अब खुद काम करेगा AI: गूगल ने पेश किया एजेंटिक जेमिनी एरा, जानें आपके स्मार्टफोन से लेकर यूट्यूब तक क्या बदलेगा
Google AI Updates: गूगल I/O 2026 में सुंदर पिचाई ने एजेंटिक जेमिनी एरा का एलान करते हुए एआई का नया विजन पेश किया है। इन्होंने दावा किया कि अब जेमिनी सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि Search, YouTube, Android और Workspace में काम करने वाला स्मार्ट AI एजेंट बन चुका है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
900 मिलियन से ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे जेमिनी
गूगल की मानें तो इसका एआई एडॉप्शन अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। कंपनी ने बताया कि उसके AI सिस्टम हर महीने 3.2 क्वाड्रिलियन टोकन प्रोसेस कर रहे हैं। वहीं जेमिनी एप के यूजर्स की संख्या 900 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है। Google APIs हर मिनट करीब 19 बिलियन टोकन प्रोसेस कर रहे हैं, जबकि 8.5 मिलियन से ज्यादा डेवलपर्स जेमिनीमॉडल्स के जरिए एप्स बना रहे हैं। यह दिखाता है कि AI अब प्रयोगात्मक तकनीक नहीं, बल्कि मेनस्ट्रीम प्लेटफॉर्म बन चुका है।
Just off stage at #GoogleIO, some highlights from this morning 🧵
विज्ञापन
Gemini 3.5 Flash is available today for everyone in @antigravity and across our products and APIs.
Compared to 3.1 Pro, 3.5 Flash is better across almost all benchmarks with huge progress in coding. It’s also… pic.twitter.com/zqTbCCZL9D— Sundar Pichai (@sundarpichai) May 19, 2026
Search हुआ ज्यादा स्मार्ट और Conversational
इसके अलावा गूगल सर्च में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कंपनी का कहना है कि एआई ओवरव्यूज के एक्टिव यूजर्स की बात करें तो फिलहाल उनकी संख्या 2.5 बिलियन से अधिक है। जबकि कन्वर्सेशंल एआई मोड को एक बिलियन से भी ज्यादा लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में ये कहा जा रहा है कि अब सर्च सिर्फ छोटे कीवर्नड्स ही नहीं समझेगा, बल्कि लंबे और जटिल सवालों को भी इंसानों की तरह समझ सकेगा। Google ने नए Information Agents भी पेश किए हैं जो बैकग्राउंड में जानकारी ट्रैक करेंगे और जरूरत पड़ने पर खुद एक्शन भी लेंगे।
आस्क यूट्यूब बदलेगा वीडियो देखने का तरीका
यूट्यूब का एक नया आस्क यूट्यूब फीचर इस बार सबसे ज्यादा चर्चित अपडेट्स में शामिल रहा है। इसकी मदद से यूजर किसी वीडियो में पूरा कंटेंट देखने के बजाय सीधे उस हिस्से पर पहुंच सकेंगे जहां उनके सवाल का जवाब मौजूद है। जैसे मान लीजिए अगर कोई पूछे कि बच्चे को साइकिल चलाना कैसे सिखाएं?, तो AI सीधे वीडियो का वही पार्ट दिखाएगा जहां यह जानकारी दी गई है।
अब डॉक्स भी खुद लिखेगा जेमिनी
इसी के साथ Google Workspace में अब Docs Live फीचर जोड़ा जा रहा है। इसमें यूजर सिर्फ बोलेंगे और जेमिनी उस बातचीत को ऑटोमैटिक तरीके से प्रोफेशनल डॉक्यूमेंट में बदल देगा। यह भी कहा जा रहा है कि भविष्य में जीमेल और गूगल कीप में भी voice-based AI editing फीचर्स जोड़े जा सकते हैं।
इस चीजों पर सबसे ज्यादा फोकस
गूगल ने अपने नए मल्टीमॉलड एआई मॉडल जेमिनी ओमनी की घोषणा करते हुए बताया कि यह टेक्स्ट, इमेज और वीडियो तीनों को समझने और जनरेट करने में सक्षम होगा। वहीं, नया Gemini 3.5 Flash पहले से ज्यादा तेज और efficient बताया गया है। कंपनी का दावा है कि इसकी टेकन ऑउटपुट स्पीड पिछले मॉडल्स से चार गुना ज्यादा है।
Introducing your agent and the all-new Gemini Omni model in Google Flow. #GoogleIO
— Flow by Google (@FlowbyGoogle) May 19, 2026
✨ Think of your agent as a creative partner. It reasons through complex tasks and helps you brainstorm, create, and edit, all while under your direction.
⚡ Gemini Omni is where Gemini’s… pic.twitter.com/Fuaj4PiDiv
AI एजेंट्स का नया दौर शुरू
फीचर्स का सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ है, गूगल ने इन सबके अलावा एक Antigravity 2.0 प्लेटफॉर्म भी पेश किया है। जिसकी मदद से लंबे समय तक काम करने वाले autonomous AI agents बनाए जा सकेंगे। इसके साथ Gemini Spark नाम का 24/7 AI एजेंट भी दिखाया गया जो क्रोम, एंडॉयड और Google Services के साथ मिलकर लगातार बैकग्राउंड में काम करेगा।
AI Transparency पर भी बड़ा फोकस
तकनीक के साथ डीपफेक के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आपको बता दें कि गूगल अब एआई ट्रांसपेरेंसी पर भी खास ध्यान दे रहा है। एआई जनरेटेड फेक कंटेंट को रोकने के लिए Google का SynthID सिस्टम अब 100 बिलियन से ज्यादा इमेज और वीडियो को watermark कर चुका है। कंपनी के मुताबिक अब कई दूसरी बड़ी AI कंपनियां भी इस स्टैंडर्ड को अपनाने लगी हैं।