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Data Dump: कैसे हुई सैफ अली खान के हमलावरों की पहचान? जानिए कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी

Thu, 23 Jan 2025 03:16 PM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Thu, 23 Jan 2025 03:16 PM IST
सार

Data Dump से कई तरह की जरूरी जानकारियां जुटाई जा सकती हैं। जांच एजेंसिया इससे आमतौर पर कॉल लॉग्स, टेक्स्ट मैसेजेस, फाइल्स, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और ईमेल्स का पता लगाती हैं।

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Police Identified Saif Ali Khans Attacker Through Data Dump Technology Khow How It Works
Mobile Tower - फोटो : istock

विस्तार

बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान पर हुए हमले पर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस अबतक सैफ अली खान पर हुए हमले का कारण चोरी बता रही है। अब पुलिस ने नया खुलासा करते हुए कहा है कि आरोपी की पहचान हो गई है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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Police Identified Saif Ali Khans Attacker Through Data Dump Technology Khow How It Works
Data Dump से गिरफ्त में होगा अपराधी - फोटो : istock
ताजा अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने आरोपी की पहचान करने के लिए डेटा डंप (Data Dump) का इस्तेमाल किया. जिस वक्त सैफ अली खान पर हमला हुआ, पुलिस ने उस वक्त का डेटा डंप निकाला, जिससे उन्हें पता चला की उस एरिया में हमले की वक्त कौन-कौन से मोबाइल नेटवर्क एक्टिव थे. इस डेटा के आधार पर ही पुलिस ने आरोपी की पहचान की है. अज्ञात अपराधियों का पता लगाने के लिए पुलिस कई बार इस तकनीक का इस्तेमाल करती है। तो चलिए जानते हैं क्या होता है डेटा डंप और कैसे काम करता है।
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सेल टावर - फोटो : ANI
क्या होता है डेटा डंप? 
Dump Data किसी मोबाइल या फिर किसी लोकेशन से इकट्ठा की गई जानकारी होती है. यह कॉल लॉग, मैसेज, इमेज या वीडियो के रुप में हो सकता है।  इस तरह के डेटा को टेक्निकल डायग्नॉसिस,फॉरेंसिक जांच या किसी प्रक्रिया की डिबगिंग के लिए काम में लाया जाता है. यह डेटा किसी एरिया के मोबाइल टावर से निकाला जाता है।

आसान भाषा में समझें तो किसी एरिया में एक सेल टावर होता है, जिनसे उस एरिया में मौजूद सभी मोबाइल फोन्स को नेटवर्क मिलता है. किसी निश्चित एरिया में किसी निश्चित समय पर कितने फोन नेटवर्क से जुड़े हुए हैं, इसकी जानकारी डेटा डंप से मिल जाती है। सैफ के मामले में भी पुलिस ने ऐसा ही किया है।
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Data Dump देता है कई तरह की जानकारियां - फोटो : सोशल मीडिया
कैसे निकलती है डेटा डंप से जानकारी
जैसे ही फोन किसी मोबाइल नेटवर्क से कनेक्ट होता है उसका लॉग तैयार हो जाता है. इस लॉग में मोबाइल की तमाम डिटेल्स जैसे IMEI नंबर, MAC Address, IP address और लोकेशन सहित बेसिक मेटाडेटा शामिल होता है।

मोबाइल फोन के टावर (सेल टावर) सभी कनेक्टेड मोबाइल फोन्स का डेटा रखते हैं। अब इस डेटा के आधार पर पता लगाया जा सकता है कि कौन-सा मोबाइल यूजर कहां पर मौजूद था। ये लोकेशन मोबाइल फोन की होगी, ना कि उसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की।  इसकी जांच के लिए सेल टावर डंप एनालिसिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है।

Data Dump से कई तरह की जरूरी जानकारियां जुटाई जा सकती हैं। जांच एजेंसिया आमतौर पर कॉल लॉग्स, टेक्स्ट मैसेजेस, फाइल्स, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और ईमेल्स का पता डेटा डंप से लगाती हैं।
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