शक्ति की उपासना का महापर्व है नवरात्रि। नवरात्रि की साधना से प्रसन्न होकर माता अपने साधकों पर पूरे वर्ष कृपा बरसाती हैं। चैत्र नवरात्रि में माता को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं, जिसे भक्ति-भाव से करने पर अच्छे फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं देवी जगदंबा को प्रसन्न करने के पांच महाउपाय —
Chaitra Navratri 2019 : इन पांच उपायों से प्रसन्न होंगी देवी मां, भर देंगी सुख-संपत्ति का भंडार
शक्ति की साधना से प्रसन्न होकर माता अपने साधक को त्रिबिध तापों ( दैहिक, दैविक और भौतिक ) से मुक्त करती है। उसे सुख-संपत्ति और आरोग्य का आशीर्वाद देती हैं। चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए पूजा में लाल रंग के पुष्प का विशेष रूप से प्रयोग करना चाहिए, लेकिन यदि आप माता को शीघ्र अति शीघ्र प्रसन्न करना चाहते हैं तो तो नवरात्रि के नौ दिनों में किसी भी एक दिन कमल का फूल जरूर चढ़ाएं। धन की देवी मां लक्ष्मी को कमल का फूल अत्यंत प्रिय होता है और इस पुष्प से पूजा करने पर धन—संपदा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शक्ति की साधना करते समय कई बार हम इतने लीन हो जाते हैं कि हमें पूजा के तमाम नियमों का ख्याल ही नहीं रहता है। इसी तरह कई बार हमें पूजा की विधि का भी ज्ञान नहीं होता है। इस समस्या का भी निदान हमारे धर्मशास्त्रों में दिया हुआ है। दुर्गा सप्तशती जिसका पाठ हम नवरात्रि में करते हैं, उसमें क्षमा प्रार्थना का प्रावधान है। कहने का तात्पर्य यह है कि यदि पूजा के दौरान कोई भूल-चूक हो जाए तो आप दुर्गा सप्तशती के अंत में क्षमा प्रार्थना पढ़ कर देवी से माफी मांग लेते हैं और आपकी पूजा पूरी हो जाती है। हालांकि हमारी कोशिश होनी चाहिए कि जब कभी भी मां भगवती की पूजा करें, तो न केवल सच्चे मन से करें बल्कि सही तरीके से करें।
नवरात्रि के 9 दिनों में कलश स्थापना और अखंड ज्योति के साथ देवी दुर्गा की करवाएं विशेष पूजा।
घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए नवरात्रि के दिनों में घर के मुख्य दरवाजे पर स्वस्तिक का निशान बनाना न भूलें। साथ ही गणपति की पूजा भी विधि-विधान से करें। इससे कार्य में आने वाली तमाम तरह की बाधाएं दूर होती हैं।
नवरात्रि पर कमल के फूल पर बैठी हुईं माता लक्ष्मी की तस्वीर की पूजा करना बहुत शुभ होता है। ऐसा करने से मां दुर्गा के साथ आपको लक्ष्मीजी की भी कृपा मिलेगी।
नवरात्रि के 9 दिनों में कलश स्थापना और अखंड ज्योति के साथ देवी दुर्गा की करवाएं विशेष पूजा।