भारत में सुपरबेस ब्लॉक: क्या है इसके पीछे की वजह, बैन से डेवलपर्स और स्टार्टअप्स क्यों हैं परेशान?
India Blocks Supabase: भारत में डेवलपर्स के बीच लोकप्रिय ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म सुपरबेस (Supabase) पर सरकार ने आंशिक रूप से रोक लगा दी है। जियो और एयरटेल जैसे बड़े नेटवर्क्स पर इसे एक्सेस करने में दिक्कतें आ रही हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक हुई इस ब्लॉकिंग से टेक और स्टार्टअप ईकोसिस्टम में अनिश्चितता का माहौल है। आइए जानते हैं कि इस पाबंदी का डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स और एआई एप डेवलपमेंट पर क्या असर पड़ रहा है।
विस्तार
अगर आप एक डेवलपर हैं या किसी टेक स्टार्टअप से जुड़े हैं तो आपने पिछले कुछ दिनों में सुपरबेस (Superbase) के काम न करने की समस्या जरूर झेली होगी। भारत सरकार के एक आदेश के बाद, देश के कई प्रमुख इंटरनेट नेटवर्क्स पर इस लोकप्रिय डेवलपर प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया गया है। आइए समझते हैं कि आखिर हुआ क्या है, इसका डेवलपर्स पर क्या असर पड़ रहा है और इतना अहम क्यों है ये मामला।
सुपरबेस क्या है और भारत इसके लिए इतना अहम क्यों है?
वर्ष 2020 में बना ये प्लेटफॉर्म एक 'ओपन-सोर्स' टूल है जो गूगल के फायरबेस का सबसे बड़ा विकल्प माना जाता है। यह PostgreSQL डेटाबेस पर काम करता है। आजकल एआई-बेस्ड एप्स बनाने और 'वाइब कोडिंग' के ट्रेंड के कारण इसकी डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है। इसकी मौजूदा वैल्यूएशन करीब 5 अरब डॉलर है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 फरवरी को भारत सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 69A के तहत सुपरबेस को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया। ये वही कानून है जो सरकार को सुरक्षा या अन्य कारणों से किसी वेबसाइट या ऑनलाइन कंटेंट को जनता तक पहुंचने से रोकने का अधिकार देता है। रिलायंस जिओ फाइबर, एक्ट फाइबरनेट और भारती एयरटेल जैसे बड़े इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) पर सुपरबेस की वेबसाइट (Superbase.co) नहीं खुल रही है। यह पूरी तरह ब्लॉक नहीं है। लेकिन नई दिल्ली में कई कनेक्शंस पर ये बंद है। बंगलूरू जैसे शहरों में कुछ यूजर्स अभी भी इसे आसानी से इस्तेमाल कर पा रहे हैं। इसका मतलब है कि ये ब्लॉकिंग सभी नेटवर्क्स पर एक साथ या एक जैसी लागू नहीं हुई है। सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से ये नहीं बताया है कि यह कार्रवाई साइबर सुरक्षा के खतरे, कॉपीराइट उल्लंघन या किसी अन्य वजह से की गई है।
डेवलपर्स और स्टार्टअप्स पर इसका क्या असर हुआ?
ये आंशिक रोक भारतीय टेक और स्टार्टअप ईकोसिस्टम के लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है। इससे कई कंपनियों का कामकाज लगभग ठप पड़ गया है। हालात ये है कि स्टार्टअप्स के नए यूजर साइन-अप्स रुक गए हैं और डेवलपर्स अपने प्रोडक्शन व डेवलपमेंट के लिए सुपरबेस पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कंपनी ने DNS बदलने या VPN का इस्तेमाल करने जैसे कुछ अस्थाई जुगाड़ जरूर सुझाए हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि आम यूजर्स और रियल-टाइम एप्स के लिए VPN के भरोसे काम करना बिल्कुल भी व्यावहारिक नहीं है। इस तरह अचानक होने वाली ब्लॉकिंग ने टेक कम्युनिटी में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। डेवलपर्स अब इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि वो किस प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से अपने प्रोजेक्ट्स बनाएं। क्योंकि उन्हें याद है कि 2014 और 2023 में गिटहब (Github) जैसी प्रमुख साइट्स पर भी इसी तरह की अस्थाई रोक लग चुकी है।
We understand many users in India continue to be blocked from accessing Supabase. We acknowledge the difficulties this is causing for our users there. Supabase continues to follow up through all available channels to resolve this issue.
— Supabase (@supabase) February 27, 2026
We continue to advise affected customers…
सुपरबेस ने क्या कहा?
अमेरिकी कंपनी ने सोशल मीडिया पर माना कि भारत में उनके यूजर्स को दिक्कत आ रही है। सुपरबेस ने एक पोस्ट में सीधे भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करके मदद की गुहार लगाई थी। हालांकि कुछ समय बाद उन्होंने वह पोस्ट डिलीट कर दिया। लेकिन ये साफ कर दिया कि भारत में उनकी सेवाएं अभी भी बाधित हैं।
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