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क्या आपने देखा गूगल का नया अंदाज?: स्वतंत्रता दिवस पर बनारसी से पश्मीना तक...जानें इस डूडल में क्या खास
Sat, 15 Aug 2026 02:25 PM IST
जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sat, 15 Aug 2026 02:25 PM IST
सार
Google Doodle India: स्वतंत्रता दिवस 2026 के मौके पर गूगल ने एक खास डूडल तैयार किया है। इस बार गूगल ने अपने आइकॉनिक लोगो को देश के अलग-अलग राज्यों के मशहूर और पारंपरिक हैंडलूम कपड़ों, कढ़ाई व ब्लॉक प्रिंट्स से तैयार किया है। आइए जानते हैं इस डूडल की खासियत और इसमें शामिल किए गए भारत के प्रमुख टेक्सटाइल पैटर्न के बारे में विस्तार से।
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गूगल का अनोखा डूडल
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
Google Independence Day Doodle 2026: भारत के स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर टेक दिग्गज गूगल ने एक बेहद खास और रंगीन डूडल समर्पित किया है। जो भारत की विविधता में एकता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शा रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश की बनारसी बुनाई से लेकर केरल की कसावु और कश्मीर की पश्मीना कनी तक की झलक शामिल है।
वैसे तो गूगल हर साल स्वतंत्रता दिवस, त्योहारों, महत्वपूर्ण घटनाओं और उपलब्धियों को खास Doodle के जरिए सेलिब्रेट करता है। लेकिन इस बार का डूडल खास तौर पर भारतीय लोक और हस्तकरघा परंपराओं पर केंद्रित है।
डूडल में क्या है खास?
किन भारतीय वस्त्र परंपराओं की दिखी झलक?
राज्यों की कला को एक लोगो में जोड़ने की कोशिश
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वैसे तो गूगल हर साल स्वतंत्रता दिवस, त्योहारों, महत्वपूर्ण घटनाओं और उपलब्धियों को खास Doodle के जरिए सेलिब्रेट करता है। लेकिन इस बार का डूडल खास तौर पर भारतीय लोक और हस्तकरघा परंपराओं पर केंद्रित है।
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डूडल में क्या है खास?
- स्वतंत्रता दिवस 2026 के लिए बनाए गए इस डूडल में गूगल के लोगो के अक्षरों को सामान्य डिजिटल डिजाइन की जगह भारतीय पारंपरिक कपड़ों के पैटर्न से तैयार किया गया है।
- कंपनी ने अलग-अलग क्षेत्रों की टेक्सटाइल विरासत को एक ही डिजाइन में जोड़ने की कोशिश की है। इससे डूडल में रंगों और पैटर्न की विविधता दिखाई देती है और साथ ही विविधता में एकता का संदेश सामने आता है।
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किन भारतीय वस्त्र परंपराओं की दिखी झलक?
- गूगल के डूडल में भारत के अलग-अलग हिस्सों की टेक्सटाइल और हस्तकला को शामिल किया गया है। इनमें कच्छ एम्ब्रॉयडरी, ओडिशा और तेलंगाना की इकत, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना कनी, केरल की कसावु, गुजरात और राजस्थान की अजरख ब्लॉक प्रिंट और बांधनी, पश्चिम बंगाल की जामदानी और कांथा कढ़ाई व उत्तर प्रदेश की बनारसी बुनाई शामिल हैं।
- इन अलग-अलग वस्त्र परंपराओं के रंग और पैटर्न मिलकर एक ऐसी विजुअल पहचान बनाते हैं, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक फ्रेम में दिखाती है।
राज्यों की कला को एक लोगो में जोड़ने की कोशिश
- इस डूडल में गूगल ने सिर्फ अपने लोगाो को नहीं बदला है, बल्कि भारतीय टेक्सटाइल विरासत को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जगह देने की कोशिश की है।
- एक ही डिजाइन में गुजरात, राजस्थान, केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर जैसी अलग-अलग क्षेत्रों की पारंपरिक कलाओं की झलक दिखाई देती है। इस तरह Doodle का पूरा डिजाइन भारत की अलग-अलग लोक और हस्तकरघा परंपराओं को जोड़ता है।
- डूडल में गूगल के लोगो को हैंडलूम डिजाइन की भावना के साथ पेश किया गया है। इसमें इस्तेमाल किए गए पैटर्न और रंग भारतीय पारंपरिक वस्त्रों की पहचान से जुड़े हुए हैं। इसका उद्देश्य भारत की समृद्ध टेक्सटाइल और हैंडलूम विरासत को स्वतंत्रता दिवस के जश्न के साथ जोड़ना है।
- इस बार के डूडल में किसी एक राज्य या एक पारंपरिक कपड़े को केंद्र में रखने के बजाय कई क्षेत्रों की टेक्सटाइल परंपराओं को साथ लाया गया है। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।
- अलग-अलग रंग, बुनाई, कढ़ाई और प्रिंट को एक साथ रखकर गूगल ने भारत की उस पहचान को दिखाने की कोशिश की है, जिसमें अलग-अलग संस्कृतियां और परंपराएं मिलकर एक देश की तस्वीर बनाती हैं।