Badminton New Rules: क्या बदल गया स्कोरिंग का नियम? 21 नहीं इतने अंकों का होगा खेल; BAI ने लिया बड़ा फैसला
भारतीय बैडमिंटन में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब घरेलू टूर्नामेंट पहले जैसे नहीं दिखेंगे, क्योंकि बीएआई ने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय नियमों के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नया 3x15 स्कोरिंग सिस्टम लागू करने का फैसला किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने भारतीय खिलाड़ियों को नए नियमों के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से घरेलू बैडमिंटन सर्किट में बीडब्ल्यूएफ के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को इस महीने से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत घरेलू रैंकिंग, जोनल और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अब नए प्रारूप के अनुसार मुकाबले खेले जाएंगे।
क्या एर्नाकुलम टूर्नामेंट से होगी नए नियमों की शुरुआत?
7 से 14 जुलाई तक एर्नाकुलम के रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित होने वाला योनैक्स-सनराइज ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट पहला घरेलू टूर्नामेंट होगा, जिसमें नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या अब 21 की जगह 15 अंकों तक खेला जाएगा हर गेम?
संशोधित प्रारूप के तहत मुकाबले पहले की तरह बेस्ट ऑफ थ्री गेम्स के आधार पर और रैली-पॉइंट सिस्टम से खेले जाएंगे। हालांकि, अब प्रत्येक गेम 21 की जगह 15 अंकों का होगा। यदि स्कोर 14-14 की बराबरी पर पहुंचता है, तो दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी। वहीं, अधिकतम स्कोर 21 तक रहेगा और 20-20 की स्थिति में अगला अंक ही गेम का फैसला करेगा।
नए सिस्टम का मकसद खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय बदलाव के लिए तैयार करना है?
यह नया प्रारूप अगले साल जनवरी से बीडब्ल्यूएफ की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे मुकाबले अधिक तेज, रोमांचक और रणनीतिक होंगे। खिलाड़ियों को तेजी से फैसले लेने और बेहतर रणनीति अपनाने की जरूरत होगी। बीएआई के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सभी आयु वर्ग के खिलाड़ी नए स्कोरिंग सिस्टम के साथ सहज हो सकें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लागू होने पर उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
मैच के दौरान भी बदले हैं कुछ नियम?
नए प्रारूप के तहत मैच संचालन से जुड़े कुछ नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब गेम के बीच का पारंपरिक ब्रेक उस समय होगा, जब कोई खिलाड़ी या जोड़ी आठ अंक हासिल करेगी। तीसरे गेम में कोर्ट बदलने के साथ 60 सेकंड का ब्रेक मिलेगा। हालांकि, दोनों गेमों के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का अंतराल पहले की तरह जारी रहेगा। पिछले गेम का विजेता ही अगले गेम में पहली सर्विस करेगा।
सभी आयु वर्ग के टूर्नामेंट में लागू होगा नया नियम?
नया 3x15 स्कोरिंग सिस्टम अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स (वेटरंस) वर्ग के सभी घरेलू रैंकिंग टूर्नामेंट और जोनल चैंपियनशिप में लागू होगा। इसके अलावा अंडर-11 से लेकर सीनियर और मास्टर्स वर्ग तक आयोजित होने वाली सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप भी इसी नए प्रारूप के अनुसार खेली जाएंगी।