खेल का सबसे बड़ा महाकुंभ टोक्यो ओलंपिक की शुरुआत होने में बस नौ दिन बाकी हैं। इस बार इन खेलों का आयोजन जापान की राजधानी टोक्यो में किया जा रहा है। वैसे 2020 ओलंपिक का आयोजन टोक्यो में होना था लेकिन कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के चलते स्थगित करना पड़ा। अब एक बार फिर इन खेलों की मेजबानी करने के लिए जापान तैयार है। भारत के नजरिए से देखा जाए तो इस बार पहलवानी में ज्यादा पदक जीतने की उम्मीद है। क्योंकि भारतीय पहलवानों ने ओलंपिक में अब तक 5 पदक जीते हैं। इस बार टोक्यो ओलंपिक में जाने वाले भरतीय दल में 6 नए पहलवान शामिल हैं। आइए आपको उन पहलवानों के बारे में जो ओलंपिक में कमाल करने का दमखम रखते हैं।
Tokyo Olympics: इन भारतीय पहलवानों से होगी गोल्ड की उम्मीद, विरोधी को टक्कर देने में माहिर
विनेश फोगाट
टोक्यो ओलंपिक में 53 किग्रा भार वर्ग में विनेश फोगाट से पदक की बहुत उम्मीदें हैं। 2016 रियो ओलंपिक के दौरान चोटिल होने की वजह से उन्हें बाहर होना पड़ा था। लेकिन अब विनेश के पास अपने सपने को साकार करने का बेहतरीन मौका है। उन्होंने 2019 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर टोक्यो का टिकट कटाया था। इसके बाद जकार्ता में एशियाई खेलों में विनेश ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने आपको नई ऊंचाईयों पर पहुंचाया है। ऐसे में उनसे पदक की उम्मीदें ज्यादा हैं। टोक्यो ओलंपिक में विेनेश को मायू मुकादा, लुइसा एलिजाबेथ, कियानु पांग प्रेवोलाराकी जैसे पहलवानों से कठिन चुनौती मिल सकती है।
बजरंग पूनिया
65 किग्रा फ्री स्टाइल में बजरंग पूनिया धमाल मचा सकते हैं। इस लिए उनसे पदक की उम्मीदें हैं। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले विश्व चैंपियन बजरंग पहली बार ओलंपिक में हिस्सा लेंगे। 27 वर्षीय बजरंग पूनिया ने नुर सुल्तान टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ओलंपिक का टिकट हासिल किया था। टोक्यो ओलंपिक में बजरंग को 65 किग्रा फ्री स्टाइल में दूसरी वरीयता दी गई है। उन्हें इस बार ओलंपिक में पदक जीतने का दावेदार माना जा रहा है। टोक्यो ओलंपिक में उनको सबसे बड़ी चुनौती राशिदोव से मिल सकती है। इसके अलावा दौलेत नियाजबेकोव, इम्माइल मुसुकाजेव और तकूतो ओटोगुरो जैसे पहलवानों को उन्हें पदक जीतने के लिए चित करना होगा।
अंशु मलिक
इस बार युवा पहलवान अंशु मलिक पर भी सबकी नजरें रहेंगी। 57 किग्रा भार वर्ग में उनसे देश को पदक की उम्मीद है। अंशु अपनी पहलवानी के जरिए टोक्यो ओलंपिक में उटलफेर करने माद्दा रखते हैं। एशियाई ओलंपिक क्वीफायर में उन्होंने जिस तरह से प्रदर्शन किया उससे सभी को पदक की उम्मीद है। उन्हें टोक्यो ओलंपिक में सातवीं वरीयता मिली है।
दीपक पूनिया
86 किग्रा फ्री स्टाइल में दीपक पूनिया से पदक की उम्मीद रहेगी। दीपक भारत की तरफ से जूनियर विश्व चैंपियन रहे हैं। उन्होंने नूर सुल्तान टूर्नामेंट में ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है। वह ओलंपिक में अपने टैलेंट के दम पर देश को पदक दिला सकते हैं।