{"_id":"6975cf75f8e8e8bb5108660f","slug":"offline-messaging-app-bitchat-uganda-iran-internet-shutdown-jack-dorsey-news-2026-01-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"BitChat: इंटरनेट बंद, फिर भी मैसेज भेज रहे लोग! ईरान में जैक डॉर्सी के एप ने मचाई धूम, जानिए कैसे करता है काम","category":{"title":"Mobile Apps","title_hn":"मोबाइल एप्स","slug":"mobile-apps"}}
BitChat: इंटरनेट बंद, फिर भी मैसेज भेज रहे लोग! ईरान में जैक डॉर्सी के एप ने मचाई धूम, जानिए कैसे करता है काम
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:38 PM IST
विज्ञापन
सार
How BitChat Works: युगांडा और ईरान में इंटरनेट शटडाउन के बीच एक ऐसा एप की डाउनलोड बढ़ने लगी है, जिसे चलाने के लिए इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की जरूरत ही नहीं पड़ती। यह एप विरोध-प्रदर्शन और इंटरनेट पर पाबंदियों के बीच सूचनाओं के मुक्त आदान-प्रदान में अहम भूमिका निभा रहा है।
बिटचैट
- फोटो : AI जनरेटेड
विज्ञापन
विस्तार
आज दुनिया के कई देशों में इंटरनेट बंद करना एक आम बात हो चुकी है। ईरान और युगांडा इसका सबसे ताजा उदाहरण हैं। सरकारें विरोध प्रदर्शनों में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए इंटरनेट बंद कर देती हैं। तो कई बार इसकी वजह हिंसा को फैलने से रोकने और अफवाहों पर लगाम लगाने की भी होती है। सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तेजक सामग्री, नफरत फैलाने वाले भाषण, और संगठित विरोध को रोकने के लिए भी यह एहतियाती कदम उठाया जाता है। वहीं, कई बार मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने के लिए लिए भी इंटरनेट पर पाबंदिया लगा दी जाती हैं।
लेकिन इसी बीच दोनों देशों में एक ऐसा मोबाइल एप वायरल होने लगा जो बिना इंटरनेट और सेलुलर नेटवर्क के काम करता है। यह एप अब दुनियाभर के प्रदर्शनकारियों और एक्टिविस्ट्स की पसंद बनता जा रहा है। इस एप में न तो नंबर डालने की जरूरत होती है और न ही रजिस्टर करना पड़ता है। बस डाउनलोड करते ही आप इसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। तो क्या है ये एप और कैसे काम करता है, चलिए जानते हैं...
इंटरनेट की बेड़ियां तोड़ रहा ये एप
इन दिनों ईरान और युगांडा में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए कई इलाकों में इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसे में बिटचैट (BitChat) नाम के एक मोबाइल एप की डाउनलोग कई गुना बढ़ गई है। लेकिन सवाल ये है कि बिना इंटरनेट के ये एप काम कैसे करता है? तो बता दें कि असल में इस एप इंटरनेट डेटा आधारित कम्यूनिकेशन एप्स का तोड़ निकालने के लिए ही लाया गया है।
दरअसल, व्हाट्सएप, टेलिग्राम और मैसेंजर जैसे एप्स मोबाइल डेटा या वाईफाई के बिना काम नहीं करते। लेकिन BitChat इंटरनेट की झंझट को ही खत्म कर देता है। इस एप को ट्विटर (Twitter) के फाउंडर और पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी ने पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया था। उन्होंने महज एक हफ्ते की कोडिंग में इस एप को तैयार कर लिया था। डॉर्सी का मानना है कि इंटरनेट एक डीसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म होना चाहिए, जिसका मकसद सरकारी सेंसरशिप को दरकिनार करते हुए सूचना के मुक्त आदान-प्रदान को बनाए रखना चाहिए। वह कहते हैं कि इंटरनेट के केंद्रीकरण के लिए कहीं न कहीं वह खुद भी जिम्मेदार हैं और इसी सोच के वजह से वह इस एप का तैयार करने के लिए प्रेरित हुए।
कैसे काम करता है BitChat?
