{"_id":"6a7c4d1427fc7f810501d2ad","slug":"sports-ministry-suspends-recognition-of-table-tennis-federation-of-india-over-governance-deficiencies-2026-08-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Table Tennis: भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन पर खेल मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, जानिए क्यों मान्यता की निलंबित","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Table Tennis: भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन पर खेल मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, जानिए क्यों मान्यता की निलंबित
Wed, 12 Aug 2026 04:08 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 12 Aug 2026 04:08 PM IST
सार
खेल मंत्रालय ने बुधवार को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी। मंत्रालय ने फेडरेशन में गवर्नेंस की कमियों और समय पर चुनाव नहीं कराने को कार्रवाई की वजह बताया। मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) से सलाह लेकर एडहॉक कमेटी बनाने को कहा है।
विज्ञापन
टेबल टेनिस में संकट
- फोटो : adobestock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय टेबल टेनिस के प्रशासन को लेकर खेल मंत्रालय ने बुधवार को बड़ा कदम उठाया। मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी है। इस फैसले के पीछे फेडरेशन में गवर्नेंस से जुड़ी कमियों को मुख्य वजह बताया गया है। मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, टीटीएफआई की ओर से समय पर चुनाव नहीं कराना भी मान्यता निलंबित करने के कारणों में शामिल है। इससे पहले मंत्रालय ने फेडरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उसके जवाब को 'असंतोषजनक' पाया गया। अप्रैल 2026 में द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने भी फेडरेशन में सत्ता संघर्ष और पदाधिकारियों के बीच मतभेद की बात रिपोर्ट की थी।
विज्ञापन
आईओए को एडहॉक कमेटी बनाने का निर्देश
मान्यता निलंबित करने के साथ ही खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को टेबल टेनिस के प्रशासन की व्यवस्था संभालने के लिए एडहॉक कमेटी बनाने को कहा है। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि आईओए, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) से सलाह लेकर एक आंतरिक नियामक व्यवस्था तैयार करेगा। इसमें एक एडहॉक कमेटी का गठन भी शामिल होगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक टीटीएफआई में एक विधिवत गठित और उचित गवर्नेंस ढांचा बहाल नहीं हो जाता।
मान्यता निलंबित करने के साथ ही खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को टेबल टेनिस के प्रशासन की व्यवस्था संभालने के लिए एडहॉक कमेटी बनाने को कहा है। मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि आईओए, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ (ITTF) से सलाह लेकर एक आंतरिक नियामक व्यवस्था तैयार करेगा। इसमें एक एडहॉक कमेटी का गठन भी शामिल होगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी, जब तक टीटीएफआई में एक विधिवत गठित और उचित गवर्नेंस ढांचा बहाल नहीं हो जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
समय पर चुनाव नहीं कराना पड़ा भारी
मंत्रालय की कार्रवाई में सबसे अहम मुद्दों में से एक टीटीएफआई के चुनाव समय पर नहीं कराया जाना रहा। कारण बताओ नोटिस के जवाब से मंत्रालय संतुष्ट नहीं हुआ और इसके बाद मान्यता निलंबित करने का फैसला लिया गया। टीटीएफआई में प्रशासनिक विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में फेडरेशन के अध्यक्ष और महासचिव के बीच मतभेदों का भी जिक्र किया गया था।
मंत्रालय की कार्रवाई में सबसे अहम मुद्दों में से एक टीटीएफआई के चुनाव समय पर नहीं कराया जाना रहा। कारण बताओ नोटिस के जवाब से मंत्रालय संतुष्ट नहीं हुआ और इसके बाद मान्यता निलंबित करने का फैसला लिया गया। टीटीएफआई में प्रशासनिक विवाद पहले भी सामने आते रहे हैं। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में फेडरेशन के अध्यक्ष और महासचिव के बीच मतभेदों का भी जिक्र किया गया था।
अब आगे क्या होगा?
मंत्रालय के फैसले के बाद फिलहाल टेबल टेनिस के प्रशासन को लेकर जिम्मेदारी आईओए की ओर बढ़ेगी। आईओए को आईटीटीएफ के साथ विचार-विमर्श कर ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है, जो टीटीएफआई में नियमित और विधिवत गवर्नेंस ढांचा बहाल होने तक खेल का संचालन कर सके। यानी फिलहाल टीटीएफआई का प्रशासन एडहॉक व्यवस्था के जरिए चलाए जाने की तैयारी है, जबकि फेडरेशन को अपनी गवर्नेंस संबंधी कमियों को दूर कर नियमित ढांचा बहाल करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
भारतीय टेबल टेनिस प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी है। मंत्रालय ने इस कार्रवाई के पीछे गवर्नेंस में कमियों को वजह बताया है। टीटीएफआई में प्रशासनिक खींचतान पहले से चर्चा में रही है।
मंत्रालय के फैसले के बाद फिलहाल टेबल टेनिस के प्रशासन को लेकर जिम्मेदारी आईओए की ओर बढ़ेगी। आईओए को आईटीटीएफ के साथ विचार-विमर्श कर ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है, जो टीटीएफआई में नियमित और विधिवत गवर्नेंस ढांचा बहाल होने तक खेल का संचालन कर सके। यानी फिलहाल टीटीएफआई का प्रशासन एडहॉक व्यवस्था के जरिए चलाए जाने की तैयारी है, जबकि फेडरेशन को अपनी गवर्नेंस संबंधी कमियों को दूर कर नियमित ढांचा बहाल करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
भारतीय टेबल टेनिस प्रशासन को बड़ा झटका लगा है। खेल मंत्रालय ने टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी है। मंत्रालय ने इस कार्रवाई के पीछे गवर्नेंस में कमियों को वजह बताया है। टीटीएफआई में प्रशासनिक खींचतान पहले से चर्चा में रही है।
2022 में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
टीटीएफआई पर इससे पहले भी बड़ा प्रशासनिक संकट आया था। 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फेडरेशन के कामकाज की निगरानी के लिए कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (CoA) की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2022 में नए पदाधिकारियों का चुनाव हुआ था। उस चुनाव में मेघना अहलावत अध्यक्ष और कमलेश मेहता महासचिव चुने गए थे। बाद के वर्षों में भी फेडरेशन के प्रशासन को लेकर विवाद जारी रहे।
खिलाड़ियों पर भी रहेगी नजर
टीटीएफआई भारतीय टेबल टेनिस का राष्ट्रीय शासी निकाय है। ऐसे में उसकी मान्यता का निलंबन केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर खिलाड़ियों और खेल की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। खेल मंत्रालय की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब भारतीय खेल महासंघों में प्रशासनिक व्यवस्था और गवर्नेंस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
टीटीएफआई पर इससे पहले भी बड़ा प्रशासनिक संकट आया था। 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फेडरेशन के कामकाज की निगरानी के लिए कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (CoA) की व्यवस्था की गई थी। इसके बाद दिसंबर 2022 में नए पदाधिकारियों का चुनाव हुआ था। उस चुनाव में मेघना अहलावत अध्यक्ष और कमलेश मेहता महासचिव चुने गए थे। बाद के वर्षों में भी फेडरेशन के प्रशासन को लेकर विवाद जारी रहे।
खिलाड़ियों पर भी रहेगी नजर
टीटीएफआई भारतीय टेबल टेनिस का राष्ट्रीय शासी निकाय है। ऐसे में उसकी मान्यता का निलंबन केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर खिलाड़ियों और खेल की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। खेल मंत्रालय की कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब भारतीय खेल महासंघों में प्रशासनिक व्यवस्था और गवर्नेंस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।