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Kargil Vijay Diwas: 'हम उनका कर्ज कभी नहीं भूलेंगे', कारगिल विजय दिवस पर सहवाग-जाधव ने वीर जवानों को किया नमन
Sun, 26 Jul 2026 02:38 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 26 Jul 2026 02:38 PM IST
सार
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और केदार जाधव ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। सहवाग ने कहा कि 527 वीर सैनिकों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता, जबकि जाधव ने भारतीय सेना की वीरता और देशभक्ति को नमन करते हुए उन्हें राष्ट्र का गौरव बताया।
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सहवाग का कारगिल दिवस पर बयान
- फोटो : IANS
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विस्तार
कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ पर पूरा देश 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है। इस अवसर पर भारत के पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग और केदार जाधव ने भी भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किए।
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सहवाग बोले- सैनिकों का बलिदान कभी नहीं भुलाया जाएगा
वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कारगिल युद्ध की कठिन परिस्थितियों का जिक्र करते हुए लिखा कि भारतीय सैनिक 16 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढकी चोटियों पर दुश्मन का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर कदम देश की रक्षा के लिए उठाया गया था।
सहवाग ने अपने संदेश में लिखा, 'अगर दुनिया में निस्वार्थ लोगों को देखना हो तो एक सैनिक की जिंदगी देखिए। वह सिर्फ इतना चाहता है कि उसके पीछे का देश सुरक्षित रहे। 527 सैनिकों ने अपनी जान दी ताकि हम आज चैन की नींद सो सकें। 27 साल बीत चुके हैं, लेकिन हम उनका कर्ज कभी नहीं भूलेंगे। उन सभी वीरों को सलाम। जय हिंद।'
वीरेंद्र सहवाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कारगिल युद्ध की कठिन परिस्थितियों का जिक्र करते हुए लिखा कि भारतीय सैनिक 16 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ से ढकी चोटियों पर दुश्मन का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर कदम देश की रक्षा के लिए उठाया गया था।
सहवाग ने अपने संदेश में लिखा, 'अगर दुनिया में निस्वार्थ लोगों को देखना हो तो एक सैनिक की जिंदगी देखिए। वह सिर्फ इतना चाहता है कि उसके पीछे का देश सुरक्षित रहे। 527 सैनिकों ने अपनी जान दी ताकि हम आज चैन की नींद सो सकें। 27 साल बीत चुके हैं, लेकिन हम उनका कर्ज कभी नहीं भूलेंगे। उन सभी वीरों को सलाम। जय हिंद।'
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केदार जाधव ने भी वीर जवानों को किया नमन
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर केदार जाधव ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि कारगिल के रणक्षेत्र में भारतीय जवानों ने वीरता, बलिदान और देशभक्ति की अमर गाथा लिखी। जाधव ने कहा कि आज देश का तिरंगा जिस गर्व के साथ लहरा रहा है, वह इन वीर सैनिकों के बलिदान का परिणाम है।
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर केदार जाधव ने भी कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लिखा कि कारगिल के रणक्षेत्र में भारतीय जवानों ने वीरता, बलिदान और देशभक्ति की अमर गाथा लिखी। जाधव ने कहा कि आज देश का तिरंगा जिस गर्व के साथ लहरा रहा है, वह इन वीर सैनिकों के बलिदान का परिणाम है।
1999 में मिला था ऐतिहासिक विजय का गौरव
कारगिल युद्ध मई से जुलाई 1999 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था। यह संघर्ष लद्दाख के कारगिल, द्रास, बटालिक, मुश्कोह और काक्सर जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हुआ। बेहद कठिन मौसम, बर्फीली चोटियों और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तानी घुसपैठियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
'ऑपरेशन विजय' के दौरान 527 भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अनुशासन की मिसाल आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है। कारगिल विजय दिवस उन सभी अमर शहीदों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
कारगिल युद्ध मई से जुलाई 1999 के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था। यह संघर्ष लद्दाख के कारगिल, द्रास, बटालिक, मुश्कोह और काक्सर जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में हुआ। बेहद कठिन मौसम, बर्फीली चोटियों और चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद भारतीय सेना ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तानी घुसपैठियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
'ऑपरेशन विजय' के दौरान 527 भारतीय सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता और अनुशासन की मिसाल आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है। कारगिल विजय दिवस उन सभी अमर शहीदों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।