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Social Media: फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन होगा सोशल मीडिया, स्कूल में मोबाइल पर भी रोक
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Tue, 27 Jan 2026 04:01 PM IST
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सार
France Social Media Ban: फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल असेंबली ने इससे जुड़े बिल को मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि यह कदम बच्चों की मानसिक सेहत बचाने के लिए जरूरी है।
फ्रांस में सोशल मीडिया पर बढ़ेगी सख्ती
- फोटो : AI
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विस्तार
फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। देश की निचली संसद नेशनल असेंबली ने इस प्रस्ताव को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है। मतदान में 116 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 23 ने विरोध में वोट डाले।
इस बिल को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का समर्थन हासिल है। अब यह प्रस्ताव संसद के ऊपरी सदन सीनेट में जाएगा। अगर वहां भी मंजूरी मिल जाती है, तो Snapchat, Instagram, TikTok और Twitch जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
राष्ट्रपति मैक्रों का मिला समर्थन
नेशनल असेंबली में बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “बड़ा कदम” बताया। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने सरकार से प्रक्रिया को तेज करने की अपील की, ताकि यह कानून अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो सके। फ्रांस में नया स्कूल सत्र 1 सितंबर से शुरू होता है।
यह भी पढ़ें: क्या अब WhatsApp चलाने के लिए भी देने होंगे पैसे? प्रीमियम सब्सक्रिप्शन मॉडल लाने की तैयारी में मेटा
मैक्रों ने लिखा, “हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है।” उनके मुताबिक, बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सेहत को उन कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, जिनका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना है।
सांसद ने सोशल मीडिया को बांटने वाला बताया
इस बिल को तैयार करने वाली सांसद लॉर मिलर ने कहा कि यह कानून समाज में एक साफ सीमा तय करेगा। उनका मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नुकसानरहित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स ने लोगों को जोड़ने का वादा किया था, लेकिन वे समाज को बांटने लगे हैं।
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इस बिल को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का समर्थन हासिल है। अब यह प्रस्ताव संसद के ऊपरी सदन सीनेट में जाएगा। अगर वहां भी मंजूरी मिल जाती है, तो Snapchat, Instagram, TikTok और Twitch जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
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राष्ट्रपति मैक्रों का मिला समर्थन
नेशनल असेंबली में बिल पास होने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे “बड़ा कदम” बताया। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए उन्होंने सरकार से प्रक्रिया को तेज करने की अपील की, ताकि यह कानून अगले शैक्षणिक सत्र से लागू हो सके। फ्रांस में नया स्कूल सत्र 1 सितंबर से शुरू होता है।
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मैक्रों ने लिखा, “हमारे बच्चों का दिमाग बिक्री के लिए नहीं है।” उनके मुताबिक, बच्चों की मानसिक और भावनात्मक सेहत को उन कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता, जिनका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना है।
सांसद ने सोशल मीडिया को बांटने वाला बताया
इस बिल को तैयार करने वाली सांसद लॉर मिलर ने कहा कि यह कानून समाज में एक साफ सीमा तय करेगा। उनका मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नुकसानरहित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स ने लोगों को जोड़ने का वादा किया था, लेकिन वे समाज को बांटने लगे हैं।
ऑस्ट्रेलिया लगा चुका है बैन
- फोटो : AI
सोशल मीडिया को बैन करने के प्रस्ताव में क्या है?
ऑस्ट्रेलिया लगा चुका है बैन
फ्रांस का यह कदम ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की राह पर है, जहां पिछले साल दिसंबर से ही ऐसा कानून लागू हो चुका है। यूरोप के अन्य देश जैसे डेनमार्क, ग्रीस, स्पेन और आयरलैंड भी इस दिशा में विचार कर रहे हैं। हाल ही में ब्रिटेन ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर परामर्श शुरू किया है।
यह भी पढ़ें: कौन है ये बैंगनी बालों वाली लड़की जिसपर बन रहे हैं खतरनाक मीम्स? रातों-रात बनी सोशल मीडिया स्टार
हालांकि, इससे पहले 2023 में फ्रांस में इसी तरह का कानून लाने की कोशिश नाकाम हो चुकी थी, क्योंकि अदालतों ने उसे यूरोपीय कानून के खिलाफ बताया था। इस बार बिल को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए दोबारा तैयार किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि सीनेट से भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी और सितंबर तक यह कानून लागू हो सकेगा।
- प्रस्तावित कानून के तहत, फ्रांस का मीडिया रेगुलेटर उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की सूची तैयार करेगा, जिन्हें बच्चों के लिए हानिकारक माना जाएगा। इन प्लेटफॉर्म्स पर 15 साल से कम उम्र के बच्चों का अकाउंट बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
- वहीं, कुछ कम नुकसानदेह माने जाने वाले प्लेटफॉर्म्स को माता-पिता की साफ मंजूरी के बाद ही बच्चों के लिए खोला जा सकेगा। इसके अलावा, सीनियर स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव शामिल है। जूनियर और मिडिल स्कूलों में यह नियम पहले से लागू है।
- अगर कानून लागू होता है, तो उम्र सत्यापन (एज वेरिफिकेशन) को लेकर भी व्यवस्था तय करनी होगी। फ्रांस में पहले से ही वयस्कों के लिए एडल्ट साइट्स पर उम्र जांच का सिस्टम मौजूद है।
ऑस्ट्रेलिया लगा चुका है बैन
फ्रांस का यह कदम ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की राह पर है, जहां पिछले साल दिसंबर से ही ऐसा कानून लागू हो चुका है। यूरोप के अन्य देश जैसे डेनमार्क, ग्रीस, स्पेन और आयरलैंड भी इस दिशा में विचार कर रहे हैं। हाल ही में ब्रिटेन ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर परामर्श शुरू किया है।
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हालांकि, इससे पहले 2023 में फ्रांस में इसी तरह का कानून लाने की कोशिश नाकाम हो चुकी थी, क्योंकि अदालतों ने उसे यूरोपीय कानून के खिलाफ बताया था। इस बार बिल को कानूनी अड़चनों से बचाने के लिए दोबारा तैयार किया गया है। सरकार को उम्मीद है कि सीनेट से भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी और सितंबर तक यह कानून लागू हो सकेगा।
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