FIFA World Cup: हार के बाद किस खिलाड़ी को मिली जान से मारने की धमकी? कोलंबियाई फुटबॉल महासंघ ने की कड़ी निंदा
फीफा विश्व कप 2026 से कोलंबिया के बाहर होने के बाद मिडफील्डर जैमिंटन कैंपाज को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकियां मिलीं। इसके बाद कोलंबिया फुटबॉल फेडरेशन ने जांच की मांग करते हुए खिलाड़ियों के समर्थन में बयान जारी किया।
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कोलंबिया फुटबॉल फेडरेशन ने वर्ल्ड कप से टीम के बाहर होने के बाद मिडफील्डर जैमिंटन कैंपाज को मिली धमकियों की कड़ी निंदा की है। फेडरेशन ने कहा कि उसने अभियोजन अधिकारियों से सोशल मीडिया पर कैंपाज को निशाना बनाने वाले लोगों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कैंपाज ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले के अतिरिक्त समय में एक अहम मौका गंवा दिया था, जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया गया।
कोलंबिया का अभियान कैसे खत्म हुआ?
मंगलवार को वैंकूवर में खेले गए राउंड ऑफ-16 मुकाबले में निर्धारित समय और अतिरिक्त समय तक दोनों टीमों के बीच कोई गोल नहीं हुआ। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को 4-3 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।
कोलंबिया फुटबॉल फेडरेशन ने आधिकारिक बयान जारी कर जैमिंटन कैंपाज, उनके परिवार, राष्ट्रीय टीम के सभी खिलाड़ियों और पूरे दल के प्रति अपना पूरा समर्थन और एकजुटता जताई। फेडरेशन ने अटॉर्नी जनरल कार्यालय से अपील की कि वह तुरंत जांच कर दोषियों की पहचान करे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। फेडरेशन ने कैंपाज की जान और सुरक्षा को लेकर दी गई धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कोलंबिया का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी पूरी प्रतिबद्धता और देश के प्रति प्रेम के साथ मैदान में उतरते हैं।
कैंपाज ने क्या कहा?
अतिरिक्त समय में जब उनके सामने केवल गोलकीपर थे, तब कैंपाज का शॉट क्रॉसबार के ऊपर चला गया। यदि वह गोल हो जाता तो कोलंबिया क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाता। 26 वर्षीय कैंपाज, जो अर्जेंटीना के क्लब रोसारियो सेंट्रल के लिए खेलते हैं, हार के बाद कोलंबिया वापस नहीं लौटे। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना चेहरा हाथों से ढके हुए एक फोटो साझा करते हुए प्रशंसकों से माफी मांगी।
कैंपाज ने कहा कि वह सभी को वह खुशी नहीं दे सके जिसकी सभी को उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने कभी भी प्रतिबद्धता, समर्पण या इस जर्सी के प्रति अपने प्रेम में कमी नहीं आने दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने मैदान पर अपना सब कुछ दिया और देश के लिए वह ऐसा हजार बार फिर करेंगे।
फेडरेशन ने पुराने दर्दनाक हादसे का भी जिक्र किया
इस घटना ने 1994 फीफा वर्ल्ड कप की उस घटना की याद दिला दी, जब अमेरिका के खिलाफ आत्मघाती गोल करने के कुछ दिनों बाद कोलंबिया के डिफेंडर एंड्रेस एस्कोबार की मेडेलिन में हत्या कर दी गई थी। फेडरेशन ने कहा कि फुटबॉल एकता, सम्मान और उम्मीद का माध्यम होना चाहिए, न कि नफरत, धमकी या हिंसा का मंच।