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एपल यूजर्स पर स्पायवेयर का खतरा: 110 देशों में भेजा नोटिस, देखें कौन है निशाने पर और क्या है बचने का तरीका?

Sun, 16 Aug 2026 12:40 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sun, 16 Aug 2026 12:40 PM IST
सार

Apple spyware alert: एपल ने दुनिया भर के 110 से अधिक देशों में आईफोन यूजर्स को बेहद खतरनका मर्सेनरी स्पायवेयर हमलों के खिलाफ चेतावनी दी है। लाखों डॉलर के बजट से चलाए जाने वाले ये साइबर हमले इतने एडवांस हैं कि इन्हें ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो रहा है। लेकिन आखिर यह मर्सेनरी स्पायवेयर क्या है, कौन लोग इसके निशाने में आ सकते हैं और एपय यूजर्स अपने आईफोन को सेफ कैसे रख सकते हैं? जानिए इस लेख में।
 

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Apple Warns 110 Countries Users About Mercenary Spyware Attacks
एपल यूजर्स को खतरा - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

Apple threat notification: एपल ने करीब 110 देशों को संभावित रूप से टारगेट किए गए यूजर्स काे मर्सेनरी स्पायवेयर हमलों को लेकर थ्रेट नोटिफिकेशन भेजे हैं। कंपनी के अनुसार ऐसे हमले सामान्य साइबर अपराधों या आम मालवेयर से कहीं ज्यादा जटिल होते हैं और अक्सर बहुत कम संख्या में चुनिंदा लोगों को निशाना बनाया जाता है। एपल का कहना है कि इस तरह के हमलों पर करोड़ों रुपये के बराबर संसाधन खर्च किए जा सकते हैं और इनका इस्तेमाल थोड़े समय के लिए किया जाता है, जिससे इन्हें पहचानना और रोकना मुश्किल हो जाता है। हालांकि एपल के अनुसार, ज्यादा यूजर्स कभी भी ऐसे हमलों का निशाना नहीं बनते।
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Mercenary spyware: आखिर मर्सेनरी स्पायवेयर क्या है?
  • मर्सेनरी स्पायवेयर एक खतरनाक और उन्नत स्पायवेयर है, जिसे सामान्य साइबर अपराधियों की तरह बड़े पैमाने पर लोगों को निशाना बनाने के बजाय कुछ खास और चुनिंदा व्यक्तियों के डिवाइस में घुसपैठ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 
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  • एपल का कहना है कि अगर पिछले कुछ समय की बात करें तो ऐसे हमलों का संबंध एतिहासिक रूप से राज्य-समर्थित गतिविधियों और निजी कंपनियों की ओर से विकसित स्पायवेयर से हो रहा है। पेगासस (Pegasus) जैसे स्पायवेयर को इसी तरह के खतरे के उदाहरण के तौर पर जाना जाता है। इन हमलों में अक्सर पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता और राजनयिक जैसे हाई-प्रोफाइल लोग निशाने पर रहते हैं।
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एपल ने क्यों भेजा थ्रेट नोटिफिकेशन?
  • इस हमले की जानकारी होते ही एपल ने यूजर्स को एक नाटिफिकेशन भेजा। यह थ्रेट नोटिफिकेशन उन लोगों के लिए हैं, जिनके बारे में कंपनी को मजबूत संकेत मिलते हैं, कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से मर्सेनरी स्पायवेयर हमले का निशाना बनाया गया है।
  • कंपनी का कहना है ऐसे अलर्ट पूरी तरह से प्रमाणित नहीं होते हैं, लेकिन इन्हें हाई-कॉन्फिडेंस अलर्ट माना जाता है और गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एपल अपनी जांच के उन तकनीकी कारणों को सार्वजनिक नहीं करता, जिनके आधार पर नोटिफिकेशन भेजे जाते हैं, क्योंकि इससे हमलावर अपनी तकनीक बदलकर भविष्य की पहचान से बचने की कोशिश कर सकते हैं।
  • एपल ने 2021 से ऐसे थ्रेट नोटिफिकेशन कई बार भेजे हैं और अब तक 150 से ज्यादा देशों में यूजर्स को इस तरह के नोटिफिकेशन भेजे जा चुके हैं।

