माइक्रोसॉफ्ट ने लॉन्च किया कोपायलट कोवर्क: खुद ही संभाल लेगा आउटलुक, टीम्स और एक्सेल के काम
Microsoft Copilot CoWork Feature: माइक्रोसॉफ्ट ने कोपायलट कोवर्क नाम का एक जबरदस्त एआई फीचर पेश किया है। ये एआई सिर्फ आपके सवालों के जवाब ही नहीं देगा, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट 365 एप्स जैसे आउटलुक, टीम्स, एक्सेल में आपके रोजमर्रा के काम भी खुद करेगा।
विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट ने एक बड़ा धमाका किया है। कंपनी के सीईओ सत्य नडेला ने कोपायलट कोवर्क नाम का एक नया और बेहद स्मार्ट एआई फीचर पेश किया है। अभी तक एआई सिर्फ आपके सवालों के जवाब देता था या टेक्स्ट लिखता था लेकिन यह नया फीचर आपके माइक्रोसॉफ्ट 365 एप्स में आपके असली काम खुद करेगा। आसान शब्दों में कहें तो, यह आपका एक ऐसा डिजिटल असिस्टेंट है जिसे आप सिर्फ निर्देश देंगे और वह काम पूरा करके आपके सामने रख देगा।
कोपायलट कोवर्क क्या है?
कोपायलट कोवर्क एक एडवांस एआई सिस्टम है, जिसे खास तौर पर आपके काम को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। माइक्रोसॉफ्ट की ताकतवर तकनीक 'एज्योर एआई' और 'पावर प्लेटफार्म' पर चलने वाले इस सिस्टम को आपको बस यह बताना होता है कि आपको क्या काम करवाना है और आप कैसा रिजल्ट चाहते हैं। आपके निर्देश मिलते ही यह एआई उस काम को गहराई से समझता है, उसे पूरा करने का एक बेहतरीन स्टेप-बाय-स्टेप प्लान तैयार करता है और फिर खुद ही उस काम को पूरा करने में जुट जाता है।
किन एप्स में करेगा काम?
कोपायलट कोवर्क मुख्य रूप से माइक्रोसॉफ्ट 365 के प्रमुख एप्स के साथ मिलकर काम करेगा। इनमें ईमेल और कैलेंडर के लिए माइक्रोसॉफ्ट आउटलुक, मीटिंग्स और चैट्स के लिए माइक्रोसॉफ्ट टीम्स, और डेटा व स्प्रेडशीट के लिए माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल शामिल हैं। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह इन सभी एप्स को एक साथ हैंडल कर सकता है, जिसका सीधा सा मतलब है कि आपको अपना काम पूरा करने के लिए बार-बार अलग-अलग एप खोलने या उनके बीच स्विच करने की कोई झंझट नहीं होगी।
कैसे काम करता है ये?
कोपायलट कोवर्क को इस्तेमाल करना बहुत आसान है। सबसे पहले, आप एआई को अपनी रिक्वेस्ट या काम बताते हैं। इसके बाद एआई आपके निर्देश को समझकर काम पूरा करने का एक प्लान बनाता है और आपके कंप्यूटर के बैकग्राउंड में शांति से अपना काम शुरू कर देता है, साथ ही आपको लगातार अपडेट भी देता रहता है। अगर किसी वजह से इसे आपका कोई निर्देश ठीक से समझ नहीं आता, तो यह खुद आपसे सवाल पूछकर जानकारी स्पष्ट कर लेता है। काम पूरा होने के बाद, कोई भी बदलाव अंतिम रूप से लागू करने से पहले यह आपसे मंजूरी मांगता है। यानी फाइनल कंट्रोल हमेशा आपके ही हाथ में रहता है। इस पूरे बेहतरीन सिस्टम के पीछे 'वर्क आईक्यू' नाम की तकनीक काम करती है। ये कंपनी के पुराने ईमेल्स, फाइल्स और मीटिंग्स से जानकारी इकट्ठा करके काम के संदर्भ को समझती है और आपको बिल्कुल सटीक रिजल्ट देती है।
रोजमर्रा के ऑफिस के कामों में कैसे होगी आसानी?
माइक्रोसॉफ्ट ने कुछ शानदार उदाहरण देकर समझाया है कि यह टूल आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और ऑफिस के कामों को कैसे आसान बनाएगा। उदाहरण के लिए, कैलेंडर मैनेजमेंट के दौरान अगर आपकी दो मीटिंग्स एक ही समय पर आ जाती हैं तो यह एआई खुद यह तय कर सकता है कि कौन सी मीटिंग कम जरूरी है। फिर यह उस दूसरी मीटिंग के लिए नया समय सुझाता है और आपकी परमिशन मिलते ही कैलेंडर को अपने आप अपडेट कर देता है। इतना ही नहीं, किसी बड़ी मीटिंग की तैयारी करते समय यह पुराने ईमेल्स, फाइल्स और पिछली मीटिंग्स का सारा डेटा पढ़कर आपके लिए बेहतरीन 'ब्रिफिंग नोट्स' और प्रेजेंटेशन भी तैयार कर देता है। इसके अलावा, ये रिसर्च और डेटा एंट्री के थकाऊ कामों को भी बेहद आसान बनाता है, क्योंकि यह कंपनी की भारी-भरकम रिपोर्ट्स को पढ़कर उनकी समरी निकाल सकता है और जरूरी डेटा को अपने आप एक्सेल स्प्रेडशीट में बिल्कुल सही जगह सेट कर सकता है।
कैसी होगी सुरक्षा और कब होगा उपलब्ध?
माइक्रोसॉफ्ट ने साफ किया है कि यह फीचर पूरी तरह सुरक्षित है और माइक्रोसॉफ्ट 365 के कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करता है। कंपनी की पॉलिसी और आपकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है। ये फीचर टेस्टिंग के लिए कुछ चुनिंदा ग्राहकों को दिया गया है। लेकिन, मार्च 2026 के अंत तक इसे 'फ्रंटियर प्रोग्राम' के जरिए बाकी यूजर्स के लिए भी रोलआउट कर दिया जाएगा।
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