दुनिया के सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कंप्यूटर बनाने की तैयारी शुरू, रूस करेगा भारत की मदद
- सुपर कंप्यूटर के मुकाबले लाखों गुणा पॉवरफुल है क्वांटम कंप्यूटर
- एनालिसिस आदि जैसी जटिल प्रक्रिया में होता है इस्तेमाल
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भारत लगातार तकनीक के क्षेत्र में विकास कर रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार डिजिटल इंडिया मुहिम को बढ़ावा दे रहे हैं। तकनीक के क्षेत्र में विकास के लिए अब भारतीय इंजीनियर्स और शोधकर्ताओं को रूस का साथ मिलेगा। आईआईटी एलुमनाई काउंसिल के चेयरमैन रवि शर्मा ने बताया कि भारत में दुनिया के सबसे बड़े और सबसे तेज हाइब्रिड क्वांटम कंप्यूटर को बनाने के लिए लोमोनोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी और रूसॉफ्ट के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके बाद अब भारत हाइब्रिड क्वांटम कंप्यूटर को बनाने के लिए रूस से तकनीक का ट्रांसफर और एक्सेस दोनों कर सकता है।
वैश्विक लीडर्स और राज्य के स्वामित्व वाली रूसी कंपनियां भारत को क्रायोजेनिक, क्रिप्टोग्राफी और मॉड्यूलर क्लाउड मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी जैसी तकनीक को ट्रांसफर करेंगी। क्वांटम कम्प्यूटिंग के मुकाबले मौजूदा सुपर कंप्यूटर काफी पीछे हैं। भारत में सबसे बड़े सुपर कंप्यूटर की तुलना में क्वांटम कंप्यूटर कई मिलियन गुना तेज हो सकते हैं। क्वांटम कंप्यूटर भारत के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं होंगे। इनका इस्तेमाल हेल्थकेयर, उन्नत विनिर्माण, कृषि, मौसम की भविष्यवाणी, परिवहन, लॉजिस्टिक और कई अन्य क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे बड़ी से बड़ी चुनौती कम लागत में तेजी से सुलझाई जा सकेगी।
सुपर कंप्यूटर से लाखों गुना पॉवरफुल, तेज है क्वांटम कंप्यूटर
काऊंसिल के चेयरमैन रवि शर्मा का कहना है कि भारत में मौजूद सुपर कंप्यूटर की तुलना में क्वांटम कंप्यूटर लाखों गुणा अधिक क्षमता वाला है। इस तकनीक के देश में आने के बाद इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी में क्रांति आ जाएगी। इसके जरिए मौसम की सटीक भविष्यवाणी, स्वास्थ एवं परिवार कल्याण क्षेत्र में सिमुलेशन की प्रक्रिया, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में बहुत कम लागत में गुणात्मक बदलाव किए जा सकेंगे। दवा तथा वैक्सीन आदि के निर्माण शोध, अनुसंधान क्षेत्र में काफी सहायता मिलेगी।
क्या है क्वांटम कंप्यूटर?
पिछले साल गूगल ने इस क्वांटम कंप्यूटर बनाया। इसके बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह क्वांटम कंप्यूटिंग (अति सूक्ष्मता विज्ञान) थ्योरी के आधार पर काम करता है। असंभव सी लगने वाली गणनाओं (एक सेकंड में 20 लाख हजार करोड़ गणना की क्षमता) को पलक झपकते ही करने में सक्षम है। गूगल ने दावा किया था कि उसके क्वांटम कंप्यूटर में दो सेकेंड के भीतर उस गणना की प्रक्रिया को पूरा किया, जिसे सुपर कंप्यूटर को पूरा करने में करीब दस हजार लग सकते हैं। आप इसे इस तरह से समझ सकते हैं कि वर्तमान कंप्यूटर अपनी सूचनाओं को बिट में संग्रहित करते हैं। जबकि क्वांटम कंप्यूटर इसे क्यूबिक में संग्रहित करेगा।