FIFA WC: जर्मनी को हराकर इतिहास रच गया इक्वाडोर, राष्ट्रपति ने घोषित किया राष्ट्रीय अवकाश; पूरे देश में जश्न
फीफा विश्व कप में इक्वाडोर ने 4 बार की चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक जीत और नॉकआउट में जगह बनाने की खुशी में राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने देश में राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की है।
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राष्ट्रपति ने खिलाड़ियों और कोच का जताया आभार
इस महाविजय के बाद राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक और गर्व से भरी पोस्ट साझा की। उन्होंने टीम की आलोचना करने वालों को करारा जवाब देते हुए खिलाड़ियों और मुख्य कोच सेबेस्टियन बेकासेसे का आभार जताया।
राष्ट्रपति नोबोआ ने लिखा "खिलाड़ियों और कोच को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने तमाम आलोचनाओं, अपमान और कठिन दौर से गुजरने के बावजूद शानदार वापसी की और पूरे देश को यह असीम खुशी दी। कल (शुक्रवार) देश में छुट्टी रहेगी! इक्वाडोर अमर रहे।"
खराब शुरुआत के बाद ऐसे पलटा मैच का पासा
इक्वाडोर के लिए यह राह आसान नहीं थी। टीम को अपने पहले मैच में आइवरी कोस्ट से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि कुराकाओ के खिलाफ दूसरा मैच गोलरहित ड्रा रहा था। वहीं दूसरी तरफ जर्मनी की टीम पहले ही नॉकआउट के लिए क्वालीफाई कर चुकी थी और मैच में जीत की प्रबल दावेदार थी।
मैच की शुरुआत में जर्मनी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। फ्लोरियन विर्ट्ज़ के पास पर लेरॉय साने ने मैच का पहला शॉट सीधे गोल पोस्ट के भीतर दागकर जर्मनी को शुरुआती बढ़त दिला दी। साने ने बड़ी ही आसानी से गेंद को इक्वाडोर के गोलकीपर हर्नान गैलिंडेज को छकाते हुए निचले बाएं कोने में डाल दिया। इस गोल के तुरंत बाद इक्वाडोर के खिलाड़ियों ने फाउल की अपील की। रीप्ले में भी यह देखा गया कि गोल से ठीक पहले जर्मनी के अलेक्सांद्र पाव्लोविच का पैर इक्वाडोर के मिडफील्डर प्रेडो विटे के सिर पर लगा था, लेकिन अंपायर ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
निल्सन एंगुलो का जादुई गोल और फिर पक्की हुई जीत
शुरुआती झटका लगने के बावजूद इक्वाडोर ने हिम्मत नहीं हारी। टीम ने पूरे दमखम और आक्रामकता के साथ वापसी की। मैच के 9वें मिनट में ही निल्सन एंगुलो ने मिडफील्ड से मिले एक ढीले पास को लपका और मैनुअल न्युएर जैसे दिग्गज गोलकीपर को छकाते हुए एक बेहद दमदार लॉन्ग-रेंज शॉट लगाकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद पहले हाफ तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं।
मैच का सबसे निर्णायक क्षण 77वें मिनट में आया। दाएं छोर से मिले एक कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हवा में उछलकर गेंद को गोल पोस्ट की तरफ फ्लिक किया, जहां खड़े गोंजालो प्लाटा ने बिना कोई गलती किए फुर्ती से गेंद को नेट के अंदर धकेल दिया। इस गोल के होते ही स्टेडियम में मौजूद इक्वाडोर के फैंस और डगआउट में बैठे खिलाड़ी खुशी से झूम उठे।
अंतिम मिनटों का वो सांस रोक देने वाला रोमांच
2-1 की बढ़त लेने के बाद इक्वाडोर की टीम पूरी तरह से डिफेंसिव मोड में आ गई। मैच के अंतिम क्षणों और 7 मिनट के इंजरी टाइम में जर्मनी ने बराबरी का गोल दागने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इक्वाडोर के डिफेंस ने चट्टान की तरह डटकर जर्मनी के हर वार को नाकाम कर दिया। आखिरकार, अंतिम सीटी बजने के साथ ही इक्वाडोर ने 2-1 से मैच अपने नाम कर लिया।
इतिहास में दूसरी बार किया यह कारनामा
यह फुटबॉल इतिहास में केवल दूसरी बार है जब इक्वाडोर की टीम विश्व कप के ग्रुप स्टेज से आगे बढ़कर नॉकआउट चरण में पहुंची है। इससे पहले टीम ने साल 2006 में यह मुकाम हासिल किया था।