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GOAT India Tour: क्या मेसी के भारत दौरे में हुई थी गड़बड़ी? पूर्व मंत्री अरूप से पुलिस की पूछताछ ने बढ़ाए सवाल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:00 AM IST
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सार
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी के 2025 के कोलकाता दौरे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास गुरुवार को बिधाननगर पुलिस के सामने पेश हुए। टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे आरोपों की जांच के तहत उनसे पूछताछ की गई। यह मामला पिछले साल साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित उस कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें मेसी शामिल हुए थे।
अरूप बिस्वास और मेसी
- फोटो : IANS
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विस्तार
अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी के 2025 के भारत दौरे से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले में जांच तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरूप बिस्वास गुरुवार को बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे मामले में पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिस्वास सुबह करीब 9:55 बजे बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। इससे पहले वह पुलिस के तीन समन पर उपस्थित नहीं हुए थे।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित उस हाई-प्रोफाइल फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें लियोनल मेसी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता ने अरूप बिस्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर बिधाननगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह मामला पिछले वर्ष 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित उस हाई-प्रोफाइल फुटबॉल कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें लियोनल मेसी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के आयोजक शतद्रु दत्ता ने अरूप बिस्वास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में टिकटों की कालाबाजारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर बिधाननगर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कार्यक्रम के दौरान हुआ था हंगामा
मेसी के कार्यक्रम के बाद स्टेडियम में कुछ दर्शकों ने तोड़फोड़ भी की थी। आरोप था कि हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें मेसी की एक झलक तक नहीं मिल सकी। कई दर्शकों का दावा था कि मैदान पर प्रभावशाली लोगों की भीड़ मेसी के आसपास बनी रही, जिसके कारण आम दर्शकों को उनसे जुड़ा अनुभव नहीं मिल पाया। इसी वजह से कार्यक्रम के बाद नाराजगी देखने को मिली थी।
मेसी के कार्यक्रम के बाद स्टेडियम में कुछ दर्शकों ने तोड़फोड़ भी की थी। आरोप था कि हजारों रुपये खर्च कर टिकट खरीदने के बावजूद उन्हें मेसी की एक झलक तक नहीं मिल सकी। कई दर्शकों का दावा था कि मैदान पर प्रभावशाली लोगों की भीड़ मेसी के आसपास बनी रही, जिसके कारण आम दर्शकों को उनसे जुड़ा अनुभव नहीं मिल पाया। इसी वजह से कार्यक्रम के बाद नाराजगी देखने को मिली थी।
अरूप बिस्वास ने आरोपों से किया इनकार
पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम के वित्तीय मामलों से उनका कोई संबंध नहीं था। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें किसी भी कठोर कार्रवाई से सशर्त राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। पांच जून को बिस्वास ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बिधाननगर दक्षिण थाने को पत्र लिखकर पेश होने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था।
पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास लगातार अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना है कि कार्यक्रम के वित्तीय मामलों से उनका कोई संबंध नहीं था। इससे पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने उन्हें किसी भी कठोर कार्रवाई से सशर्त राहत देते हुए जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। पांच जून को बिस्वास ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बिधाननगर दक्षिण थाने को पत्र लिखकर पेश होने के लिए दो सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा था।
आयोजक का नया दावा
इस बीच मेसी के भारत दौरे के आयोजक शतद्रु दत्ता ने बुधवार को दावा किया कि फुटबॉलर की संचार टीम ने पुलिस को एक पत्र भेजा है, जिसमें पूरे विवाद के लिए अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया गया है। दत्ता का यह भी दावा है कि उक्त पत्र में उनके खिलाफ लगाए गए कुप्रबंधन के आरोपों से उन्हें मुक्त बताया गया है। गौरतलब है कि इसी मामले में उन्हें पहले गिरफ्तार कर जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, इस कथित पत्र को लेकर बिधाननगर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और मामले पर चुप्पी साध रखी है।
इस बीच मेसी के भारत दौरे के आयोजक शतद्रु दत्ता ने बुधवार को दावा किया कि फुटबॉलर की संचार टीम ने पुलिस को एक पत्र भेजा है, जिसमें पूरे विवाद के लिए अरूप बिस्वास को जिम्मेदार ठहराया गया है। दत्ता का यह भी दावा है कि उक्त पत्र में उनके खिलाफ लगाए गए कुप्रबंधन के आरोपों से उन्हें मुक्त बताया गया है। गौरतलब है कि इसी मामले में उन्हें पहले गिरफ्तार कर जेल भी जाना पड़ा था। हालांकि, इस कथित पत्र को लेकर बिधाननगर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और मामले पर चुप्पी साध रखी है।
जांच पर टिकी निगाहें
पूर्व मंत्री की पेशी के बाद अब इस मामले की जांच नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस की पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और मेसी के बहुचर्चित भारत दौरे से जुड़े विवाद का सच क्या है।
पूर्व मंत्री की पेशी के बाद अब इस मामले की जांच नए चरण में पहुंच गई है। पुलिस की पूछताछ और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं और मेसी के बहुचर्चित भारत दौरे से जुड़े विवाद का सच क्या है।