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Robot Race: बीजिंग हाफ मैराथन में इंसानों से तेज दौड़े रोबोट्स, तोड़ डाले रिकॉर्ड, 50 मिनट में पूरा किया रेस

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitish Kumar Updated Sun, 19 Apr 2026 07:05 PM IST
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सार

Beijing Half Marathon: बीजिंग में आयोजित ह्यूमनॉइड रोबोट हाफ मैराथन में पहली बार रोबोट्स ने इंसानी एथलीट्स को पीछे छोड़ दिया। 21.1 किमी की इस दौड़ में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने रिकॉर्ड समय में जीत दर्ज कर तकनीक की नई ताकत दिखा दी।

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बीजिंग में इंसानों के साथ दौड़े रोबोट्स - फोटो : X/@TeslaAaronL
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विस्तार

रविवार को आयोजित बीजिंग ई-टाउन ह्यूमनॉइड रोबोट हाफ मैराथन ने तकनीक की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया। इस रेस में पहली बार ऐसा हुआ जब कई ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने प्रोफेशनल मानव धावकों को पीछे छोड़ दिया। यह “ह्यूमन-रोबोट जॉइंट रन” था, जिसमें 100 से ज्यादा रोबोट और करीब 12,000 इंसानी धावक एक ही 21.1 किलोमीटर के ट्रैक पर दौड़े, हालांकि सुरक्षा के लिए दोनों के बीच बैरियर लगाए गए थे।
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‘लाइटनिंग’ रोबोट ने बनाया नया रिकॉर्ड
इस रेस का सबसे बड़ा आकर्षण ‘लाइटनिंग’ नाम का रोबोट रहा, जिसे चीनी टेक कंपनी ऑनर (Honor) ने विकसित किया है। इस रोबोट ने 21.1 किमी की दूरी सिर्फ 50 मिनट 26 सेकंड में पूरी कर ली। यह समय मानव विश्व रिकॉर्ड से करीब 7 मिनट तेज है, जिसे जैकब किपलीमो ने 57 मिनट 20 सेकंड में बनाया था। यह उपलब्धि पिछले साल की तुलना में बेहद बड़ी छलांग है, क्योंकि 2025 में सबसे तेज रोबोट को यही दूरी तय करने में 2 घंटे 40 मिनट से ज्यादा का समय लगा था।
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पोडियम पर पूरी तरह ऑनर का कब्जा
इस प्रतियोगिता में ऑनर की टीमों का दबदबा साफ देखने को मिला। पहले तीनों स्थान इसी कंपनी के रोबोट्स ने हासिल किए। दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले रोबोट्स ने क्रमशः करीब 51 और 53 मिनट में रेस पूरी की। इन सभी रोबोट्स में स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली एडवांस लिक्विड कूलिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया, जिससे दौड़ के दौरान पैदा होने वाली गर्मी को कंट्रोल किया जा सका।



AI और ऑटोमैटिक नेविगेशन में चीन की बढ़त
इस बार की रेस में तकनीक का स्तर भी काफी आगे बढ़ा दिखा। जहां 2025 में सभी रोबोट्स रिमोट से कंट्रोल किए जाते थे, वहीं इस बार करीब 40% रोबोट्स ने अपने ऑनबोर्ड सेंसर और AI की मदद से खुद ही रास्ता तय किया।

इस रेस में कुछ अनोखे दृश्य भी देखने को मिले। एक रोबोट ट्रैफिक मार्शल की भूमिका में नजर आया, जो इशारों और आवाज के जरिए धावकों को दिशा दे रहा था। हालांकि, सभी रोबोट्स का प्रदर्शन परफेक्ट नहीं रहा। कुछ स्टार्ट लाइन पर ही गिर गए, जबकि कुछ रास्ता भटक गए या बैरियर से टकरा गए।

दिलचस्प बात यह रही कि ऑनर का ही एक अलग रोबोट 48 मिनट 19 सेकंड के समय के साथ सबसे तेज रहा, लेकिन उसे विजेता नहीं माना गया क्योंकि प्रतियोगिता में ऑटोनॉमस परफॉर्मेंस को प्राथमिकता दी गई थी।

रोबोटिक्स में चीन की बढ़ती ताकत
चीन इस उभरती हुई तकनीक में खुद को वैश्विक लीडर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सरकार की ओर से सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी सपोर्ट के जरिए इस सेक्टर को बढ़ावा दिया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एजीबॉट, यूनिट्री रोबोटिक्स और यूबीटेक रोबोटिक्स जैसी कंपनियां दुनिया में सबसे ज्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट्स सप्लाई कर रही हैं। इसका उदाहरण हाल ही में आयोजित CCTV स्प्रिंग फेस्टिवल गाला में भी देखने को मिला, जहां कई ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने डांस और मार्शल आर्ट्स का शानदार प्रदर्शन किया था।
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