन और बौद्ध अनुयायियों में खासा उत्साह है। हर साल की तरह वह 10 दिसंबर को शीतकालीन प्रवास के लिए दक्षिण भारत के कर्नाटक राज्य के मुंडगोड स्थित अपने मठ गए थे। यहां वह अपने अनुयायियों से मुलाकात करते हुए धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे। दक्षिण भारत का मौसम उनकी सेहत के लिए अनुकूल होने के कारण वे हर सर्दी वहां प्रवास करते हैं, जबकि धर्मशाला में सर्दियों के मौसम में अत्यधिक ठंड रहती है।
दलाई लामा के कर्नाटक प्रवास के दौरान बौद्ध नगरी मैक्लोडगंज में सन्नाटा पसरा था, जिसके कारण होटल, रेस्तरां, टैक्सी सेवाओं और अन्य पर्यटन कारोबार में मंदी आ गई थी। अब उनकी धर्मशाला वापसी के साथ ही पर्यटन क्षेत्र के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। 18 फरवरी को तिब्बती नववर्ष लोसर का आगाज होगा, जिसे लेकर तिब्बतियों में विशेष उत्साह है। इसी महीने 23 फरवरी को मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखांग बौद्ध मठ में दलाई लामा की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन प्रस्तावित है। तिब्बती बौद्ध भिक्षु दलाई लामा के स्वागत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।