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Hindi News ›   Sports ›   Badminton ›   US Open Badminton: Kidambi Srikanth's title dream shattered; Su Li-yang defeats him in the final.

US Open Badminton: किदांबी श्रीकांत का टूटा खिताब जीतने का सपना, फाइनल में सु ली-यांग ने हराया

Mon, 29 Jun 2026 02:17 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, फुलर्टन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, फुलर्टन Published by: स्वप्निल शशांक Updated Mon, 29 Jun 2026 02:17 PM IST
सार

बीडब्ल्यूएफ के साथ बात करते हुए सु ली-यांग ने कहा, 'मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि मैंने यह कर दिखाया। मैं बहुत खुश और उत्साहित हूं। आखिरी गेम में हम दोनों काफी थक चुके थे। उस समय मैंने खुद से कहा कि सिर्फ ध्यान बनाए रखो, लगातार लड़ते रहो और खुद पर भरोसा रखो। मुझे अपने प्रदर्शन पर बहुत गर्व है। मैंने इस पल के लिए बहुत मेहनत की है। मैं लंबे समय से बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर का खिताब जीतना चाहता था और यह मेरा पहला वर्ल्ड टूर खिताब है। मुझे पूरा भरोसा है कि मैं भविष्य में भी ऐसे कई खिताब जीत सकता हूं।'

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US Open Badminton: Kidambi Srikanth's title dream shattered; Su Li-yang defeats him in the final.
किदांबी श्रीकांत - फोटो : ANI

विस्तार

दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर के खिताब का इंतजार और बढ़ गया। यूएस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में श्रीकांत को चीनी ताइपे के सु ली-यांग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। 33 वर्षीय किदांबी श्रीकांत ने अपने से नौ साल छोटे प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया। उन्होंने मैच में वापसी की पूरी कोशिश की और जीत के लिए पूरा दम लगाया, लेकिन आखिरकार एक घंटे नौ मिनट तक चले मुकाबले में उन्हें 15-21, 21-16 और 9-21 से हार का सामना करना पड़ा।
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श्रीकांत ने 2017 फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने के बाद कोई बीडब्ल्यूएफ टूर खिताब नहीं जीता है। मैच के बाद उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, वह काम कर रहा है। मुझे बस कड़ी मेहनत करते रहना है। मुझे लगता है कि मैं वहां हूं, लेकिन यह उन जरूरी प्वाइंट्स को जीतने के बारे में है। वह (सु ली यांग) पिछले कुछ महीनों से बहुत अच्छा खेल रहे हैं। यह एक ऐसा दिन था, जब उन्होंने उन प्वाइंट्स पर बहुत अच्छा खेला जो मायने रखते थे।"
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किदांबी श्रीकांत और ताइवान के सु ली-यांग इससे पहले दो बार आमने-सामने आ चुके थे। दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक मुकाबला जीता था। यूएस ओपन फाइनल से पहले उनकी पिछली भिड़ंत मई में थाईलैंड ओपन के प्री-क्वार्टर फाइनल में हुई थी, जिसमें सु ली-यांग ने तीन गेम में जीत दर्ज की थी।
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  • फाइनल के पहले गेम में सु ली-यांग ने शानदार शुरुआत करते हुए 10-5 की बढ़त बनाई, हालांकि श्रीकांत ने शानदार वापसी करते हुए स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया। इसके बाद सु ने लगातार सात अंक जीतकर मुकाबले पर पकड़ बना ली और पहला गेम 21-15 से अपने नाम कर लिया।
  • दूसरे गेम में श्रीकांत ने बेहतर खेल दिखाया। शुरुआती दौर में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही, लेकिन इसके बाद श्रीकांत ने लगातार अंक जुटाकर 20-13 की मजबूत बढ़त बना ली। उन्होंने अपना चौथा गेम प्वाइंट भुनाते हुए दूसरा गेम को 21-16 से जीतकर मैच को बराबरी पर ला दिया।