अगर आपके iPhone पर ऐसा अलर्ट आए तो क्या करें?
  • अगर आप एक एपल यूजर्स हैं, तो सबसे पहले आप अपने आईफोन में लॉकडाउन मोड ऑन करिए। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिन्हें बेहद उन्नत डिजिटल हमलों का खतरा हो सकता है।
  • लॉकडाउन मोड ऑन करने पर आईफोन कुछ एप्स, वेबसाइट्स और फीचर्स के काम करने के तरीके को सीमित कर देता है। इसका उद्देश्य डिवाइस के संभावित हमले वाले रास्तों यानी अटैक सरफेस को कम करना है। इसके बदले कुछ सामान्य सुविधाओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

एपल का अलर्ट असली है या फर्जी, कैसे पहचानें?
  • यह बेहद जरूरी है, क्योंकि साइबर ठग एपल के नाम पर फर्जी सिक्योरिटी अलर्ट भी भेज सकते हैं। एपल का कहना है कि असली थ्रेट नोटिफिकेशन में आपसे किसी लिंक पर क्लिक करने, फाइल खोलने, एप या प्रोफाइल इंस्टॉल करने, एपल अकाउंट का पासवर्ड या वैरिफिकेशन कोड देने के लिए नहीं कहा जाएगा।
  • अलर्ट असली है या नहीं, इसकी जांच करने का सुरक्षित तरीका है कि खुद account.apple.com पर लॉगिन करें। अगर एपल ने आपके अकाउंट को थ्रेट नोटिकेशन भेजा है, तो इसकी जानकारी वहां दिखाई देगी।

 किन यूजर्स को निशाना बनने की आशंका?
  • मर्सेनरी स्पायवेयर हमले आम तौर पर बड़ी संख्या में आम यूजर्स पर नहीं होते। इनके पीछे हमलावर काफी संसाधन लगाकर चुनिंदा व्यक्तियों को टारगेट करते हैं।
  • जैसे मान लीजिए पत्रकार, एक्टिविस्ट, राजनेता और राजनयिक जैसे लोग इस तरह के हमलों के लक्ष्य रहे हैं। लेकिन एपल ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे हमले वैश्विक स्तर पर जारी हैं और केवल किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं।

क्या सामान्य iPhone यूजर को डरने की जरूरत है?
  • एपल की माने तो अधिकतर सामान्य यूजर्स कभी मर्सेनरी स्पायवेयर के निशाने पर नहीं आते हैं। ऐसे हमले खास तौर पर व्यक्तिगत रूप से चुने गए लक्ष्यों पर किए जाते हैं। 
  • लेकिन समझदारी इसी में है कि हर यूजर सुरक्षा के उपाय को अपनाएं। एपल की सलाह के अनुसार डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर अपडेट रखना चाहिए, क्योंकि नए अपडेट में सुरक्षा सुधार शामिल होते हैं। इसके अलावा डिवाइस पर मजबूत पासकोड, एपल अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • अनजान लोगों से आए लिंक और अटैचमेंट पर क्लिक नहीं करना और ऐप्स को संभव हो तो App Store से ही इंस्टॉल करना भी जरूरी है।

Access Now से भी ले सकते हैं मदद
  • इसके अलावा अगर आपको एपल का थ्रेट नोटिफिकेशन मिलता है, तो कंपनी के एक्सपर्ट्स की सलाह मान सकते हैं। इसके लिए आप एक्सेस नाउ की डिजिटल सिक्योरिटी हेल्पलाइन जैसी सेवाओं से संपर्क किया जा सकता है।
  • ऐसी विशेषज्ञ संस्थाएं संभावित रूप से टारगेट किए गए लोगों को उनकी स्थिति के अनुसार सुरक्षा उपाय तय करने में मदद कर सकती हैं।
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