Assam Earthquake: असम में 5.1 तीव्रता का भूकंप; क्या आपका स्मार्टफोन आपको समय रहते अलर्ट कर सकता है?
असम के मोरीगांव जिले में 5.1 तीव्रता के भूकंप के बाद एक बार फिर यह सवाल अहम हो गया है कि भूकंप जैसी आपदाओं में समय रहते चेतावनी कैसे मिले। गूगल का एंड्रॉयड भूकंप अलर्ट सिस्टम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीक है।
विस्तार
असम में आज सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.1 मापी गई है। भूकंप का केंद्र असम का मोरीगांव जिला था। झटके सुबह लगभग 4:17 बजे महसूस किए गए, जिससे कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय समय पर जानकारी मिलना जान-माल की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। गूगल का एंड्रॉयड अलर्ट्स सिस्टम इस दिशा में एक जबरदस्त तकनीक है। इस लेख में जानेंगे कि यह क्या है और आप इसे अपने फोन में कैसे एक्टिवेट कर सकते हैं।
क्या है गूगल का एंड्रॉयड अलर्ट्स सिस्टम?
यह सिस्टम आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मौजूद एक्सेलेरोमीटर (एक छोटे सेंसर) का इस्तेमाल करता है। जब फोन स्थिर होता है और चार्जिंग पर होता है तो यह सेंसर भूकंप की शुरुआती लहरों (पी-वेव्स) को पहचान सकता है। जब एक ही इलाके के कई फोन एक साथ इस तरह के कंपन को महसूस करते हैं तो गूगल के सर्वर उस डाटा का विश्लेषण करते हैं। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र के लोगों को भूकंप के मुख्य झटके पहुंचने से कुछ सेकंड पहले अलर्ट भेज देते हैं।
अपने स्मार्टफोन में भूकंप अलर्ट कैसे ऑन करें?
अगर आप एक एंड्रॉयड यूजर हैं तो इन स्टेप्स को फॉलो करके भूकंप अलर्ट फीचर को ऑन कर सकते हैं। ये फीचर एंड्रॉयड 5.0 और उसके बाद के सभी वर्जन पर काम करता है।
- स्टेप 1: अपने फोन की सेटिंग्स में जाएं।
- स्टेप 2: नीचे स्क्रॉल करें और सेफ्टी एंड इमरजेंसी विकल्प पर टैप करें। (अगर यह नहीं दिख रहा है, तो लोकेशन में जाकर एडवांस्ड पर क्लिक करें)।
- स्टेप 3: यहां आपको भूकंप अलर्ट्स का विकल्प मिलेगा उस पर क्लिक करें।
- स्टेप 4: अब 'भूकंप अलर्ट्स' के बटन को ऑन कर दें।
- स्टेप 5: सुनिश्चित करें कि आपके फोन की लोकेशन सेटिंग और इंटरनेट (वाई-फाई या मोबाइल डाटा) हमेशा ऑन रहे।
सचेत एप: भारत सरकार की आधिकारिक पहल
गूगल के अलावा, भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने 'सचेत' एप लॉन्च किया है। यह एप न केवल भूकंप बल्कि बाढ़ और चक्रवात जैसी अन्य आपदाओं के लिए भी रियल-टाइम अलर्ट भेजता है। यह एप 12 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है। यह आपकी लोकेशन के आधार पर आपको जरूरी दिशा-निर्देश भी देता है।
जरूरी जानकारी
ध्यान रखें कि फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई तकनीक नहीं है जो भूकंप आने के कई घंटे या दिन पहले सटीक भविष्यवाणी कर सके। ये अलर्ट सिस्टम केवल भूकंप शुरू होने के बाद उठने वाली शुरुआती तरंगों को पकड़कर आपको कुछ सेकंड का कीमती समय देते हैं ताकि आप सुरक्षित स्थान पर जा सकें।