हालांकि दूसरे गेम में शानदार वापसी के लिए की गई मेहनत का असर तीसरे गेम में दिखाई दिया। श्रीकांत की रफ्तार धीमी पड़ गई और थकान साफ नजर आने लगी। इसका फायदा उठाते हुए सु ली-यांग ने निर्णायक गेम पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया और लगातार 8 अंक अर्जित करते हुए तीसरे सेट को 21-9 से जीतने के साथ ही मुकाबला को अपने नाम कर लिया।

बैडमिंटन एशिया जूनियर टीम चैंपियनशिप: क्वार्टर फाइनल में हांगकांग ने भारत को हराया
जापान के यात्सुशिरो में खेले जा रहे बैडमिंटन एशिया जूनियर मिक्स्ड टीम चैंपियनशिप में भारत का सफर समाप्त हो गया है। सोमवार को क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम को हांगकांग के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की। देव रूपारेलिया और तन्वी पत्री ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। पहले दो मैचों के बाद भारत 22-12 से आगे था। इसके बाद भारतीय डबल्स जोड़ी ने भी बेहतरीन खेल दिखाया और बढ़त को बरकरार रखा। दोनों खिलाड़ियों ने संयम के साथ अंक जुटाए और टीम को किसी भी तरह की मुश्किल में नहीं आने दिया। आखिरकार भारत ने यह सेट 55-44 के अंतर से अपने नाम किया।

दूसरे सेट में हांगकांग ने शानदार वापसी की। कैन यी हेई ने देव रूपारेलिया को 11-8 से हराकर अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। इसके बाद आईपी सम याउ ने भी जीत दर्ज की और हांगकांग की बढ़त 22-16 तक पहुंचा दी। भारतीय डबल्स जोड़ियां भी इस अंतर को कम नहीं कर सकीं। नतीजतन हांगकांग ने दूसरा सेट जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे सेट तक पहुंचा दिया।तीसरे और आखिरी सेट में देव रूपारेलिया ने फिर शानदार खेल दिखाया और चैन को 11-9 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। हालांकि, आईपी सम याउ ने जीत दर्ज कर स्कोर 22-21 कर दिया और मुकाबला बेहद रोमांचक बना दिया।

इसके बाद ब्योर्न जैसन और डियांका वाल्डिया की भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी ने चेउंग साई शिंग और विंग ची चू के खिलाफ मुकाबले में भारत को 33-32 की मामूली बढ़त दिलाई। दोनों जोड़ियों के बीच मुकाबला 11-11 से बराबरी पर समाप्त हुआ, जिससे मैच का रोमांच अंत तक बना रहा। हालांकि, तन्वी रेड्डी एंडलुरी और बरुनी पार्श्ववाल चू और यी किउ यू से 5-11 से हार गईं और भारत इससे उबर नहीं सका और सेट 55-43 से हार गया।

जूनियर कॉन्टिनेंटल बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 का 26वां संस्करण दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता का है, जो 26 से 30 जून तक खेला जाएगा। इसके बाद 1 से 5 जुलाई तक व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) मुकाबले आयोजित होंगे। टीम इवेंट में इस बार रिले फॉर्मेट अपनाया गया है। इस फॉर्मेट में दोनों टीमों के खिलाड़ी बारी-बारी से मुकाबले खेलते हैं और जो टीम सबसे पहले 110 अंक हासिल कर लेती है, उसे विजेता घोषित किया जाता है।


मिक्स्ड टीम प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद खिलाड़ियों के बीच व्यक्तिगत स्पर्धाएं शुरू होंगी, जिनमें अलग-अलग वर्गों के मुकाबले खेले जाएंगे। भारत की ओर से इस चैंपियनशिप में 19 सदस्यीय टीम हिस्सा ले रही है। भारतीय चुनौती की अगुवाई जूनियर स्तर की उभरती खिलाड़ी तन्वी पत्री और अभिनव गर्ग कर रहे हैं।
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