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Anahat Singh: 'यह मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं', विश्व चैंपियन बनने के बाद भावुक हुईं अनाहत सिंह
Sun, 26 Jul 2026 01:07 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 26 Jul 2026 01:07 PM IST
सार
विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह ने अपनी ऐतिहासिक जीत को सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से इस टूर्नामेंट में निराशा हाथ लग रही थी, लेकिन आखिरी जूनियर सीजन में खिताब जीतना उनके लिए बेहद खास और भावुक पल है।
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अनाहत सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत की नंबर एक स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने के बाद अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी है। ओंटारियो में खेले गए महिला एकल फाइनल में मिस्र की रुकय्या सालेम को सीधे गेमों में हराकर इतिहास रचने वाली 18 वर्षीय अनाहत इस खिताब को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
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'मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा'
विश्व में 20वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत ने फाइनल में रुकय्या सालेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं।' दिल्ली की इस युवा खिलाड़ी ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह इस प्रतियोगिता में लगातार सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हारती रही थीं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई मुझसे पूछता था तो मैं मजाक में कहती थी कि यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है, क्योंकि मैं यहां कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती थी।'
विश्व में 20वें नंबर की खिलाड़ी अनाहत ने फाइनल में रुकय्या सालेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मुझे अब भी ऐसा लग रहा है जैसे मैं सपना देख रही हूं।' दिल्ली की इस युवा खिलाड़ी ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह इस प्रतियोगिता में लगातार सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में हारती रही थीं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई मुझसे पूछता था तो मैं मजाक में कहती थी कि यह टूर्नामेंट मेरे लिए अभिशाप है, क्योंकि मैं यहां कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती थी।'
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आखिरी जूनियर सीजन में मिला सबसे बड़ा तोहफा
अनाहत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि जूनियर सर्किट में यह उनका आखिरी साल था। उन्होंने कहा, 'यह जूनियर स्तर पर मेरा आखिरी मौका था। इसलिए इस बार खिताब जीतना मेरे लिए बेहद खास है।' उन्होंने बताया कि फाइनल में उतरते समय उन्होंने खुद पर दबाव नहीं डाला। उनका लक्ष्य सिर्फ मुकाबले का आनंद लेना था। उन्होंने कहा, 'मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में रहूंगी तो अच्छा नहीं खेल पाऊंगी। इसलिए मैंने हर शॉट का आनंद लिया और विश्व चैंपियनशिप के फाइनल के हर पल को जीने की कोशिश की।'
अनाहत के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि जूनियर सर्किट में यह उनका आखिरी साल था। उन्होंने कहा, 'यह जूनियर स्तर पर मेरा आखिरी मौका था। इसलिए इस बार खिताब जीतना मेरे लिए बेहद खास है।' उन्होंने बताया कि फाइनल में उतरते समय उन्होंने खुद पर दबाव नहीं डाला। उनका लक्ष्य सिर्फ मुकाबले का आनंद लेना था। उन्होंने कहा, 'मुझे पता था कि अगर मैं तनाव में रहूंगी तो अच्छा नहीं खेल पाऊंगी। इसलिए मैंने हर शॉट का आनंद लिया और विश्व चैंपियनशिप के फाइनल के हर पल को जीने की कोशिश की।'
'भारतीय स्क्वैश के लिए ऐतिहासिक पल'
भारतीय स्क्वैश रैकेट्स महासंघ (SRFI) के महासचिव साइरस पोंचा ने अनाहत की उपलब्धि को भारतीय स्क्वैश के इतिहास का सबसे बड़ा क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दिवंगत एन. रामचंद्रन का सपना था कि भारत व्यक्तिगत स्पर्धा में विश्व चैंपियन तैयार करे और अनाहत ने उस सपने को साकार कर दिया। पोंचा ने कहा कि यह सफलता सिर्फ अनाहत की कड़ी मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि वर्षों से उन्हें मिले परिवार, कोच और भारतीय स्क्वैश समुदाय के समर्थन का भी परिणाम है। अनाहत की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय स्क्वैश के लिए नए युग की शुरुआत मानी जा रही है और आने वाले वर्षों में उनसे सीनियर स्तर पर भी ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।
भारतीय स्क्वैश रैकेट्स महासंघ (SRFI) के महासचिव साइरस पोंचा ने अनाहत की उपलब्धि को भारतीय स्क्वैश के इतिहास का सबसे बड़ा क्षण बताया। उन्होंने कहा कि दिवंगत एन. रामचंद्रन का सपना था कि भारत व्यक्तिगत स्पर्धा में विश्व चैंपियन तैयार करे और अनाहत ने उस सपने को साकार कर दिया। पोंचा ने कहा कि यह सफलता सिर्फ अनाहत की कड़ी मेहनत का नतीजा नहीं है, बल्कि वर्षों से उन्हें मिले परिवार, कोच और भारतीय स्क्वैश समुदाय के समर्थन का भी परिणाम है। अनाहत की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय स्क्वैश के लिए नए युग की शुरुआत मानी जा रही है और आने वाले वर्षों में उनसे सीनियर स्तर पर भी ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जाएगी।