यूं तो BitChat एक मैसेजिंग एप है लेकिन इसके काम करने का तरीका WhatsApp और Telegram जैसे एप्स से बिल्कुल अलग है। इस एप कि खास बात ये है कि इसे बिना इंटरनेट, वाईफाई या मोबाइल नेटवर्क के भी यूज किया जा सकता है। इसे आप एक ऑफलाइन मैसेजिंग एप समझ सकते हैं। यह ब्लूटूथ मेश (Bluetooth Mesh) तकनीक का उपयोग करके काम करता है। यानी एप डेटा के इस्तेमाल से नहीं बल्कि फोन के ब्लूटूथ का उपयोग करके मैसेज को ट्रांसफर करता है। इसमें हर डिवाइस एक नोड के रूप में काम करता है। यदि आप किसी को मैसेज भेजते हैं जो ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 30-100 मीटर तक) से बाहर है, तो मैसेज बीच में मौजूद अन्य बिटचैट उपयोगकर्ताओं के फोन के माध्यम से आगे बढ़ता है।
इसमें किसी खाते, ईमेल या सिम कार्ड की आवश्यकता नहीं होती है, जो इसे पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड बनाता है। मैसेज की गोपनीयता के लिए इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा दी गई है। यह मैसेज को छोटे टुकड़ों में तोड़कर भेजता है, जो कुछ समय बाद खुद डिलीट हो जाते हैं। यह फीचर इसे प्राइवेसी के लिए बेहद खास एप बना देता है।
सर्वर पर स्टोर नहीं होता डेटा
BitChat की एक और खास बात ये है कि इसका डेटा किसी सर्वर पर स्टोर नहीं होता। जिसके चलते अधिकारियों द्वारा डेटा की मॉनिटरिंग और स्क्रूटनी का सवाल ही नहीं उठता। अन्य एप्स मैसेज को क्लाउड पर स्टोर कर सकते हैं, जबकि BitChat में डेटा स्थानीय रूप से डिवाइस पर रहता है। चूंकि यह डीसेंट्रलाइज्ड है, इसलिए सरकार या किसी संस्था द्वारा इसे सेंसर करना या बंद करना लगभग असंभव है।
Trending Videos
लेकिन इसी बीच दोनों देशों में एक ऐसा मोबाइल एप वायरल होने लगा जो बिना इंटरनेट और सेलुलर नेटवर्क के काम करता है। यह एप अब दुनियाभर के प्रदर्शनकारियों और एक्टिविस्ट्स की पसंद बनता जा रहा है। इस एप में न तो नंबर डालने की जरूरत होती है और न ही रजिस्टर करना पड़ता है। बस डाउनलोड करते ही आप इसका इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं। तो क्या है ये एप और कैसे काम करता है, चलिए जानते हैं...
विज्ञापन
विज्ञापन
इंटरनेट की बेड़ियां तोड़ रहा ये एप
इन दिनों ईरान और युगांडा में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए कई इलाकों में इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। ऐसे में बिटचैट (BitChat) नाम के एक मोबाइल एप की डाउनलोग कई गुना बढ़ गई है। लेकिन सवाल ये है कि बिना इंटरनेट के ये एप काम कैसे करता है? तो बता दें कि असल में इस एप इंटरनेट डेटा आधारित कम्यूनिकेशन एप्स का तोड़ निकालने के लिए ही लाया गया है।
दरअसल, व्हाट्सएप, टेलिग्राम और मैसेंजर जैसे एप्स मोबाइल डेटा या वाईफाई के बिना काम नहीं करते। लेकिन BitChat इंटरनेट की झंझट को ही खत्म कर देता है। इस एप को ट्विटर (Twitter) के फाउंडर और पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी ने पिछले साल जुलाई में लॉन्च किया था। उन्होंने महज एक हफ्ते की कोडिंग में इस एप को तैयार कर लिया था। डॉर्सी का मानना है कि इंटरनेट एक डीसेंट्रलाइज्ड प्लेटफॉर्म होना चाहिए, जिसका मकसद सरकारी सेंसरशिप को दरकिनार करते हुए सूचना के मुक्त आदान-प्रदान को बनाए रखना चाहिए। वह कहते हैं कि इंटरनेट के केंद्रीकरण के लिए कहीं न कहीं वह खुद भी जिम्मेदार हैं और इसी सोच के वजह से वह इस एप का तैयार करने के लिए प्रेरित हुए।
कैसे काम करता है BitChat?
यूं तो BitChat एक मैसेजिंग एप है लेकिन इसके काम करने का तरीका WhatsApp और Telegram जैसे एप्स से बिल्कुल अलग है। इस एप कि खास बात ये है कि इसे बिना इंटरनेट, वाईफाई या मोबाइल नेटवर्क के भी यूज किया जा सकता है। इसे आप एक ऑफलाइन मैसेजिंग एप समझ सकते हैं। यह ब्लूटूथ मेश (Bluetooth Mesh) तकनीक का उपयोग करके काम करता है। यानी एप डेटा के इस्तेमाल से नहीं बल्कि फोन के ब्लूटूथ का उपयोग करके मैसेज को ट्रांसफर करता है। इसमें हर डिवाइस एक नोड के रूप में काम करता है। यदि आप किसी को मैसेज भेजते हैं जो ब्लूटूथ की रेंज (लगभग 30-100 मीटर तक) से बाहर है, तो मैसेज बीच में मौजूद अन्य बिटचैट उपयोगकर्ताओं के फोन के माध्यम से आगे बढ़ता है।
इसमें किसी खाते, ईमेल या सिम कार्ड की आवश्यकता नहीं होती है, जो इसे पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड बनाता है। मैसेज की गोपनीयता के लिए इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की सुविधा दी गई है। यह मैसेज को छोटे टुकड़ों में तोड़कर भेजता है, जो कुछ समय बाद खुद डिलीट हो जाते हैं। यह फीचर इसे प्राइवेसी के लिए बेहद खास एप बना देता है।
सर्वर पर स्टोर नहीं होता डेटा
BitChat की एक और खास बात ये है कि इसका डेटा किसी सर्वर पर स्टोर नहीं होता। जिसके चलते अधिकारियों द्वारा डेटा की मॉनिटरिंग और स्क्रूटनी का सवाल ही नहीं उठता। अन्य एप्स मैसेज को क्लाउड पर स्टोर कर सकते हैं, जबकि BitChat में डेटा स्थानीय रूप से डिवाइस पर रहता है। चूंकि यह डीसेंट्रलाइज्ड है, इसलिए सरकार या किसी संस्था द्वारा इसे सेंसर करना या बंद करना लगभग असंभव है।